आज के समय में
UPI डिजिटल ट्रांजेक्शन का अहम तरीका बन गया है, बड़े शहरों में लोग नकद खर्च करने के बजाय काफी हद तक डिजिटल पेमेंट पर ही निर्भर हो चुके हैं। भारत में रिक्शा चालक से लेकर सब्जी बेचने वाले तक यूपीआई डिजिटल ट्रांजेक्शन को स्वीकार करते हैं, देश के कोने-कोने में दूर दराज के इलाकों में भी डिजिटल ट्रांजेक्शन काम कर रहा है। ऐसे में अगर यूपीआई ट्रांजेक्शन थोड़े समय के लिए भी काम करने बंद कर दे या फिर रुक जाए तो बहुत मुश्किल आ जाती है। हाल ही में यूपीआई यूजर्स ने ट्रांजेक्शन फेल होने की शिकायत की, Paytm और Google Pay जैसी ऐप्स के जरिए पैसे भेजने और प्राप्त करने में परेशानी का सामना किया। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
यह इस हफ्ते में दूसरी बार है जब लोगों को डिजिटल ट्रांजेक्शन करने में परेशानी का सामना करना पड़ा, इससे पहले भी लोगों ने इसी प्रकार से ऑनलाइन पेमेंट करने में और प्राप्त करने में दिक्कत का सामना किया था। डाउनडिटेक्टर के
अनुसार, यूजर्स को शाम 7.30 बजे के करीब सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा था, क्योंकि उस दौरान आउटेज सबसे अधिक था, जिससे सैकड़ों ग्राहकों को परेशानी हुई। इस दौरान फंड ट्रांसफर करने में 51 प्रतिशत और पेमेंट करने में 49 प्रतिशत यूजर्स को दिक्कत हुई। फिलहाल आउटेज की वजह का पता नहीं चला है। हालांकि, यह इसी हफ्ते में हुए पिछले आउटेज जितना बड़ा नहीं था।
यूपीआई सिस्टम को मैनेज करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर बताया कि कुछ बैंकों में सक्सेस रेट में उतार-चढ़ाव के चलते यूपीआई में कुछ हद तक गिरावट आई। इन उतार-चढ़ावों ने यूपीआई नेटवर्क में लेटेंसी को बढ़ाया। NPCI उनके साथ मिलकर काम कर रहा है और यूपीआई स्टेबल है।
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) की सर्विस इस हफ्ते में दूसरी बार बंद हुईं। यूपीआई यूजर्स ने अपनी शिकायत करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया, जमकर अपनी निराशा जाहिर करते हुए कमेंट्स किए। यूजर्स ने बताया कि उनकी ट्रांजेक्शन फेल हुईं, रिफंड आने में देरी हुई और कई बार तो ऐप तक क्रैश हो गई (ऐप ने काम करना ही बंद कर दिया)।