पिछले एक दिन में बिटकॉइन में लगभग 1.5 प्रतिशत और Ethereum में लगभग 2.40 प्रतिशत की गिरावट हुई है। इंटरनेशनल क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू लगभग 1.24 प्रतिशत घटकर लगभग 2.19 लाख करोड़ डॉलर पर थी
दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी नुकसान था
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और क्रूड ऑयल के प्राइसेज में उछाल का क्रिप्टो मार्केट पर असर पड़ा है। मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin में मंगलवार को गिरावट थी। अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया गया है। इसके साथ ही युद्ध में हुए नुकसान के लिए ईरान से हर्जाना भी मांगा है।
इस रिपोर्ट को पब्लिश करने पर इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Coinmarketcap पर बिटकॉइन का प्राइस लगभग 64,100 डॉलर पर था। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी नुकसान था। Ethereum का प्राइस लगभग 1,890 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। पिछले एक दिन में बिटकॉइन में लगभग 1.5 प्रतिशत और Ethereum में लगभग 2.40 प्रतिशत की गिरावट हुई है। इंटरनेशनल क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू लगभग 1.24 प्रतिशत घटकर लगभग 2.19 लाख करोड़ डॉलर पर थी।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन का प्राइस 65,000 डॉलर से 65,500 डॉलर की रेंज को पार नहीं कर पाया है और यह वापस 64,000 डॉलर पर चला गया है। Ethereum को 1,900 डॉलर का लेवल पार करने में मुश्किल हो रही है। लॉन्ग पोजिशंस के लिक्विडेट होने का भी असर पड़ा है। हालांकि, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स ( ETFs) के जरिए इंस्टीट्यूशनल डिमांड मजबूत बनी हुई है। बिटकॉइन के लिए 63,600-63,800 डॉलर पर सपोर्ट है। इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी के 65,400 डॉलर के रेजिस्टेंस को पार नहीं कर पाने का कारण भारी बिकवाली हो सकती है।
भारत में हाल ही में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने क्रिप्टो एक्सचेंजों और अन्य इंटरमीडियरीज के लिए मौजूदा टैक्स कानूनों के तहत ट्रांजैक्शंस की रिपोर्टिंग के लिए एक विस्तृत गाइडेंस जारी किया है। ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डिवेलपमेंट (OECD) के क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क को भी इस गाइडेंस के साथ लागू किया गया है। यह OECD के सदस्य देशों के बीच क्रिप्टो-एसेट्स पर टैक्स से जुड़ी जानकारी को ऑटोमैटिक तरीके से एक्सचेंज करने का एक इंटरनेशनल सिस्टम है। CBDT ने इस गाइडेंस में कहा है कि टैक्स की चोरी से लड़ने और रेवेन्यू बेस की सुरक्षा करने की देश की प्रतिबद्धता मजबूत है। हालांकि, क्रिप्टो-एसेट्स की तेजी से हो रही ग्रोथ से नई चुनौती खड़ी हुई है। इस गाइडेंस में क्रिप्टो-एसेट को 'वैल्यू के डिजिटल रिप्रेजेंटेशन' के तौर पर परिभाषित किया गया है जो ट्रांजैक्शंस को वैलिडेट और सिक्योर करने के लिए क्रिप्टोग्राफिकली सिक्योर्ड डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर या इस प्रकार की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है।
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