पिछले तीन महीनों में कुल पैसेंजर व्हीकल्स में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 6.1 प्रतिशत की हो गई है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में EVs की हिस्सेदारी औसत लगभग 4.6 प्रतिशत की थी
इस सेगमेंट में Tata Motors का पहला स्थान बरकरार है
देश में पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स ( EV) की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, पैसेंजर व्हीकल्स के कुल मार्केट में EV की हिस्सेदारी बहुत कम है। मिडल ईस्ट में तनाव की वजह से पिछले कुछ सप्ताह में पेट्रोल और डीजल के महंगा होने से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिमांड बढ़ी है।
एक मीडिया रिपोर्ट में Crisil Ratings के हवाले से बताया गया है कि अगले फाइनेंशियल ईयर तक इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की सेल्स दोगुनी से अधिक बढ़ सकती है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स लगभग 2.2 लाख यूनिट्स की थी। यह अगले फाइनेंशियल ईयर तक बढ़कर लगभग पांच लाख यूनिट्स पर पहुंच सकती है। पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक कारों की औसत मासिक सेल्स लगभग 40 प्रतिशत बढ़कर लगभग 26,000 यूनिट्स की रही है।
पिछले तीन महीनों में कुल पैसेंजर व्हीकल्स में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 6.1 प्रतिशत की हो गई है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में EVs की हिस्सेदारी औसत लगभग 4.6 प्रतिशत की थी। EVs की सेल्स बढ़ने के पीछे इन्हें चलाने की कॉस्ट कम होना, प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ना और बैटरी से जुड़ी टेक्नोलॉजी में सुधार प्रमुख कारण हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्यूल के प्राइसेज में बढ़ोतरी की वजह से पिछले महीने इंटरनल कम्बश्चन इंजन (ICE) को चलाने की कॉस्ट लगभग आठ प्रतिशत बढ़ी है। देश में इलेक्ट्रिक कारों के लगभग 20 मॉडल उपलब्ध हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स कैटेगरी में 1,99,923 यूनिट्स की सेल्स हुई है। इससे पिछले फाइनेंशियल ईयर की तुलना में यह 83 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी है। इस सेगमेंट में Tata Motors का पहला स्थान बरकरार है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में टाटा मोटर्स ने 78,811 यूनिट्स की बिक्री की है।
इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की कैटेगरी में दूसरे स्थान पर MG Motor (53,089 यूनिट्स) के साथ है। MG Motor की Windsor EV को नॉन-मेट्रो शहरों में जोरदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर की लॉन्च के बाद से सेल्स 65,000 यूनिट्स को पार कर गई है। कंपनी की कुल सेल्स में Windsor EV का बड़ा योगदान है। Windsor EV की लगभग 70 प्रतिशत सेल्स नॉन-मेट्रो शहरों से मिल रही है। देश में बिलिनेयर Elon Musk की Tesla को कस्टमर्स से ठंडा रिस्पॉन्स मिला है। इसका बड़ा कारण इम्पोर्ट ड्यूटी अधिक होने की वजह से टेस्ला के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के महंगे प्राइसेज हैं।
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