ब्लॉकचेन Harmony से चोरी में उत्तर कोरिया के शामिल होने का शक

इस चोरी और चुराए गए फंड की लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किए गए तरीके से Lazarus के शामिल होने का संकेत मिल रहा है

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शॉमिक सेन भट्टाचार्जी, अपडेटेड: 30 जून 2022 17:20 IST
ख़ास बातें
  • Lazarus हैकिंग ग्रुप पर उत्तर कोरिया के इंटेलिजेंस ब्यूरो का नियंत्रण है
  • Harmony ने चुराए गए फंड की वापसी के लिए 10 लाख डॉलर की पेशकश की थी
  • क्रिप्‍टोकरेंसी के बढ़ते इस्‍तेमाल के साथ हैक अटैक में भी तेजी आई है

हैकर्स ने चुराए गए फंड की लॉन्ड्रिंग शुरू कर दी है

पिछले सप्ताह ब्लॉकचेन Harmony प्रोटोकॉल के Horizon ब्रिज से लगभग 10 करोड़ डॉलर की चोरी के पीछे उत्तर कोरिया के हैकिंग ग्रुप Lazarus के होने का शक है। इस चोरी और चुराए गए फंड की लॉन्ड्रिंग के तरीके से Lazarus के शामिल होने का संकेत मिल रहा है। 

ब्लॉकचेन रिसर्च फर्म Elliptic की रिपोर्ट में कहा गया है कि हैकर ने जिस तरीके से हैक का षडयंत्र किया है वह Lazarus के पिछले हैक्स के जैसा है। अमेरिकी सरकार ने हाल ही में बताया था कि प्ले-टु-अर्न गेम Axie Infinity पर लगभग 62.5 करोड़ डॉलर के हैक में Lazarus शामिल था। ब्लॉकचेन सिक्योरिटी फर्म PeckShield ने खुलासा किया है कि Horizon ब्रिज से चोरी करने वाले हैकर्स ने चुराए गए फंड की लॉन्ड्रिंग शुरू कर दी है। Harmony ने चुराए गए फंड की वापसी के लिए 10 लाख डॉलर के रिवॉर्ड की पेशकश की थी। फर्म ने कहा था कि अगर हैकर चुराई गई क्रिप्टोकरेंसीज को वापस कर देता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। 

हैकर ने लगभग 10 करोड़ डॉलर के कई क्रिप्टो कॉइन्स चुराए थे और उन्हें Ethereum के लिए एक्सचेंज किया था। चुराए गए कॉइन्स में Wrapped Ethereum, Tether और  USDC शामिल थे। Harmony का ब्लॉकचेन ब्रिज यूजर्स को विभिन्न ब्लॉकचेन्स के बीच डिजिटल एसेट्स के ट्रांसफर की सुविधा देता है। हैकर ने NFT और मेटावर्स लैंड की भी चोरी की थी।  Lazarus हैकिंग ग्रुप पर उत्तर कोरिया के इंटेलिजेंस ब्यूरो का नियंत्रण है। 

इस हैकिंग ग्रुप पर रैंसमवेयर अटैक, इंटरनेशनल बैंकों और कस्टमर एकाउंट्स की हैकिंग के आरोप लग चुके हैं। अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से Lazarus ग्रुप को ब्लैकलिस्ट करने और इसके एसेट्स को जब्त करने के लिए कहा है। सायबर अपराधियों ने पिछले वर्ष  ब्लॉकचेन्स को हैक करके 1.3 अरब डॉलर से अधिक की चोरी की थी। क्रिप्‍टोकरेंसी और ब्‍लॉकचेन के बढ़ते इस्‍तेमाल के कारण सायबर अपराधी इसे निशाना बना रहे हैं। हाल के महीनों में ऐसे कई मामले हुए हैं जिनमें ऐसे सायबर अटैक में फर्मों और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इनमें से कुछ मामले क्रिप्टो सेगमेंट से जुड़ी अमेरिकी फर्मों के साथ हुए हैं। अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने हाल ही में कहा था, "हमें पता है कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियार बनाने के लिए अवैध गतिविधियों से रेवेन्यू हासिल करता है। वह प्रतिबंधों से बचने के लिए गैर कानूनी गतिविधियों पर निर्भर है।"  
 

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ये भी पढ़े: Crypto, Hack, North Korea, Tether, America, FBI
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