• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • Apple Awas Yojana : 1.5 लाख नौकरियों के बाद अब घर भी देगी ऐपल, 78 हजार यूनिटों पर काम शुरू, कर्मचारियों को फायदा

Apple Awas Yojana : 1.5 लाख नौकरियों के बाद अब घर भी देगी ऐपल, 78 हजार यूनिटों पर काम शुरू, कर्मचारियों को फायदा

Apple Awas Yojana : ऐपल डिवाइस मैन्‍युफैक्‍चर करने वाली कंपनियां और सप्‍लायर्स अपने एम्‍प्‍लॉइज को रहने के लिए आवास की सुविधा देंगे।

Apple Awas Yojana : 1.5 लाख नौकरियों के बाद अब घर भी देगी ऐपल, 78 हजार यूनिटों पर काम शुरू, कर्मचारियों को फायदा

यह सब पीपीपी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए किया जाएगा।

ख़ास बातें
  • ऐपल कर्मचारियों को भारत में मिलेंगे घर
  • चीन-वियतनाम मॉडल किया जाएगा लागू
  • ऐपल मैन्‍युफैक्‍चरर्स तैयार कर रहे घर
विज्ञापन
Apple Awas Yojana : दुनिया की बड़ी टेक दिग्‍गज ऐपल (Apple) ने भारत में चीन और वियतनाम जैसा इंडस्ट्रियल हाउसिंग मॉडल लागू करने की योजना बनाई है। इसके तहत ऐपल डिवाइस मैन्‍युफैक्‍चर करने वाली कंपनियां और सप्‍लायर्स अपने एम्‍प्‍लॉइज को रहने के लिए आवास की सुविधा देंगे। यह सब पीपीपी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए किया जाएगा। फ‍िलहाल 78 हजार से ज्‍यादा यूनिट्स का निर्माण करने की तैयारी है। इनमें से अकेले 58 हजार यूनिट्स तमिलनाडु में रेडी की जाएंगी। इकॉनमिक टाइम्‍स की एक रिपोर्ट में यह बताया गया है। ऐपल ने बीते 3 से 4 साल में भारत में करीब डेढ़ लाख जॉब्‍स जनरेट की हैं।  

रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल आवास योजना में केंद्र सरकार भी मदद करेगी। वह 10-15 पर्सेंट पैसा देगी। बाकी की रकम राज्य सरकारों और कारोबारियों से लेने की तैयारी है। अगले साल मार्च तक यह प्रोजेक्‍ट पूरा होने की उम्‍मीद है। बनाए जा रहे घरों की जिम्‍मेदारी तमिलनाडु के स्‍टेट इंडस्‍ट्रीज प्रमोशन कार्पोरेशन के हाथ में है। टाटा ग्रुप और एसपीआर इंडिया भी आवासों को तैयार कर रहे हैं। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि कामकाज वाली जगह के पास घर मिलने से कर्मचारियों की दक्षता बढ़ेगी। मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से रिपोर्ट में लिखा गया है कि इतना बड़ा हाउस‍िंग प्रोजेक्‍ट महिला कर्मचारियों के लिए पहली बार है। गौरतलब है कि ऐपल की मैन्‍युफैक्‍चरिंग फैस‍िलिटीज में बड़ी संख्‍या में महिलाएं काम करती हैं। उनमें से ज्‍यादातर किराए पर रहती हैं और फैक्‍टरी तक पहुंचने के लिए उन्‍हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। 

रिपोर्ट के अनुसार, बसों में कई घंटे की यात्रा के दौरान महिला कर्मचारियों को सेफ्टी की समस्‍या भी आती है। बताया गया है कि इस प्रोजेक्‍ट के तहत फॉक्‍सकॉन के कर्मचारियों को 35 हजार आवासों की सुविधा मिलेगी। मौजूदा वक्‍त में फॉक्‍सकॉन में 41 हजार वर्कर हैं। इनमें 75 फीसदी संख्‍या महिलाओं की है। इसके अलावा, टाटा अपनी फैक्‍टरी कर्मचारियों के लिए साढ़े 11 हजार यूनिट तैयार कर रही है, जहां उन्‍हें रहने की जगह दी जाएगी।  
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Ola ने भारत में सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर Ola S1Z किया लॉन्च, 301 km रेंज, चार कलर्स, जानें कीमत
  2. HMD 105 4G बजट फीचर फोन School Edition में लॉन्च, बच्चों के लिए खास कंट्रोल, IP54 रेटिंग
  3. आ गई चलती फिरती पवन चक्की, बैग में लगाकर फोन और लैपटॉप कर पाएंगे चार्ज, जानें क्या है Ventyra R1?
  4. 14 हजार से सस्ता खरीदें 25 हजार एमआरपी वाला Realme फोन! 6300mAh बैटरी
  5. Xiaomi भारत में ला रही 7,900mAh बैटरी वाला नया फोन, 45W होगी फास्ट चार्जिंग!
  6. Honor लाई सस्ता फोन Honor 600S 5G, 50MP कैमरा, 8100mAh बैटरी के साथ, IP69K रेटिंग
  7. Tecno Spark Go 3 Pro भारत में लॉन्च, 13MP कैमरा, 5200mAh बैटरी, IP69 रेटिंग, ₹15,999 से शुरू
  8. चंद Views में करा रहा है मोटी कमाई! क्या है चीन का Bilibili ऐप और भारत में कब आएगा? यहां जानें सब कुछ
  9. Redmi Note 17 Pro का ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 50MP दो कैमरा, 8340mAh बैटरी, IP66, IP68 रेटिंग
  10. H1N1 स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ा, अपने पास रखें ये गैजेट्स, बचाव में होगी मदद
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »