Siemens layoffs: 5 हजार कर्मचारियों को निकालेगी जर्मन टेक कंपनी

यह छंटनी ग्लोबल लेवल पर की जाएगी।

Siemens layoffs: 5 हजार कर्मचारियों को निकालेगी जर्मन टेक कंपनी

Photo Credit: istock/SARINYAPINNGAM

जर्मन टेक ग्रुप Siemens ने वर्कफोर्स में कटौती की घोषणा की है।

ख़ास बातें
  • ये छंटनियां फैक्ट्री ऑटोमेशन क्षेत्र में की जाएंगी।
  • यह छंटनी ग्लोबल लेवल पर की जाएगी।
  • कंपनी के मुनाफे में 46 प्रतिशत की कमी आई है।
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जर्मन टेक ग्रुप Siemens ने वर्कफोर्स में कटौती की घोषणा की है। कंपनी 5 हजार के लगभग कर्मचारियों को कंपनी से निकाल सकती है। यह छंटनी ग्लोबल लेवल पर की जाएगी। ये छंटनियां फैक्ट्री ऑटोमेशन क्षेत्र में की जाएंगी। कर्मचारियों को कम करने के कदम के पीछे कंपनी का मकसद मार्केट में चल रहे संघर्ष से मुकाबला करना है। कंपनी के सीईओ रोलेंड बुश ने गुरूवार को इन छंटनियों की घोषणा की थी। 

Siemens अपने कर्मचारियों की संख्या को 5 हजार तक घटाने जा रही है। सीईओ बुश का कहना है कि कई बार री-इंजीनियरिंग करना भी जरूरी हो जाता है जब विकास उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रहा हो। Reuters के मुताबिक, सीमेंस ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि कंपनी के मुनाफे में 46 प्रतिशत की कमी आई है। यह घाटा फ्लैगशिप डिजिटल इंडस्ट्रीज डिवीजन में बताया गया है। हालांकि कंपनी कुल कितनी जॉब्स को कम करेगी इसके बारे में सटीक संख्या अभी नहीं बताई गई है। लेकिन मैनेजमेंट ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी में रणनीति आधारित एडजस्टमेंट्स होना तय है और इसकी इस वक्त सबसे ज्यादा आवश्यकता है।  

कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024 की चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। इनमें टेक दिग्गज ने वैश्विक भू-राजनीतिक और व्यापक आर्थिक चुनौतियों के प्रभाव पर रोशनी डाली है। लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने रिपोर्ट किया है कि उसने प्रॉफिट इंडस्ट्रियल बिजनेस में बेहतर प्रदर्शन किया है। कंपनी ने 3.1 अरब यूरो का बिजनेस किया है जिसमें उसे 15.5% का प्रॉफिट मार्जन मिला। 

सीईओ बुश ने आगे कहा कि यह साल भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का साल रहा है। अमेरिका में हुए चुनाव और जर्मनी में जो राजनीतिक स्थिति चल रही है उसके मद्देनजर अभी इस तरह का संघर्ष आगे भी कंपनी के लिए चलता रह सकता है। 

सीमेंस को आने वाले साल यानी 2025 में केवल मामूली व्यापक आर्थिक बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। व्यापार का संघर्ष, ओवर कैपिसिटी और घटती कंज्यूमर डिमांड मेन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए खतरा पैदा कर रही है। कंपनी का कहना है कि वह लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर फोकस कर रही है जिसके लिए वह वर्कफोर्स को कम करके मार्केट में अपनी स्थिति को बैलेंस करने की कोशिश कर रही है। 
 
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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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