सरकार का YouTube को फेक न्यूज फैलाने वाले 3 चैनलों को ब्लॉक करने का निर्देश

PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने इन चैनलों को सरकारी संस्थानों और योजनाओं से जुड़ी फेक न्यूज फैलाने वाला बताया था

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 21 दिसंबर 2022 17:07 IST
ख़ास बातें
  • PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने इन चैनलों को फेक न्यूज फैलाने वाला कहा था
  • इन चैनलों पर सरकार के खिलाफ फेक न्यूज दी जा रही थी
  • इससे पहले भी सरकार ने लोगों को भ्रमित करने वाले चैनलों पर रोक लगाई है

ये चैनल सरकरी संस्थानों से जुड़ी फेक न्यूज से लोगों को भ्रमित कर रहे थे

केंद्र सरकार ने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube से फेक न्यूज फैलाने और झूठे दावे करने वाले तीन चैनलों को ब्लॉक करने के लिए कहा है। इन तीन चैनलों को प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने सरकारी संस्थानों से जुड़ी फेक न्यूज फैलाने वाला बताया था। 

एक आधिकारिक सूत्र ने बुधवार को बताया, "इनफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री ने यूट्यूब को तीन चैनलों Aaj Tak Live, News Headlines और Sarkari Updates को हटाने के लिए कहा है।" इसके साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि Aaj Tak Live का India Today Group के साथ जुड़ाव नहीं है। ये चैनल टीवी न्यूज चैनलों के थंबनेल्स और उनके एंकर्स की इमेजेज का इस्तेमाल लोगों को भ्रमित कर फेक न्यूज फैलाने के लिए कर रहे थे। 

PIB के फैक्ट चेक हैंडल ने ट्वीट कर बताया था, "एक यूटयूब चैनल 'News Headlines' को प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट, देश के चीफ जस्टिस और चुनाव आयोग के खिलाफ फेक न्यूज फैला रहा है।" इस यूट्यूब चैनल पर "देश के चीफ जस्टिस के आदेश के बाद चुनावों को मतदान पत्र के जरिए कराने" और उत्तर प्रदेश विधानसभा की 131 सीटों पर दोबारा चुनाव होने जैसी फेक न्यूज फैलाने का आरोप है। इससे पहले इसने यह भी दावा किया था कि रोड ट्रांसपोर्ट और हाइवेज मिनिस्टर नितिन गडकरी ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है और वह कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। 

हाल ही में यूट्यूब ने बताया था कि उसने प्लेटफॉर्म की कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने की वजह से लगभग 56 लाख वीडियोज को हटाया है। PIB की फैक्ट चेकिंग टीम केंद्र सरकार की ओर से मीडिया को जानकारी देती है। यह सोशल मीडिया और उससे जुड़े चैनलों पर फेक न्यूज की पहचान कर लोगों को उसके खिलाफ चेतावनी देती है। YouTube ने जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान भारत में 17 लाख से ज्यादा वीडियो कंपनी की कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने की वजह से हटाए हैं। इसके अलावा गाइडलाइंस के उल्लंघन से जुड़े 73.7 करोड़ से अधिक कमेंट्स को हटाया गया है। यूट्यूब के डेटा से पता चलता है कि लगभग 99 प्रतिशत कमेंट्स को इस प्लेटफॉर्म के ऑटोमेटेड सिस्टम की ओर से मिली चेतावनी के बाद और बाकी को यूजर्स के आपत्ति जताने पर हटाया गया था। 

 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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