ऑनलाइन ऐडवर्टाइजिंग में मोनोपॉली पर Google के खिलाफ शुरू हुआ मुकदमा

इस मामले में अभियोजन पक्ष का कहना है कि गूगल ने वेबसाइट्स पर न्यूज के फ्लो और फंड्स पर बड़ा एकाधिकार रखा है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 9 सितंबर 2024 23:44 IST
ख़ास बातें
  • पिछले महीने एक कोर्ट ने कहा था कि गूगल ने एंटी-ट्रस्ट कानून को तोड़ा है
  • कंपनी ने इस आरोप को गलत बताया है
  • गूगल ने कहा कि यह कस्टमर्स को सर्विस देने की उसकी कोशिशों में रुकावट है

इस मामले में आरोप है कि गूगल ने वेबसाइट्स पर न्यूज के फ्लो और फंड्स पर एकाधिकार रखा है

इंटरनेट सर्च इंजन Google के खिलाफ ऑनलाइन ऐडवर्टाइजिंग में प्रतिस्पर्धा को दबाने के आरोप में अमेरिका में सोमवार को मुकदमा शुरू हुआ। इस मामले में अभियोजन पक्ष का कहना है कि गूगल ने वेबसाइट्स पर न्यूज के फ्लो और फंड्स पर बड़ा एकाधिकार रखा है। यह प्रति सेकेंड लगभग 1.5 लाख ऑनलाइन ऐड सेल्स करती है। 

यह मामला बड़ी टेक कंपनियों की ओर से मजबूत स्थिति का गलत इस्तेमाल करने को रोकने के प्रयास के लिए महत्वपूर्ण है। अभियोजना पक्ष ने कहा है कि गूगल ने वेबसाइट ऐडवर्टाइजिंग टूल्स पर मोनोपॉली के लिए एक्विजिशंस के जरिए एक जटिल योजना बनाई है। हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों से इनकार किया है। गूगल को चलाने वाली Alphabet का कहना है कि इससे उसकी टेक्नोलॉजी और कस्टमर्स को सर्विस देने की कोशिशों में रुकावट डाली जा रही है। कंपनी ने कहा है कि अभियोजन पक्ष ने इसे अनदेखा किया है कि ऑनलाइन ऐडवर्टाइजिंग मार्केट ऐप्स और कनेक्टेड TV की ओर शिफ्ट हो रहा है, जिसमें गूगल कड़े कॉम्पिटिशन का सामना करती है। 
Advertisement

पिछले महीने अमेरिका के एक कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि गूगल ने एंटी-ट्रस्ट कानून का उल्लंघन किया है। दुनिया का डिफॉल्ट सर्च इंजन बनने के लिए इसने अरबों डॉलर खर्च किए हैं और इंटरनेट सर्च में गैर कानूनी मोनोपॉली बनाई है। बड़ी टेक कंपनियों के मार्केट पर दबदबे के खिलाफ अमेरिकी की फेडरल अथॉरिटीज की यह पहली बड़ी जीत थी। 

इस फैसले से गूगल के कामकाज में बड़े बदलाव को तय करने के लिए दूसरे मुकदमे का रास्ता खुला था। अमेरिका में वॉशिंगटन के डिस्ट्रिक्ट जज Amit Mehta ने अपने फैसले में कहा था, "कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि गूगल की ओर से मोनोपॉली की जाती है।" हालांकि, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है। इससे Alphabet के शेयर प्राइस में भी गिरावट हुई थी। पिछले वर्ष Alphabet की कुल सेल्स में गूगल को एडवर्टाइजिंग से मिलने वाले रेवेन्यू का 77 प्रतिशत हिस्सा था। पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी सरकार ने बड़ी टेक कंपनियों पर शिकंजा कसा है। इससे पहले सोशल मीडिया साइट Facebook को कंट्रोल करने वाली Meta Platforms और ई-कॉमर्स कंपनी Amazon के खिलाफ भी कानूनी मामले दर्ज किए गए थे। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Ather Konarc इलेक्ट्रिक स्कूटर हुआ लॉन्च, 161km तक रेंज, कीमत 99,999 रुपये से शुरू
  2. Poco X8 Power 5G आ रहा 10,000mAh बैटरी के साथ, 4 सितंबर को है भारत में लॉन्च, IP69 रेटिंग!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Lava Virat V1 Pro 5G सेल होने जा रही शुरू, 6GB रैम के साथ ₹2700 तक सस्ते में खरीदने का मौका!
  2. Nepal Floods: नेपाल जैसी बाढ़ आ जाए तो क्या करें? ये 7 गैजेट्स बचा सकते हैं आपकी जान
  3. NASA के रोवर को मंगल पर दिखा जैली फिश जैसा जीव! फोटो ने खींचा ध्यान
  4. Poco X8 Power 5G आ रहा 10,000mAh बैटरी के साथ, 4 सितंबर को है भारत में लॉन्च, IP69 रेटिंग!
  5. Upcoming Smartphones: Poco F9 Ultra, Vivo V80 Lite 5G, Redmi 17, Poco X8 Power जैसे स्मार्टफोन्स की मचेगी धूम! 10,000mAh बैटरी
  6. Ather Konarc इलेक्ट्रिक स्कूटर हुआ लॉन्च, 161km तक रेंज, कीमत 99,999 रुपये से शुरू
  7. ₹8,549 में खरीदें 13 हजार एमआरपी वाला Oppo फोन! 6000mAh बैटरी, IP65 रेटिंग
  8. Xiaomi ला रही प्रीमियम टैबलेट, 11000mAh बैटरी, 67W चार्जिंग के साथ हुआ लीक!
  9. भारत का 5G बदलने वाला है! अब नहीं रहेगी स्पीड की समस्या, EMF लिमिट पर सरकार का बड़ा कदम
  10. 100W पावर वाला 25000mAh पावरबैंक लाई Cuktech, iPhone 17 Pro Max को तीन से ज्यादा बार करता है चार्ज!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.