कंपनी के Model Y L का प्राइस 61.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) का है। इसके साथ टेस्ला फुल सेल्फ-ड्राइविंग फीचर की भी पेशकश करेगी। हालांकि, इसके लिए कस्टमर्स को छह लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा
इस इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर की WLTP रेंज लगभग 681 किलोमीटर की है
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) के मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली Tesla के मॉडल Y L की भारत में जल्द डिलीवरी शुरू की जाएगी। इस इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर को कंपनी की डीलरशिप्स पर पहुंचाया जा रहा है। कंपनी के Model Y L का प्राइस 61.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) का है।
बिलिनेयर Elon Musk की टेस्ला के इस मॉडल में बड़ा व्हीलबेस दिया गया है। पिछले वर्ष कंपनी ने Model Y L को चीन में पेश किया था। यह कंपनी के स्टैंडर्ड मॉडल Y का लॉन्ग-व्हीलबेस और थ्री-रो वाला वर्जन है। इस इलेक्ट्रिक SUV में छह सीट दी गई हैं। यह उन कस्टमर्स के लिए बेहतर है जिन्हें अधिक केबिन स्पेस की जरूरत होती है। टेस्ला के मॉडल Y L की मैन्युफैक्चरिंग चीन के शंघाई में कंपनी की गीगाफैक्टरी में की जा रही है। कंपनी का दावा है कि इस इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर की WLTP रेंज लगभग 681 किलोमीटर की है। यह लगभग पांच सेकेंड में 0 से 100 kmph की स्पीड पकड़ सकती है।
इसके साथ कंपनी फुल सेल्फ-ड्राइविंग फीचर की भी पेशकश करेगी। हालांकि, इसके लिए कस्टमर्स को छह लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। टेस्ला के मॉडल Y L को छह कलर्स में उपलब्ध कराया जाएगा। देश में पिछले वर्ष टेस्ला ने Model Y के साथ अपने बिजनेस की शुरुआत की थी। इसे दो वेरिएंट्स - रियर व्हील ड्राइव और लॉन्ग-रेंज रियर व्हील ड्राइव में उपलब्ध कराया गया है। मॉडल Y का शुरुआती प्राइस 59.89 लाख रुपये का है। इसके लॉन्ग-रेंज रियर व्हील ड्राइव वेरिएंट का प्राइस 67.89 लाख रुपये है। हाल ही में कंपनी ने इनवेंटरी को घटाने के लिए इस इलेक्ट्रिक SUV पर दो लाख रुपये के डिस्काउंट की पेशकश की थी। इंटरनेशनल मार्केट में मॉडल Y का ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) वेरिएंट भी उपलब्ध है।
कंपनी की इस इलेक्ट्रिक SUV के रियर-व्हील ड्राइव वेरिएंट की सिंगल चार्ज में रेंज लगभग 500 किलोमीटर की है। यह 5.9 सेकेंड्स में 0 से 100 km/h की स्पीड पर पहुंच सकती है। मॉडल Y के लॉन्ग रेंज रियर-व्हील ड्राइव की रेंज 620 किलोमीटर से कुछ ज्यादा की है। यह 5.6 सेकेंड्स में 0 से 100 km/h की स्पीड तक पहुंच सकती है। चीन में टेस्ला की फैक्टरी से मॉडल Y का फुली बिल्ड यूनिट के तौर पर इम्पोर्ट किया जाता है। इस वजह से इस इलेक्ट्रिक SUV पर भारी इम्पोर्ट ड्यूटी लगती है। भारत में टैरिफ अधिक होने से मॉडल Y के प्राइसेज अन्य इंटरनेशनल मार्केट्स की तुलना में ज्यादा हैं। इसका असर टेस्ला की बिक्री पर भी पड़ रहा है।
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