• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • अब आसमान से ऑर्डर पर गिरेगी बिजली, जापान ने बना दिया खतरनाक ड्रोन; देखें वीडियो

अब आसमान से ऑर्डर पर गिरेगी बिजली, जापान ने बना दिया खतरनाक ड्रोन; देखें वीडियो

NTT का कहना है कि इस ड्रोन को खासतौर पर डिजाइन किया गया है ताकि यह आसमान में 300 मीटर की ऊंचाई तक उड़ सके, यानी उस लेवल तक जहां बादलों के नीचे बिजली बनने की संभावना होती है।

अब आसमान से ऑर्डर पर गिरेगी बिजली, जापान ने बना दिया खतरनाक ड्रोन; देखें वीडियो

Photo Credit: Unsplash

Representative Image

ख़ास बातें
  • जापान में ड्रोन से बिजली गिराने का पहला सफल प्रयोग
  • बिजली को आबादी से दूर तय जगह पर डायरेक्ट किया गया
  • भविष्य में इस तकनीक से बिजली भी बनाई जा सकती है
विज्ञापन
जापान के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा ड्रोन तैयार किया है, जो जरूरत पड़ने पर आसमान से बिजली गिरा सकता है और वो भी मनचाही जगह। यह अनोखा प्रयोग निपॉन टेलीग्राफ एंड टेलीफोन कॉर्पोरेशन, यानी NTT की टीम ने किया है, जिसमें पहली बार किसी ड्रोन से लाइटनिंग स्ट्राइक को ट्रिगर और डायरेक्ट करने में सफलता मिली है। इस टेक्नोलॉजी का मकसद न सिर्फ बिजली गिरने से होने वाले नुकसान को रोकना है, बल्कि लंबे समय में इससे बिजली पैदा करने के ऑप्शन भी देखे जा रहे हैं।
 

कैसे काम करता है यह सिस्टम

NTT का कहना है कि इस ड्रोन को खासतौर पर डिजाइन किया गया है ताकि यह आसमान में 300 मीटर की ऊंचाई तक उड़ सके, यानी उस लेवल तक जहां बादलों के नीचे बिजली बनने की संभावना होती है। ड्रोन में एक कंडक्टिव वायर लगा होता है, जो जमीन से जुड़ा रहता है। जैसे ही ये एक्टिवेट किया जाता है, ये बिजली को आकर्षित करता है और स्ट्राइक को उस वायर के जरिए जमीन तक ले आता है, वो भी किसी आबादी से दूर तयशुदा लोकेशन पर।

यह प्रयोग दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच जापान के हमादा सिटी में किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि NTT के मुताबिक, इस ड्रोन पर बिजली भी गिरी, लेकिन खास डिजाइन की वजह से सिर्फ बाहरी प्रोटेक्टिव फ्रेम को हल्का नुकसान हुआ। डिवाइस पूरी तरह कंट्रोल में रहा।

नीचे वीडियो में देखा जा सकता है कि यह कैसे काम करता है;
 

क्या है इसका फायदा

इस टेक्नोलॉजी से दो बड़े फायदे हो सकते हैं। पहला, शहरी इलाकों में बिजली गिरने से जो नुकसान होता है, जैसे पावर ग्रिड जलना, मोबाइल टावर फेल होना या जान-माल का नुकसान उसे रोका जा सकेगा। दूसरा, आने वाले समय में वैज्ञानिक यह भी टेस्ट कर सकते हैं कि इस कंट्रोल्ड लाइटनिंग को कैसे एनर्जी में बदला जाए। हालांकि, अभी यह सिर्फ एक शुरुआती प्रयोग है।

NTT ने बताया कि आने वाले महीनों में और भी टेस्टिंग की जाएगी और इस टेक्नोलॉजी को पावर स्टेशनों, एयरपोर्ट्स और बड़े इंडस्ट्रियल हब्स के पास लगाया जा सकता है ताकि बिजली से सुरक्षा मिल सके।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: NTT, Lightning Drone, drone
नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Ola की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में 2,000 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी
  2. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, मेटल का होगा फ्रेम 
  3. Samsung Galaxy M47 हुआ गीकबेंच पर लिस्ट, 8GB रैम, Snapdragon चिप का खुलासा
  4. 25 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का 4 कैमरों वाला फोन! धांसू डिस्काउंट ऑफर
  5. पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
  6. Moto G37 और Moto G37 Power जल्द होंगे भारत में लॉन्च, Flipkart के जरिए होगी बिक्री
  7. Amazon पर AI बनाएगा शॉपिंग आसान, सुझाव से तुलना तक बोलकर होगा सबकुछ!
  8. Tesla ने बेंगलुरु में खोला पहला शोरूम, ऑफ्टर सेल्स सपोर्ट होगी मजबूत 
  9. HMD Vibe 2 5G में मिल सकता है Unisoc T8200 चिपसेट, लीक हुई प्राइसिंग
  10. PUBG के बाद अब ARC Raiders गेम का जलवा, बिक्री पहुंची 1.6 करोड़ पार!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »