Google Chrome में आया जबरदस्त फीचर! अब छुपा सकते हैं अपनी असल लोकेशन, जानें कैसे

Google के अनुसार, एंड्रॉयड के लिए क्रोम में अब यूजर्स के पास लोकेशन शेयरिंग के लिए दो विकल्प उपलब्ध होंगे।

Google Chrome में आया जबरदस्त फीचर! अब छुपा सकते हैं अपनी असल लोकेशन, जानें कैसे

Photo Credit: Google

Google ने नया फीचर Chrome यूजर्स के लिए दिया है जो सबसे पहले एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा।

ख़ास बातें
  • अब यूजर्स के पास लोकेशन शेयरिंग के लिए दो विकल्प उपलब्ध होंगे
  • क्रोम में अब आसपास की लोकेशन भी शेयर की जा सकती है
  • यूजर को लोकेशन के लिए Precise और Approximate का विकल्प मिलेगा
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Google Chrome में एक धांसू फीचर आ गया है, जो यूजर्स को तगड़ी प्राइवेसी देता है। अब यूजर्स को अपनी सटीक लोकेशन शेयर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आप किसी को अपनी लोकेशन नहीं बताना चाहते हैं तो आसपास की लोकेशन भी शेयर की जा सकती है जो कि एक बड़ा अपडेट है। इससे उन वेबसाइट्स के लिए यूजर को ज्यादा कंट्रोल मिलता है जो यूजर से उसकी लोकेशन मांगती हैं। यानी लोकेशन बेस्ड सर्विसेज उपलब्ध करवाने वाली वेबसाइट्स को अब आप अपने आसपास की लोकेशन का एक्सेस दे सकते हैं, सटीक लोकेशन को गोपनीय रखा जा सकता है। 

Google ने नया फीचर Chrome यूजर्स के लिए दिया है जो सबसे पहले एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा। Google ने ब्लॉग पोस्ट में बताया कि Chrome यूजर्स के पास अब यह तय करने का अधिकार होगा कि कोई लोकेशन वेबसाइट उनकी असल लोकेशन को एक्सेस कर सकती है या नहीं। यानी अब प्रीसाइज लोकेशन शेयर करने की बाध्यता खत्म हो गई है। आप अपने आस पड़ोस की लोकेशन देकर भी काम चला सकते हैं। Chrome for Android में यह फीचर पहले आया है जिसके बाद इसे डेस्कटॉप यूजर्स के लिए भी उपलब्ध करवाया जाएगा। 

कैसे करें इस्तेमाल 
Google के अनुसार, एंड्रॉयड के लिए क्रोम में अब यूजर्स के पास लोकेशन शेयरिंग के लिए दो विकल्प उपलब्ध होंगे। जब कोई वेबसाइट लोकेशन डेटा एक्सेस करने की अनुमति मांगती है तो यूजर को Precise और Approximate का विकल्प मिलेगा। यहां पर यह यूजर की चॉइस होगी कि वह कौन सी लोकेशन देना चाहता है। वहीं, एग्जेक्ट लोकेशन शेयरिंग भी मौजूद रहेगी जो कई जरूरी कामों जैसे नेविगेशन, डिलीवरी, ट्रैकिंग, नियरबाय सर्विसेज के लिए इस्तेमाल की जाती है। 

ऐसी वेबसाइट्स जो एक साधारण लोकेशन की मांग करती हैं उन्हें देने के लिए आपके पास Approximate Location का विकल्प होगा। इसमें कई सर्विसेज जैसे वैदर अपडेट, क्षेत्रीय खबरें, AQI आदि शामिल की जा सकती हैं। कुल मिलाकर यूजर के पास विकल्प होगा कि वह अपनी एग्जेक्ट लोकेशन शेयर नहीं करना चाहता तो पास की लोकेशन दे सकता है। कंपनी का कहना है कि इससे डेटा शेयरिंग में पारदर्शिता आएगी। लोकेशन बेस्ड सर्विसेज में अब अनचाही ट्रैकिंग से बचा जा सकता है। जीपीएस पॉइंट की बजाए एक साधारण एरिया शेयर किया जा सकता है। 
 

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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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