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कारें होंगी महंगी, 6 एयरबैग्स जरूरी होने से ऑटोमोबाइल कंपनियों की बढ़ेगी कॉस्ट

अगले वर्ष अक्टूबर से सभी पैसेंजर कारों (M1) कैटेगरी में न्यूनतम छह एयरबैग्स को अनिवार्य करने का फैसला किया गया है

कारें होंगी महंगी, 6 एयरबैग्स जरूरी होने से ऑटोमोबाइल कंपनियों की बढ़ेगी कॉस्ट

इससे व्हीकल की कॉस्ट लगभग 30,000 रुपये बढ़ जाएगी

ख़ास बातें
  • सभी पैसेंजर कारों (M1) कैटेगरी में न्यूनतम छह एयरबैग्स अनिवार्य होंगे
  • इससे व्हीकल्स में पैसेंजर्स के लिए सुरक्षा बढ़ेगी
  • ऑटोमोबाइल कंपनियों को इसके लिए कारों में मॉडिफिकेशन करना होगा
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देश में बिकने वाली पैसेंजर कारें अगले वर्ष महंगी हो जाएंगी। ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज मिनिस्टर Nitin Gadkari ने कहा है कि अगले वर्ष अक्टूबर से सभी पैसेंजर कारों (M1) कैटेगरी में न्यूनतम छह एयरबैग्स को अनिवार्य करने का फैसला किया गया है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष की शुरुआत में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर छह एयरबैग का नियम इस वर्ष अक्टूबर से लागू करने को कहा था लेकिन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने इससे व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण सरकार से इस नियम पर दोबारा विचार करने का निवेदन किया था।

गडकरी ने एक ट्वीट में कहा, "ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए ग्लोबल सप्लाई चेन की मुश्किलों और इसके असर के मद्देनजर पैसेंजर कारों में छह एयरबैग को अनिवार्य करने का प्रपोजल अगले वर्ष अक्टूबर से लागू करने का फैसला किया गया है।" ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में कहा गया है कि M1 कैटेगरी (8 सीटों तक) के व्हीकल्स में कम से कम छह एयरबैग्स लगाने होंगे। इस नियम का असर बजट से मिड-रेंज व्हीकल्स पर पड़ेगा जिनमें पिछली सीट पर पैसेंजर्स के लिए एयरबैग्स नहीं होते। इस नियम के लागू होने के बाद पैसेंजर्स के लिए व्हीकल्स में सेफ्टी बढ़ जाएगी। 

पैसेंजर कारों के लिए दो एयरबैग्स पहले से अनिवार्य हैं। चार एयरबैग्स और जोड़ने की औसत कॉस्ट 8,000-10,000 रुपये होगी। प्रत्येक एयरबैग की कॉस्ट 1,800-2,000 रुपये के बीच होती है। इसके अलावा ऑटोमोबाइल कंपनियों को मॉडिफिकेशन पर भी खर्च करना होगा। इससे व्हीकल की कॉस्ट लगभग 30,000 रुपये बढ़ जाएगी।

पिछले महीने एक बड़े कारोबारी सायरस मिस्त्री की महाराष्ट्र में पालघर के निकट सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद सरकार ने कारों में रियर सीटबेल्ट के नियम को भी सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। गडकरी ने इस दुर्घटना पर कहा था कि रोड सेफ्टी को बढ़ाने के लिए लोगों की मानसिकता में बदलाव की जरूरत है। उनका कहना था, "लोग सोचते हैं कि पिछली सीट पर बैठने वालों को सीटबेल्ट की जरूरत नहीं है। यह एक समस्या है। फ्रंट और बैक दोनों सीट्स पर बैठने वालों को सीट बेल्ट लगाने की जरूरत है। मैंने चार मुख्यमंत्रियों की कारों में यात्रा की है। मैं फ्रंट सीट पर था और मुझे पता चला कि एक क्लिप है जिससे बेल्ट नहीं लगाने पर अलार्म नहीं बजता। मैंने इस तरह के क्लिप्स पर बैन लगा दिया है।" इस बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री एक्टर्स, क्रिकेटर्स और मीडिया की मदद ले रही है।  
 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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