LPG चूल्हे के विकल्प के तौर पर सोशल मीडिया पर एक नया इलेक्ट्रिक चूल्हा वायरल हो रहा है।
Photo Credit: X/@JoshiPralhad
LPG चूल्हे के विकल्प के तौर पर सोशल मीडिया पर नया इलेक्ट्रिक चूल्हा वायरल हो रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते दुनियाभर में ऊर्जा संकट जैसी स्थिति के आसार हैं। वहीं, भारत में भी लोग कई शहरों में LPG गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आते हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का एक पोस्ट वायरल हो रहा है। इसमें एक ऐसा चूल्हा दिखाया गया है जो बिजली को ही आग की लपटों में बदल देता है। यानी इसमें न LPG चाहिए, न PNG, और न ही यह इंडक्शन की तरह काम करता है। यह स्वयं बिजली को ही आग में बदल सकता है।
LPG चूल्हे के विकल्प के तौर पर सोशल मीडिया पर एक नया इलेक्ट्रिक चूल्हा वायरल हो रहा है। यह पोस्ट स्वयं कंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के X हैंडल से सामने आ रही है। इसमें उन्हें एक भारतीय कंपनी के ऐसे चूल्हे को दिखाया है जो चलता तो बिजली से है, लेकिन उसमें लपटें आग जैसी निकलती हैं। यह चूल्हा अब चर्चा का विषय बना हुआ है। मंत्री इस चूल्हे के बारे में जानकारी भी दी है कि यह कैसे काम करता है।
Yesterday, an Indian company demonstrated an imported stove that uses electricity to generate flame-like burners, similar to LPG, for cooking. I was truly impressed by this innovative technology and would like to see Indian manufacturers adopt and scale it domestically.
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) April 10, 2026
When… pic.twitter.com/AQaNePu9N4
मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पोस्ट में बताया कि उन्होंने एक आयातित चूल्हे का डेमो देखा, जो बिजली से आग की लपटें पैदा करता है और पारंपरिक एलपीजी कुकिंग से काफी मिलता-जुलता है। इस तकनीक से प्रभावित होकर उन्होंने भारतीय निर्माताओं से इसे अपनाने और घरेलू स्तर पर इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'कल एक भारतीय कंपनी ने आयातित स्टोव का प्रदर्शन किया जो खाना पकाने के लिए एलपीजी की तरह आग उत्पन्न करने वाले बर्नर बनाने के लिए बिजली का इस्तेमाल करता है। मैं इस इनोवेटिव तकनीक से वास्तव में प्रभावित हुआ और चाहूँगा कि भारतीय निर्माता इसे अपनाएँ और घरेलू स्तर पर इसका व्यापक उत्पादन करें।'
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आया है जब भारत में ऊर्जा संबंधी असुरक्षा पैदा होती दिख रही है। भारत अपनी लगभग 88 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति, लगभग आधी प्राकृतिक गैस और लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी की आपूर्ति के लिए दूसरे देशों पर निर्भर करता है। ऐसे में एलपीजी और पीएनजी का विकल्प ढूंढना समय की मांग बन जाता है।
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