हैकर ग्रुप Anonymous ने Do Kwon को कटघरे में लाने की ठानी

Anonymous का कहना है कि रिटेल इनवेस्टर्स से अरबों डॉलर का स्कैम करने के लिए केवल Kwon जिम्मेदार हैं

हैकर ग्रुप Anonymous ने Do Kwon को कटघरे में लाने की ठानी

स्टेबलकॉइन प्रोजेक्ट Terra में भारी गिरावट का असर पूरे क्रिप्टो सेगमेंट पर पड़ा था

ख़ास बातें
  • Anonymous ने कहा कि Kwon के इरादे शुरुआत से गलत थे
  • दक्षिण कोरिया के रेगुलेटर्स की ओर से Kwon की जांच की जा रही है
  • क्रिप्टो का वर्जन स्टेबलकॉइन एक्सचेंज के प्रमुख माध्यम के तौर पर उभरा है
विज्ञापन
हैकर्स के ग्रुप Anonymous ने Terra के फाउंडर Do Kwon को अपना नया निशाना बनाया है। Anonymous का कहना है कि रिटेल इनवेस्टर्स से अरबों डॉलर का स्कैम करने के लिए केवल Kwon जिम्मेदार हैं। ग्रुप ने अपने यूट्यूब पेज पर एक वीडियो अपलोड कर Kwon को जितना जल्द हो सके कानून के घेरे में लाने की बात कही है। इस वीडियो में Kwon पर कई आरोप लगाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि Terra इकोसिस्टम के ढहने से पहले उन्होंने कथित तौर पर फर्म से अरबों डॉलर विड्रॉ किए थे। 

वीडियो में बताया गया है कि नाकाम हुए स्टेबलकॉइन प्रोजेक्ट Basis Cash में भी वह शामिल थे। Anonymous ने कहा कि Kwon के इरादे शुरुआत से गलत थे और उनके अपराधों को जितना जल्द हो सके सामने लाना चाहिए। हैकर्स ग्रुप ने बताया कि Kwon को कभी स्टेबलकॉइन Basis Cash के नाकाम होने के लिए जवाबदेह नहीं ठहराया गया क्योंकि उन्होंने यह प्रोजेक्ट एक गलत पहचान 'Rick Sanchez' के साथ बनाया था। Anonymous ने कहा, "अगर Kwon नहीं सुन रहे तो उनकी ओर से किए गए नुकसान की भरपाई के लिए कुछ नहीं किया जा सकता। कम्युनिटी इस स्तर पर केवल उन्हें जिम्मेदार ठहरा सकती है और यह पक्का किया जा सकता है कि उन्हें जितना जल्द हो सके कानून के घेरे में लाया जाए।" 

दक्षिण कोरिया के रेगुलेटर्स की ओर से Kwon की जांच की जा रही है। Kwon ने हाल ही में  Wall Street Journal को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि TerraUST प्रोजेक्ट के ढहने से उन्हें धक्का लगा है। स्टेबलकॉइन  Terra UST में आई भारी गिरावट के बाद कई देशों में क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर रेगुलेशंस बनाने की मांग उठी है। इसी कड़ी में दक्षिण कोरिया के फाइनेंशियल रेगुलेटर, Financial Supervisory Service (FSS) ने वर्चुअल एसेट्स की निगरानी कड़ी करने और इनसे जुड़े रिस्क का एनालिसिस करने का फैसला किया है।

पिछले महीने की शुरुआत में स्टेबलकॉइन प्रोजेक्ट Terra में भारी गिरावट का असर पूरे क्रिप्टो सेगमेंट पर पड़ा था। इस गिरावट से इनवेस्टर्स को हुए नुकसान की भरपाई के लिए इसे 'Terra 2.0' के तौर पर दोबारा लाया गया है। स्टेबलकॉइन्स ऐसी क्रिप्टोकरेंसीज होते हैं जो अपने मार्केट प्राइस को गोल्ड या सामान्य करेंसीज जैसे किसी रिजर्व एसेट से जोड़ने की कोशिश करते हैं। ये ऐसी डिजिटल ट्रांजैक्शंस के लिए अधिक इस्तेमाल होते हैं जिनमें वर्चुअल एसेट्स को वास्तविक एसेट्स में कन्वर्ट करना शामिल होता है। USD Coin, Tether और Binance USD कुछ लोकप्रिय स्टेबलकॉइन्स हैं, जो अमेरिकी डॉलर से जुड़े हैं। क्रिप्टो का तेजी से बढ़ता वर्जन स्टेबलकॉइन एक्सचेंज के प्रमुख माध्यम के तौर पर उभरा है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Terra, Hackers, Stablecoin, Market, Scam

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. बिटकॉइन के रिजर्व को घटा रहा भूटान, क्रिप्टो माइनिंग में भी हुई कमी!
  2. Nubia Neo 5 Pro गेमिंग फोन 50MP डुअल कैमरा, 6210mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें कीमत
  3. Redmi A7 Pro 5G का लॉन्च कल, 6300mAh बैटरी, डुअल AI कैमरा, जानें सबकुछ
  4. Samsung, Apple की होगी टक्कर! 3 नए फोल्डेबल सैमसंग करेगी लॉन्च, iPhone Fold से मुकाबला
  5. जब चांद को कैमरे में किया कैद! NASA के Artemis II मिशन में Nikon कैमरा के साथ Apple का यह फोन भी था ...
  6. न LPG चाहिए, न PNG! बिजली से चलने वाला गैस जैसा चूल्हा हो रहा वायरल
  7. Xiaomi ने नया Mijia Wireless Floor Scrubber 5 Pro किया लॉन्च, गंदगी और बैक्टीरिया का सफाया! जानें कीमत
  8. 10 हजार से सस्ता खरीदें Realme का 6000mAh बैटरी, 50MP तीन कैमरा वाला फोन
  9. Tesla की कॉम्पैक्ट SUV लाने की तैयारी, कम हो सकता है प्राइस
  10. स्मार्टफोन्स के इंटरनेशनल मार्केट में Apple का पहला स्थान, iPhone 17 सीरीज की मजबूत डिमांड
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »