एक भारतीय छात्र को कॉलेज असाइनमेंट के दौरान गूगल क्लाउड इस्तेमाल करने पर लगभग एक लाख रुपये का बिल मिला। छात्र ने दावा किया कि उसने सिर्फ वही किया जो कॉलेज ने लैब वर्क के लिए कहा था।
Photo Credit: Unsplash/ Tim Gouw
कई बार कॉलेज प्रोजेक्ट सिर्फ नींद ही नहीं उड़ाते, बल्कि जेब पर ऐसा वार कर देते हैं जिसकी किसी को उम्मीद भी नहीं होती। एक भारतीय छात्र के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, जिसे अपने कॉलेज असाइनमेंट के लिए गूगल क्लाउड इस्तेमाल करने को कहा गया था। आमतौर पर कॉलेज प्रोजेक्ट में केवल स्टेशनरी जैसे मामूली खर्च होते हैं, लेकिन इस छात्र को करीब एक लाख रुपये का झटका लगा। छात्र का कहना है कि उसने वही किया जो कॉलेज ने कहा, फिर भी अब गूगल की तरफ से भारी भरकम बिल उसके मेलबॉक्स में लगातार ड्रॉप हो रहा है। इस घटना ने स्टूडेंट कम्युनिटी में एक तरह की घबराहट भी पैदा कर दी है, क्योंकि क्लाउड सर्विसेज का इस्तेमाल अब लगभग हर टेक कोर्स में आम हो चुका है।
छात्र का नाम गिरिश नाईक (ConceptPretty7717) है, जिसने रेडिट के सबरेडिट ‘developersIndia' पर अपनी पूरी कहानी शेयर की। स्टूडेंट का कहना है कि पिछले सेमेस्टर में कॉलेज ने सभी छात्रों को GCP यानी गूगल क्लाउड प्लेटफॉर्म का अकाउंट बनाने और बिलिंग मेथड जोड़ने को कहा था। गिरिश का दावा है कि उन्होंने सिर्फ वही टास्क किया जो लैब वर्क के लिए बताया गया था। लेकिन अब अचानक उन्हें मेल आ रहे हैं कि उन पर लगभग 98,940.76 रुपये बकाया हैं।
गिरिश के मुताबिक, हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अमेरिका की एक कलेक्शन एजेंसी भी उन्हें ‘पास्ट ड्यू बैलेंस' के नोटिस भेज रही है। गिरिश ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि उन्होंने कॉलेज से मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी वजह से उन्होंने रेडिट पर पूछा कि क्या यह बिल वाकई उन पर लागू होता है, या फिर यह किसी तरह की बिलिंग गलती है। उन्होंने यह भी पूछा कि ऐसे मामलों में सबसे अच्छा तरीका क्या है - सपोर्ट से बात करना, वेवर मांगना या सीधे डिस्प्यूट दर्ज कराना।
रेडिट पर कमेंट करने वालों ने तरह-तरह की सलाहें दीं। कई यूजर्स ने कहा कि उन्हें गूगल सपोर्ट से संपर्क कर वेवर मांगना चाहिए। कुछ लोगों ने दावा किया कि AWS जैसी दूसरी क्लाउड कंपनियों में भी स्टूडेंट्स के साथ ऐसे मामले पहले हो चुके हैं, और अक्सर बड़े चार्ज माफ कर दिए जाते हैं। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि हो सकता है गिरिश किसी सर्विस को बंद करना भूल गए हों, जो बैकग्राउंड में लगातार चलती रही और बिल बढ़ता गया।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Samsung Galaxy Z Fold 8 में मिल सकता है 7.6 इंच मेन डिस्प्ले, जल्द लॉन्च की तैयारी
Flipkart GOAT vs Amazon Prime Day Sale 2026: 4 जुलाई से शुरू होगी दोनों सेल, यहां जानें सब कुछ
9 JBL स्पीकर्स और 10,200mAh बैटरी वाला Lenovo Tab Plus Gen 2 भारत में लॉन्च, जानें कीमत