Tata Motors की iRA 2.0 और iRA.ev ऐप्स में 4 सुरक्षा खामियां मिली हैं। CERT-In ने ग्राहकों को ऐप्स अपडेट करने की सलाह दी है।
Tata Motors की iRA ऐप्स में सुरक्षा खामियां मिलने के बाद CERT-In ने जारी की चेतावनी
Tata Motors की कारों का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी एक अहम चेतावनी सामने आई है। भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने कंपनी की iRA 2.0 और iRA.ev मोबाइल ऐप्स में कई सुरक्षा खामियों की जानकारी दी है। इन खामियों का फायदा उठाकर अटैकर यूजर्स की सेंसेटिव डिटेल्स हासिल कर सकते हैं और उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल करके गाड़ी से जुड़ी जानकारी और कनेक्टेड सर्विसेज तक अनधिकृत पहुंच बना सकते हैं। CERT-In ने इन खामियों को High Severity कैटेगरी में रखा है। एजेंसी ने प्रभावित ऐप्स इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को इन्हें जल्द से जल्द लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करने की सलाह दी है।
CERT-In ने 4 नवंबर को जारी अपने Vulnerability Note CIVN-2026-0537 में Tata Motors की iRA 2.0 और iRA.ev ऐप्स में कई सुरक्षा खामियों की जानकारी दी है। एजेंसी के मुताबिक, iRA 2.0 के 26.7.3 और इससे पुराने वर्जन प्रभावित हैं। वहीं iRA.ev के 26.7.2 और इससे पुराने वर्जन में भी ये खामियां मौजूद हैं।
ये दोनों ऐप्स Tata Motors की कनेक्टेड कार सर्विस का हिस्सा हैं। iRA 2.0 कंपनी की पेट्रोल-डीजल यानी ICE कारों के ग्राहकों के लिए है, जबकि iRA.ev इलेक्ट्रिक कारों के लिए उपलब्ध है। इनके जरिए यूजर्स गाड़ी का स्टेटस, हेल्थ मॉनिटरिंग, ट्रिप की जानकारी और रिमोट व्हीकल कमांड जैसे फीचर्स इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में इन ऐप्स में मौजूद सुरक्षा खामियां यूजर्स की प्राइवेसी और कनेक्टेड कार सर्विसेज की सुरक्षा के लिहाज से अहम हैं।
CERT-In ने इन ऐप्स में कुल चार तरह की खामियों (Vulnerabilities) की पहचान की है। पहली खामी Hardcoded Credentials से जुड़ी है। इसमें ऐप के अंदर ही Service Account Credentials, API Keys और Authorization Tokens मौजूद थे। कोई अटैकर ऐप पैकेज डाउनलोड करके इन जानकारियों को निकाल सकता है और संबंधित बैकएंड सर्विसेज तक अनधिकृत एक्सेस हासिल करने की कोशिश कर सकता है।
दूसरी खामी ऐप के WebView Component में URL और Origin की सही जांच नहीं होने से जुड़ी है। इसके जरिए अटैकर ऐप में मैलिशियस वेब कंटेंट भेजकर लाइव ऑथेंटिकेशन टोकन्स हासिल कर सकता है। इन टोकन का इस्तेमाल करके वह असली यूजर की पहचान अपनाने और उससे जुड़ी गाड़ी की जानकारी व सर्विसेज तक एक्सेस हासिल करने की कोशिश कर सकता है।
तीसरी खामी इंफॉर्मेशन डिस्क्लोजर से जुड़ी है। ऐप के डेवलपमेंट और डिबगिंग लॉग्स में ऑथेंटिकेशन टोकन्स रिकॉर्ड हो रहे थे। अगर किसी अटैकर को इन Logs तक एक्सेस मिल जाता है, तो वह सेशन टोकन्स का गलत इस्तेमाल करके यूजर की पहचान अपनाने की कोशिश कर सकता है।
चौथी खामी SSL Certificate Pinning के गलत तरीके से लागू होने से जुड़ी है। इस वजह से ऐप और उसके बैकएंड सर्वर्स के बीच होने वाले नेटवर्क कम्युनिकेशन की सुरक्षा कमजोर हो सकती है। नेटवर्क ट्रैफिक को इंटरसेप्ट करने की स्थिति में अटैकर ऐप और सर्वर के बीच होने वाले डेटा कम्युनिकेशन को देख या उसमें बदलाव कर सकता है।
CERT-In ने प्रभावित ऐप्स इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को इन्हें लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करने की सलाह दी है। एजेंसी के मुताबिक, Tata Motors iRA 2.0 को वर्जन 26.8.2 और iRA.ev को वर्जन 26.9.1 पर अपडेट करना चाहिए। इन अपडेट्स में बताई गई सुरक्षा खामियों को ठीक किया गया है। ऐसे में अगर आप Tata Motors की कार के साथ iRA 2.0 या iRA.ev ऐप इस्तेमाल करते हैं, तो अपने फोन में ऐप का वर्जन जरूर चेक करें। जरूरत पड़ने पर Google Play Store या Apple App Store से उपलब्ध लेटेस्ट अपडेट इंस्टॉल करें।
Update:
Tata Motors ने Gadgets360 के साथ स्टेटमेंट शेयर किया है, जिसमें कंपनी का कहना है कि वह अपने ग्राहकों की सुरक्षा और प्राइवेसी को गंभीरता से लेती है और संभावित खामियों की पहचान करने के लिए अपने सिस्टम की लगातार मॉनिटरिंग करती है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह CERT-In के साथ मिलकर काम करती है और जरूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से शेयर करती है। Tata Motors के मुताबिक, iRA 2.0 और iRA.ev ऐप्स में मिली सुरक्षा खामियों को सॉफ्टवेयर अपडेट और एडिशनल सिक्योरिटी सॉल्यूशन्स के जरिए फिक्स कर दिया गया है। कंपनी ने बताया कि CERT-In की एडवाइजरी के अनुसार iRA 2.0 के लिए वर्जन 26.8.2 और iRA.ev के लिए वर्जन 26.9.1 के अनिवार्य अपडेट क्रमशः अगस्त और सितंबर 2026 में जारी किए गए थे।
कंपनी के अनुसार, ये अपडेट ऐप खोलने पर अपने आप दिखाई देते हैं और इन्हें कुछ मिनटों में OTA यानी Over-the-Air तरीके से पूरा किया जा सकता है। Tata Motors का दावा है कि सभी एक्टिव यूजर्स के लिए अपडेट रोलआउट पूरा हो चुका है। जो ग्राहक अभी तक अपडेट नहीं कर पाए हैं, कंपनी उनसे संपर्क कर रही है ताकि वे भी लेटेस्ट वर्जन पर जा सकें।
कंपनी ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी जांच में ग्राहकों के डेटा और गाड़ी से जुड़ी जानकारी सुरक्षित पाई गई है। Tata Motors को अब तक ग्राहकों के लॉगिन क्रेडेंशियल, निजी जानकारी या व्हीकल डेटा तक किसी अनधिकृत पहुंच या इनके साथ छेड़छाड़ का सबूत नहीं मिला है। कंपनी ने कहा है कि वह अपने सिस्टम की लगातार निगरानी जारी रखेगी।
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