• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • भारत ने रचा एविएशन इतिहास! सैटेलाइट से होगी विमान की लैंडिंग, जानें क्या है ISRO का GAGAN सिस्टम

भारत ने रचा एविएशन इतिहास! सैटेलाइट से होगी विमान की लैंडिंग, जानें क्या है ISRO का GAGAN सिस्टम

IndiGo का Airbus A320 पहली बार ISRO के GAGAN सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम से सफलतापूर्वक लैंड हुआ। जानें GAGAN कैसे काम करता है और यह क्यों खास है।

भारत ने रचा एविएशन इतिहास! सैटेलाइट से होगी विमान की लैंडिंग, जानें क्या है ISRO का GAGAN सिस्टम

Photo Credit: AI Generated

IndiGo का Airbus A320 पहली बार GAGAN सैटेलाइट सिस्टम की मदद से लैंड हुआ

ख़ास बातें
  • पहली बार GAGAN से उतरा कमर्शियल Airbus A320
  • ISRO और AAI ने मिलकर डेवलप की है टेक्नोलॉजी
  • छोटे एयरपोर्ट्स पर भी आसान हो सकती है प्रिसिजन लैंडिंग
विज्ञापन

भारत ने एविएशन सेक्टर में एक नई उपलब्धि हासिल की है। IndiGo का एक Airbus A320 विमान हाल ही में उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पर GAGAN (GPS Aided GEO Augmented Navigation) सिस्टम की मदद से सफलतापूर्वक उतारा गया। खास बात यह है कि यह भारत का पहला कमर्शियल जेट है, जिसने पारंपरिक ग्राउंड-बेस्ड इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) की बजाय स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए लैंडिंग की। चलिए आपको विस्तार से बताते हैं कि GAGAN सिस्टम आखिर क्या है और इसके भारत के लिए क्या मायने हैं।

क्या है GAGAN सिस्टम?

GAGAN यानी GPS Aided GEO Augmented Navigation एक सैटेलाइट आधारित नेविगेशन सिस्टम है, जिसे ISRO और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने मिलकर डेवलप किया है। यह GPS का विकल्प नहीं है, बल्कि उसकी सटीकता बढ़ाने वाला सिस्टम है। GPS से मिलने वाले सिग्नल वातावरण से गुजरते समय प्रभावित हो सकते हैं, जिससे उनकी सटीकता कम हो जाती है। GAGAN इन गलतियों को रियल टाइम में सुधारकर विमान तक अधिक सटीक लोकेशन डेटा पहुंचाता है।

IndiGo विमान की लैंडिंग कैसे हुई?

GAGAN सिस्टम के तहत देशभर में लगे रेफरेंस स्टेशन लगातार GPS सिग्नल की निगरानी करते हैं और उनमें आने वाली त्रुटियों का पता लगाते हैं। इसके बाद कंट्रोल सेंटर इन डेटा को प्रोसेस करके ISRO के GSAT सैटेलाइट्स तक भेजता है। सैटेलाइट्स यह करेक्शन डेटा सीधे विमान तक पहुंचाते हैं, जिससे पायलट को रनवे तक पहुंचने के लिए बेहद सटीक हॉरिजॉन्टल और वर्टिकल गाइडेंस मिलती है। इस तकनीक की मदद से विमान कम विजन की स्थिति में भी सुरक्षित तरीके से लैंड कर सकता है।

सुरक्षा के लिए कैसे काम करता है सिस्टम?

GAGAN में एक इंटीग्रिटी मॉनिटरिंग सिस्टम भी मौजूद है। अगर मौसम या अन्य वजहों से सैटेलाइट सिग्नल में कोई गड़बड़ी आती है, तो सिस्टम कुछ ही सेकेंड में पायलट को अलर्ट भेज देता है। इससे जरूरत पड़ने पर पायलट लैंडिंग रोककर दूसरी प्रक्रिया अपना सकता है।

छोटे एयरपोर्ट्स के लिए क्यों अहम है यह तकनीक?

पारंपरिक Instrument Landing System (ILS) लगाने के लिए एयरपोर्ट पर महंगे उपकरण और अलग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है। यही वजह है कि देश के कई छोटे और क्षेत्रीय एयरपोर्ट्स पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। GAGAN की मदद से बिना बड़े ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर के भी सैटेलाइट आधारित प्रिसिजन लैंडिंग संभव हो सकती है। इससे भविष्य में टियर-2 और टियर-3 शहरों के एयरपोर्ट्स पर भी खराब मौसम में सुरक्षित लैंडिंग आसान हो सकती है।

भारत के लिए क्यों है बड़ी उपलब्धि?

अब तक GAGAN तकनीक का टेस्ट छोटे विमानों पर किया जा चुका था, लेकिन पहली बार किसी कमर्शियल Airbus A320 जेट की सफल लैंडिंग इस सिस्टम से कराई गई है। इसे भारत के एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इस तकनीक के ज्यादा एयरपोर्ट्स पर इस्तेमाल से उड़ानों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिल सकती है।

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत ने रचा एविएशन इतिहास! सैटेलाइट से होगी विमान की लैंडिंग, जानें क्या है ISRO का GAGAN सिस्टम
  2. Huawei Mate 90 सीरीज जल्द होगी लॉन्च, फोल्डेबल स्मार्टफोन में हो सकती है देरी
  3. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए दिल्ली में मिलेंगे इंसेंटिव, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन पर भी छूट
  4. 85-इंच तक साइज, AI प्रोसेसर वाले Sony BRAVIA 7 II, BRAVIA 9 II TV भारत में लॉन्च, जानें कीमत
  5. Nothing Phone 4b में होगा Snapdragon चिपसेट, अगले सप्ताह लॉन्च
  6. Tata Motors की Sierra EV कल होगी लॉन्च, 75 kWh तक हो सकती है बैटरी
  7. iQOO Z11i में मिलेंगे 3 कलर्स के ऑप्शन, इस सप्ताह होगा लॉन्च
  8. OnePlus Nord Buds 4 की पहली सेल आज से शुरू, मिल रहा सस्ते में खरीदने का मौका
  9. पानी में तैरने वाले सोलर पैनल, बिजली पैदा करने के साथ बचा रहे खूब पानी, जानें क्या है तकनीक
  10. Xiaomi 18 में मिल सकती है 7,200mAh की बैटरी, 6.4 इंच डिस्प्ले
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »