चीन कर रहा न्यूक्लियर टेस्ट की तैयारी, सैटेलाइट इमेज से मिला संकेत

चीन की न्यूक्लियर टेस्ट की तैयारी का प्रमाण जियोस्पैटियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट Renny Babiarz ने उपलब्ध कराया है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 23 दिसंबर 2023 17:15 IST
ख़ास बातें
  • चीन में शिंजियान ऑटोनॉमस रीजन के Lop Nur में न्यूक्लियर टेस्ट हो सकता है
  • पिछले कुछ वर्षों में इसने अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाया है
  • चीन का ताइवान सहित कुछ देशों के साथ विवाद चल रहा है

इसने कुछ वर्षों में बेलिस्टिक मिसाइलों की संख्या बढ़ाकर 1,000 से अधिक करने की तैयारी की है

अमेरिका को टक्कर देने और दबदबा बनाने की कोशिश में चीन अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाने में जुटा रहता है। इसी कड़ी में चीन में शिंजियान ऑटोनॉमस रीजन के Lop Nur में न्यूक्लियर टेस्ट करने की तैयारी का संकेत मिल रहा है। सैटेलाइट इमेजेज से यह पता चल रहा है कि यह टेस्ट जल्द किया जा सकता है। 

New York Times में प्रकाशित एक रिपोर्ट में इन सैटेलाइट इमेजेज के हवाले से यह जानकारी दी गई है। चीन  की न्यूक्लियर टेस्ट की तैयारी का प्रमाण जियोस्पैटियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट Renny Babiarz ने उपलब्ध कराया है। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के पूर्व एनालिस्ट Babiarz ने कई वर्षों तक चीन के Lop Nur टेस्ट एरिया की सैटेलाइट इमेजेज की स्टडी की है। इस एरिया में चीन ने अक्टूबर, 1964 में अपना पहला न्यूक्लियर टेस्ट किया था। 

इस रिपोर्ट में कहा गया है, "चीन की यह एक्टिविटी अमेरिका के साथ उसके संबंधों के नाजुक दौर में हो रही है। प्रेसिडेंट जो बाइडेन ने पिछले महीने चीन के प्रमुख नेता Xi Xinping के साथ मीटिंग में कहा था कि वह इन संबंधों को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।" हालांकि, चीन ने इस रिपोर्ट को गलत बताया है। उसका कहना था कि इसका कोई आधार नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में Lop Nur की सैटेलाइट इमेजेज से इस एरिया में कई बदलाव होते दिखे हैं। New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, "कुछ वर्ष पहले तक यह कुछ पुरानी इमारतों वाली साइट थी लेकिन अब वहां एक आधुनिक कॉम्प्लेक्स बन गया है जिसके चारों ओर सुरक्षा का घेरा है।" 

इन सैटेलाइट इमेजेज में इस एरिया में नए एयरबेस के कंस्ट्रक्शन का भी पता चला है। इसके अलावा लगभग 90 फीट ऊंचा एक ड्रिलिंग रिग भी मौजूद है। Middlebury Institute of International Studies की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन के अपनी मिसाइल की ताकत बढ़ाने से इसके न्यूक्लियर वेपन्स की ओर बढ़ने का संकेत मिल रहा है। इसके पास एक दशक से कुछ पहले तक लगभग 50 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें थी। यह अगले कुछ वर्षों में इसकी संख्या बढ़ाकर 1,000 से अधिक मिसाइलों की करने की तैयारी में है। इनमें से लगभग आधी मिसाइलें न्यूक्लियर क्षमता वाले लॉन्चर के साथ हो सकती हैं। 
 
 

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