इंटरनेट के लिए बड़ी कामयाबी, SpaceX ने लॉन्‍च किए 52 Starlink सैटेलाइट

Starlink को पहली बार फरवरी 2018 में लॉन्च किया गया था। स्टारलिंक के पास फिलहाल 1,600 से अधिक सैटेलाइट हैं जो हाइ स्पीड इंटरनेट उपलब्ध करवाने में मदद करते हैं।

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गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 20 दिसंबर 2021 17:07 IST
ख़ास बातें
  • स्टारलिंक एक सैटेलाइट-बेस्‍ड ग्‍लोबल इंटरनेट सिस्‍टम है
  • स्‍टारलिंक कई देशों में अपनी सर्विस लॉन्‍च करने की तैयारी में है
  • इसी देखते हुए कंपनी की तरफ से ये लॉन्‍च किए जा रहे हैं

स्पेसएक्स SpaceX रॉकेट की मदद से शनिवार तड़के कैलिफोर्निया से इन सैटेलाइटों को ऑर्बिट में पहुंचाया गया

Photo Credit: Reuters

‘सैटेलाइट इंटरनेट' को लोगों तक पहुंचाने के लिए कई देशों की कंपनियां काम कर रही हैं। दुनिया के सबसे अमीर शख्‍स एलन मस्‍क की कंपनी स्‍पेसएक्‍स SpaceX की स्‍टारलिंक Starlink इस मामले में औरों से आगे दिखाई दे रही है। स्‍टारलिंक ने एकसाथ अपने 52 इंटरनेट सैटेलाइटों को ऑर्बिट में पहुंचा दिया है। स्पेसएक्स SpaceX रॉकेट की मदद से शनिवार तड़के कैलिफोर्निया से इन सैटेलाइटों को ऑर्बिट में पहुंचाया गया। दो स्‍टेज वाले फाल्कन-9 रॉकेट ने वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से सुबह 4:41 बजे (6:11 बजे IST) उड़ान भरी और पैसिफ‍िक के ऊपर पहुंचा। इसके बाद फाल्‍कन का पहला स्‍टेज लौट आया और उसने समुद्र में स्पेसएक्स ड्रोनशिप पर लैंड किया। यह स्‍टेज का 11वां लॉन्‍च और रिकवरी थी। 

कैलिफोर्निया के हॉथोर्न Hawthorne में स्पेसएक्स हेडक्‍वॉर्टर में लॉन्च कमेंटेटर यूमेई झोउ Youmei Zhou ने कहा कि दूसरा स्‍टेज, ऑर्बिट की ओर बढ़ता रहा। इसने सभी सैटेलाइट को वहां तैनात कर दिया है। 
स्टारलिंक एक सैटेलाइट-बेस्‍ड ग्‍लोबल इंटरनेट सिस्‍टम है। दुनिया के कम पहुंच वाले इलाकों में इंटरनेट की पहुंच बनाने के लिए स्पेसएक्स कई साल से स्‍टारलिंक को तैयार कर रहा है।  

शनिवार का मिशन स्टारलिंक का 34वां लॉन्‍च था। पृथ्वी की निचली कक्षा में लगभग 2,000 सैटेलाइटों का इसका एक समूह है।

स्‍टारलिंक कई देशों में अपनी सर्विस लॉन्‍च करने की तैयारी में है। इनमें भारत भी शामिल है। भारत की दस ग्रामीण लोकसभा में कंपनी अपनी सर्विस लाइव करने की तैयारी में है। SpaceX का लक्ष्य Starlink के तहत सैटेलाइट ग्रुप का इस्तेमाल करके दूरदराज के क्षेत्रों में हाइ स्पीड इंटरनेट मुहैया करवाना है। कंपनी भारत को उन बाजारों में गिनती है जिसके अंदर भविष्य में इसकी सर्विस के विकास की बड़ी संभावना है। 
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Starlink को पहली बार फरवरी 2018 में लॉन्च किया गया था। स्टारलिंक के पास फिलहाल 1,600 से अधिक सैटेलाइट हैं जो हाइ स्पीड इंटरनेट उपलब्ध करवाने में मदद करते हैं। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चिली, पुर्तगाल, यूके और यूएस सहित अन्य 14 क्षेत्रों में बीटा टेस्टिंग कनेक्टिविटी है।

भारत में Starlink का आना Bharti Airtel और Reliance Jio सहित ट्रेडिशनल इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को कड़ी टक्कर दे सकता है। यह लॉन्च राज्य के स्वामित्व वाली भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की ग्रोथ को भी प्रभावित कर सकता है, जिसकी रूरल इंडिया में काफी पकड़ है।
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