Microsoft ने मानी गलती, 25 करोड़ यूज़र्स के डेटा में हुई सेंधमारी

Microsoft के इस रिकॉर्ड में 2005 से दिसंबर 2019 तक यानी 14 साल के समय अंतराल में हुई बातचीत की लॉग फाइल शामिल थी। कंपनी ने सभी यूज़र्स से माफी मांगी और इस गलती से सीख लेते हुए भविष्य में ऐसी चूक ना होने का आश्वाशन भी दिया है।

Microsoft ने मानी गलती, 25 करोड़ यूज़र्स के डेटा में हुई सेंधमारी

Microsoft ने डेटाबेस में हुई इस चूक को 31 दिसंबर 2019 को ठीक कर दिया है

ख़ास बातें
  • Microsoft से यह चूक 5 दिसंबर 2019 को हुई थी
  • लीक हुए रिकॉर्ड में 14 साल की बातचीत की लॉग फाइल शामिल थी
  • माइक्रोसॉफ्ट ने इस गलती को 31 दिसंबर 2019 को ठीक करने का दावा किया है
विज्ञापन
Microsoft ने स्वीकार किया है कि लगभग 250 मिलियन (25 करोड़) ग्राहकों के सर्विस रिकॉर्ड "आंतरिक ग्राहक सहायता डेटाबेस की गलतफहमी" के कारण खतरें में पड़ गए हैं। इन रिकॉर्ड में दुनिया भर के ग्राहकों और माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों के बीच सपोर्ट केस के मामले होने वाली बातचीत का डेटा शामिल था। सभी Microsoft ग्राहकों के डेटा को ओपन छोड़ दिया गया था और इसे वेब ब्राउज़र से एक्सेस किया जा सकता था। इस डेटा को बिना पासवर्ड के या बिना किसी प्रमाणीकरण की आवश्यकता के कोई भी एक्सेस कर सकता था। इस चूक को सबसे पहले बॉब डियाचेंको की कंपेरिटेक सिक्योरिटी रीसर्च टीम ने रिपोर्ट किया था।

Microsoft में कॉर्पोरेट उपाध्यक्ष, साइबरस्पेस सोल्यूशन ग्रुप ने इस चूक पर दिए बयान में गलती को माना है और यह भी आश्वाशन दिया है कि इसमें किसी भी व्यक्ति के निजी डेटा का दुर्उपयोग नहीं हुआ है। माइक्रोसॉफ्ट द्वारा की गई जांच में पाया गया है कि डेटाबेस की नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप में 5 दिसंबर, 2019 को किए गए बदलाव में गलती से एक गलत सुरक्षा नियम लगा दिया गया था, जिसके कारण डेटा खुलेआम उपलब्ध हो गया था। कंपनी का कहना है कि इस चूक को 31 दिसंबर 2019 को ठीक कर दिया गया है और डेटाबेस को अब सुरक्षित बना दिया गया है।

इस रिकॉर्ड में 2005 से दिसंबर 2019 तक यानी 14 साल के समय अंतराल में हुई बातचीत की लॉग फाइल शामिल थी। कंपनी ने सभी यूज़र्स से माफी मांगी और इस गलती से सीख लेते हुए भविष्य में ऐसी चूक ना होने का आश्वाशन भी दिया है। कंपनी ने बॉब डियाचेंको इस गलती को ठीक करने में मदद करने के लिए धन्यवाद भी दिया है।

यह माइक्रोसॉफ्ट की डेटा सुरक्षा से संबंधित पहली चूक नहीं है। इससे पहले 2013 में हैकर्स ने कंपनी के गुप्त डेटाबेस में सेंध लगाई थी। यह डेटाबेस कंपनी के सॉफ्टवेयर में समस्या को ट्रैक करने वाली जानकारी का रिकॉर्ड रखता था। इसके बाद जनवरी से मार्च 2019 के बीच हैकर्स ने एक माइक्रोसॉफ्ट सपोर्ट एजेंट का अकाउंट हैक कर लिया था। इसके अलावा कंपनी ने पहले कुछ आउटलुक यूज़र्स के डेटा में सेंध होने की आशंका को भी माना है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. OnePlus 16 में 185Hz के रिफ्रेश रेट के साथ मिल सकता है BOE डिस्प्ले
  2. Vivo X Fold 6 के जल्द लॉन्च की तैयारी, नए Blue Hole कलर का होगा ऑप्शन
  3. AI से चलेंगे, सेल्फ क्लीन भी करेंगे! Dreame ने भारत में लॉन्च किए 2 नए वैक्यूम क्लीनर
  4. Redmi K90 Ultra में मिल सकता है Snapdragon 8 Elite चिपसेट, बिल्ट-इन कूलिंग फैन
  5. क्रिप्टो मार्केट को मिला कॉरपोरेट इनवेस्टर्स से सपोर्ट, बिटकॉइन का प्राइस 66,000 डॉलर से ज्यादा
  6. LYNE Startup 87 पावर बैंक लॉन्च, 10 हजार mAh की दमदार बैटरी, मिनटों में चार्ज होंगे मोबाइल फोन
  7. यूथ कर रहे डोपामाइन साइट से खरीदारी, जितनी मर्जी करो शॉपिंग, नहीं आएगा कोई भी खर्च
  8. Telegram Blocked in India: NEET Exam को लेकर सरकार का एक्शन! Message Editing फीचर भी बंद
  9. 50 मेगापिक्सल कैमरा के साथ Tecno Spark 50 Pro पेश, Helio G100 Ultimate के साथ गजब हैं फीचर्स
  10. Samsung Galaxy Book6 Edge लैपटॉप स्नैपड्रैगन X2 एलीट के साथ लॉन्च, जानें खासियतें
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »