10 में से 6 बच्चे ऑनलाइन साइबर रिस्क के संपर्क में!

साइबर सिक्योरिटी फर्म सुर्फशार्क (Surfshark) की एक रिसर्च से पता चला है कि 8 साल से 12 साल की उम्र के 10 में से छह बच्चे ऑनलाइन साइबर रिस्क में हैं।

10 में से 6 बच्चे ऑनलाइन साइबर रिस्क के संपर्क में!

बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम हर साल तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।

ख़ास बातें
  • 8 साल से 12 साल की उम्र के 10 में से छह बच्चे ऑनलाइन साइबर रिस्क में हैं।
  • बीते तीन सालों में अमेरिका में करीब 12 मिलियन बच्चे साइबर रिस्क में आए।
  • भारत और जापान ऐसे देश हैं जहां ऑनलाइन रिस्क को मैनेजमेंट कर सकता है।
विज्ञापन
साइबर सिक्योरिटी फर्म सुर्फशार्क (Surfshark) की एक रिसर्च से पता चला है कि 8 साल से 12 साल की उम्र के 10 में से छह बच्चे ऑनलाइन साइबर रिस्क में हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम हर साल तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और रिमोट स्कूलिंग में वृद्धि के साथ 2020 में इसमें 144 प्रतिशत की बढ़त हुई है। हर दो में से एक बच्चा साइबरबुलिंग का सामना करता है, जबकि लगभग एक-तिहाई फिशिंग या हैकिंग के शिकार हो रहे हैं। यूएस बीते तीन सालों में करीब 1.2 करोड़ बच्चे साइबर रिस्क में आए हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि बच्चों को इंटरनेट सिक्योरिटी के बारे में जानकारी देने से चीजों को रोका जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक एशिया-पेसिफिक देशों के बच्चों में हाई इनकम वाले देशों के मुकाबले में बेहतर ऑनलाइन रिस्क मैनेजमेंट स्किल हैं।

साइबर सिक्योरिटी कंपनी Surfshark के जरिए हाल ही में की गई एक स्टडी के मुताबिक, 8 साल से 12 साल की उम्र के 10 में से छह बच्चे ऑनलाइन साइबर रिस्क के संपर्क में हैं। दो में से एक बच्चा साइबर धमकी का शिकार है और लगभग एक तिहाई को फिशिंग या हैकिंग जैसे साइबर क्राइम से भी जूझना पड़ता है। बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम प्रति वर्ष 5 से 9 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। साल 2020 में रिमोट लर्निंग की लोकप्रियता के साथ यह 144 प्रतिशत बढ़ा है। बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम से होने वाला फाइेंशियल नुकसान 660,000 डॉलर यानी कि भारतीय करेंसी के हिसाब से करीब 50,313,400 रुपये हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बीते तीन सालों में अमेरिका में करीब 12 मिलियन बच्चे साइबर रिस्क में आए, 9 मिलियन साइबर धमकी से प्रभावित हुए और 6 मिलियन ने साइबर थ्रेट का सामना किया। थाईलैंड, फिलीपींस और तुर्की में बच्चों के लिए सबसे ज्यादा ऑनलाइन रिस्क लेवल है, वहीं जापान, इटली और स्पेन जैसे देशों में सबसे कम ऑनलाइन रिस्क लेवल है। भारत और जापान ऐसे देश हैं जहां ऑनलाइन रिस्क को मैनेजमेंट कर सकता है।

स्टडी से पता चलता है कि ऑनलाइन सेफ्टी एजुकेशन बच्चों को साइबरबुलिंग से निपटने, फिशिंग और अन्य साइबर खतरों से निपटने में मदद करती है। सऊदी अरब और उरुग्वे जैसे देशों में बच्चों के लिए बेसिक इंटरनेट सेफ्टी तक नहीं है। वहीं एशिया-पेसिफिक देशों जैसे कि भारत, मलेशिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में बच्चों के पास बच्चों के लिए ऑनलाइन रिस्क मैनेजमेंट स्किल है। स्टडी में बताया गया है कि भारत में ग्लोबल औसत के मुकाबले में 30 प्रतिशत मजबूत ऑनलाइन सेफ्टी एजुकेशन प्रोग्राम हैं। वहीं मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भारत से भी बेहतर ऑनलाइन सेफ्टी एजुकेशन प्रोग्राम हैं।

 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Cyber Crime, Cybersecurity, Surfshark
नित्या पी नायर

नित्या पी नायर को डिज़िटल पत्रकारिता में पांच साल से अधिक का ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Moto G37, Moto G37 Power पर लिमिटेड टाइम डील! यहां मिलेंगे ₹2 हजार तक सस्ते
  2. Vodafone Idea ने बढ़ाया 5G का दायरा, दक्षिण भारत के इन तीन नए शहरों में यूजर्स को सौगात!
  3. 20800mAh बैटरी के साथ Baseus ने लॉन्च किया 145W चार्जिंग वाला पावरबैंक, जानें कीमत
  4. Motorola लेटेस्ट फोन Moto G Max लॉन्च हुआ 5200mAh बैटरी, 200MP कैमरा के साथ, जानें कीमत और फीचर्स
  5. 10,001 mAh बैटरी वाला Realme लेटेस्ट फोन खरीदें 4 हजार से ज्यादा सस्ते में! यहां आया तगड़ा ऑफर
  6. भारत में अगले वर्ष तक दोगुनी हो सकती है इलेक्ट्रिक कारों की सेल्स
  7. Lenovo Yoga ईयरबड्स लॉन्च हुए 36 घंटे बैटरी, 40dB ANC के साथ, जानें कीमत
  8. Blackview ने 1000 ल्यूमेंस ब्राइटनेस के साथ लॉन्च किया प्रोजेक्टर PV1000 Max, घर को बनाएगा सिनेमा! जानें कीमत
  9. Honor Magic 9 सीरीज में मिल सकता है स्मार्ट डिजिटल पेन के लिए सपोर्ट
  10. YouTube में फिर लौटा पुराना, लेकिन बड़े काम का फीचर! ऐसे करें इस्तेमाल
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »