मौजूदा 5G की तुलना में 6G नेटवर्क की कैपेसिटी पांच गुणा तक ज्यादा हो सकती है। डेटा स्पीड और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से AI, होलोग्राफिक वीडियो, एजुकेशन, हेल्थकेयर और अन्य डिजिटल सर्विसेज की बैडविद्थ भी बढ़ जाएगी
देश की इस सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी ने 6G के लिए Giga MIMO Radio को भी प्रदर्शित किया है
देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio की 6G नेटवर्क को लाने की योजना है। मुकेश अंबानी के Reliance Group की इस कंपनी का कहना है कि 6G सर्विसेज को लॉन्च करने वाले शुरुआती देशों में भारत शामिल हो सकता है। देश के बड़े हिस्से में 5G नेटवर्क मौजूद है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) में रिलायंस जियो ने अपने प्रॉपराइटरी प्री-6G स्टैक और Giga MIMO Radio को प्रदर्शित करने के साथ 6G के लिए अपनी तैयारी का संकेत दिया है। बड़ी संख्या में मोबाइल सब्सक्राइर्स रखने वाली इस कंपनी ने बताया कि 2030 में इन सर्विसेज के लिए इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स को फाइनल किए जाने के बाद 6G सर्विसेज को लॉन्च करने वाले शुरुआती देशों में भारत शामिल हो सकता है।
मौजूदा 5G नेटवर्क की तुलना में 6G नेटवर्क की कैपेसिटी पांच गुणा तक ज्यादा हो सकती है। डेटा स्पीड और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), होलोग्राफिक वीडियो, एजुकेशन, हेल्थकेयर और अन्य डिजिटल सर्विसेज की बैडविद्थ भी बढ़ जाएगी। रिलायंस जियो ने 6G के लिए Giga MIMO Radio को भी प्रदर्शित किया है। कंपनी का दावा है कि यह देश का पहला Giga MIMO Radio है। इसके साथ ही कंपनी ने एक बेसबैंड यूनिट भी पेश की है जो 5G और 6G दोनों को सपोर्ट कर सकता है। रिलायंस जियो ने बताया है कि उसने 8,000 से अधिक पेटेंट दाखिल किए हैं। इनमें 6G से जुड़े सैंकड़ों पेटेंट्स भी शामिल हैं।
रिलायंस जियो को उम्मीद है कि 6G से AI-पावर्ड सर्विसेज में सुधार हो होगा। IMC में कंपनी ने डॉक्टरों, छात्रों और किसानों के लिए संभावित AI ऐप्लिकेशंस के बारे में भी जानकारी दी है। रिलायंस जियो की 'सॉवरेन सैटेलाइट कनेक्टिविटी' के टाइटल वाला सैटेलाइट कनेक्टिविटी नेटवर्क लाने की भी योजना है। इसमें लगभग 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स और 23 ग्राउंड स्टेशंस का कॉन्स्टेलेशन शामिल होगा। अमेरिकी ट्रिलिनेयर Elon Musk की सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराने वाली Starlink ने भी देश में रिलायंस जियो के साथ एग्रीमेंट किया है। हालांकि, स्टारलिंक ने अपनी सर्विस के लॉन्च में देरी को लेकर केंद्र सरकार से नाराजगी भी जताई है। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के तहत आने वाली सिक्योरिटी एजेंसियों ने कुछ महीने पहले देश में स्टारलिंक की सर्विस शुरू करने के लिए अंतिम मंजूरी को रोक दिया था।
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