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अब भारत में बनेंगे सेमी कंडक्टर, गुजरात में CG SEMI OSAT फेसिलिटी में काम शुरू, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

गुजरात के साणंद में CG सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) फेसिलिटी कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत हुई है

अब भारत में बनेंगे सेमी कंडक्टर, गुजरात में CG SEMI OSAT फेसिलिटी में काम शुरू, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

Photo Credit: X/@narendramodi

चिप टेस्टिंग अगस्त 2025 में शुरू हुई।

ख़ास बातें
  • गुजरात के साणंद में CG सेमी OSAT फेसिलिटी शुरू हुई है।
  • चिप टेस्टिंग अगस्त 2025 में शुरू हुई थी।
  • इस फेसिलिटी की नींव मार्च 2024 में शुरू हुई है।
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गुजरात के साणंद में CG सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) फेसिलिटी कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत हुई है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। यह फेसिलिटी भारत का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट है जो 2026 में काम करना शुरू करेगा। यह देश को एक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने के बड़े प्रयास का हिस्सा है। पीएम मोदी ने काम की तेज स्पीड का क्रेडिट इंजीनियरों, कर्मचारियों और इंडस्ट्री पार्टनर्स को दिया। यहां हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे डिजाइन इन इंडिया और मेक इन इंडिया फ्रेमवर्क के तहत भारत की लगातार ग्रोथ का पता चलता है। इसका मकसद डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक पूरी इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन को मजबूत करना है। भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा पिछले दशक में हुई इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का ही अगला कदम है। इसमें प्रोडक्ट से शुरू होकर कंपोनेंट्स और अब सेमीकंडक्टर तक पहुंचा है।

प्रोजेक्ट की समय-सीमा और काम पूरा होने की प्रक्रिया
इसकी शुरुआत मार्च 2024 में शुरू हुई है। चिप टेस्टिंग अगस्त 2025 में शुरू हुई। वहीं कमर्शियल प्रोडक्शन जुलाई 2026 से शुरू हुआ। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि काम पूरा होने की समय-सीमा करीब 27 महीने है। 

CG SEMI OSAT फेसिलिटी को जापान की कंपनी रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ साझेदारी में विकसित किया गया है। इसमें भारतीय, जापानी और थाई कॉलेब्रेशन से ₹7,600 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया गया है। इसकी मौजूदा क्षमता सालाना 20 करोड़ यूनिट है, जिसका भविष्य में सालाना 500 करोड़ यूनिट तक विस्तार होना है। इन चिप्स का इस्तेमाल ऑटोमोटिव सिस्टम, स्कूटर और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट में किया जाएगा। भारत से इन्हें जापान, अमेरिका और यूरोप में निर्यात करने का प्लान है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग अलग यूनिट के बजाय इकोसिस्टम-बेस्ड ग्रोथ पर निर्भर करती है। साणंद अब सिलिकॉन वैली, सिनचू साइंस पार्क और त्सुकुबा साइंस सिटी जैसे ग्लोबल हब की तरह ही एक सेमीकंडक्टर क्लस्टर के तौर पर उभर रहा है। इस इलाके में पहले से मौजूद कंपनियों में माइक्रोन, केन्स और सीजी सेमी शामिल हैं। केमिकल सप्लायर, टेस्टिंग फेसिलिटी, डिजाइन सेंटर और सेमीकंडक्टर स्टार्टअप जैसी इंडस्ट्री के साथ इस इकोसिस्टम के और बढ़ने की उम्मीद है।

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साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

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