सरकार की सख्ती के बाद सभी डीलिस्टेड भारतीय ऐप्स को बहाल करेगी Google

गूगल का दावा है कि इन ऐप डिवेलपर्स ने उसकी सर्विसेज लेने के लिए प्ले स्टोर की फीस का भुगतान नहीं किया था

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 5 मार्च 2024 19:23 IST
ख़ास बातें
  • केंद्र सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप किया था
  • इनमें Unacademy, Kuku FM और Info Edge के ऐप्स शामिल हैं
  • इन कंपनियों की दलील है कि गूगल अपनी सर्विसेज के लिए भारी फीस वसूलती है

इन ऐप्स को इन-ऐप पेमेंट गाइडलाइंस का पालन नहीं करने के लिए हटाया गया था

अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Google ने अपने Play Store पर डीलिस्ट की गई सभी भारतीय ऐप्स को बहाल करने पर सहमति दी है। इन ऐप्स को इन-ऐप पेमेंट गाइडलाइंस का पालन नहीं करने के लिए हटाया गया था। केंद्र सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को इस विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत करने का सुझाव दिया था। 

टेलीकॉम एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर, Ashwini Vaishnaw ने बताया है, "गूगल और स्टार्टअप्स की मेरे साथ मीटिंग हुई है। गूगल ने सभी ऐप्स को बहाल करने पर सहमति दी है।" इन ऐप्स को डीलिस्ट करने को लेकर सरकार ने कड़ा रुख दिखाया था। अश्विनी ने कहा था कि गूगल को इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि गूगल और स्टार्टअप्स आगामी महीनों में इसका लंबी-अवधि का समाधान निकालने में सफल होंगे।" 

गूगल का दावा है कि इन ऐप डिवेलपर्स ने उसकी सर्विसेज लेने के लिए प्ले स्टोर की फीस का भुगतान नहीं किया था। इस वजह से इन्हें गूगल के Android ऐप मार्केटप्लेस से हटाया गया है। कुछ कंपनियों ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर कर गूगल के प्ले स्टोर की बिलिंग पॉलिसी को चुनौती दी थी। इन कंपनियों की दलील है कि गूगल अपनी सर्विसेज के लिए भारी फीस वसूलती है। गूगल की ओर से किसी पेड ऐप के प्रति डाउनलोड पर 11 प्रतिशत से 26 प्रतिशत तक सर्विस फीस लगाई जाती है। इसके अलावा ऐप में की गई खरीदारी पर भी फीस ली जाती है। 

इन कंपनियों में Unacademy, Kuku FM और Info Edge शामिल हैं। NDTV Profit की रिपोर्ट के अनुसार, हाई कोर्ट ने इस अपील को खारिज कर दिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन कंपनियों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करने की सहमति दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने प्ले स्टोर से इन कंपनियों की ऐप्स को डीलिस्ट न करने के लिए गूगल को कोई इंटरिम ऑर्डर देने से इनकार कर दिया था। इन कंपनियों ने गूगल को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के 19 मार्च को विशेष अनुमति याचिका की सुनवाई करने तक ऐप्स को डीलिस्ट नहीं करने का निवेदन किया था। इस पर गूगल का कहना था, "वर्षों से किसी कोर्ट या रेगुलेटर ने गूगल के प्ले स्टोर की सर्विस के लिए फीस लेने के अधिकार को मना नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी 9 फरवरी को ऐसा करने के हमारे अधिकार में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया था। इसने बताया है कि देश में केवल 60 ऐप डिवेलपर्स ने 15 प्रतिशत से अधिक फीस ली जा रही है। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Technology, Demand, Google, Policy, Market, System, Play Store, Apps, Government, Court, Fees

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Pluto को फिर मिलेगा ग्रह का दर्जा? 10 साल की बच्ची की अपील ने मचाई हलचल
#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple के फोल्डेबल आईफोन का लीक हुआ डिजाइन, 5,800mAh हो सकती है बैटरी
  2. Pluto को फिर मिलेगा ग्रह का दर्जा? 10 साल की बच्ची की अपील ने मचाई हलचल
  3. OnePlus Ace 6 Ultra में मिल सकता है MediaTek Dimensity 9000, जल्द लॉन्च की तैयारी
  4. आपका Samsung फोन है? यहां चेक करें One UI 8.5 Beta मिलेगा या नहीं
  5. Infinix Note 60 Pro में मिलेगा 6.78 इंच AMOLED डिस्प्ले, 3 कलर्स के ऑप्शन
  6. Lyne Originals ने लॉन्च किए नए स्मार्टवॉच, ईयरफोन्स और स्पीकर्स, कीमत 399 रुपये से शुरू
  7. Vivo T5 Pro 5G की कीमत का खुलासा, स्नैपड्रैगन 7s जेन 4 चिपसेट से होगा लैस, जानें सबकुछ
  8. BSNL ने पलटा गेम! इंटरनेट स्पीड और परफॉर्मेंस में Airtel और Jio को दी मात
  9. Instagram लाया बड़े काम का फीचर, अब कमेंट भी होगा एडिट, जानें कैसे
  10. Whirlpool ने लॉन्च किए नए रेफ्रिजरेटर, अपने आप पिघलेगी बर्फ, जानें कैसे हैं फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.