अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump ने पार्लियामेंट से क्रिप्टो से जुड़े एक्ट को जल्द पारित करने को कहा है। इससे इस मार्केट को लेकर रेगुलेटरी स्थिति को स्पष्ट किया सकेगा। इससे क्रिप्टो मार्केट में इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की हिस्सेदारी भी बढ़ सकती है
इस मार्केट में इंस्टीट्यूशनल डिमांड भी बढ़ी है
अमेरिका डॉलर में कमजोरी और इंस्टीट्यूशनल डिमांड मजबूत होने से क्रिप्टो मार्केट में मंगलवार को जोरदारी तेजी थी। मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस तीन महीने के हाई पर पहुंच गया है। बिटकॉइन ने 81,000 डॉलर के लेवल को पार किया है। हालांकि, बाद में इसमें कुछ गिरावट हुई है।
इस रिपोर्ट को पब्लिश करने पर इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Coinmarketcap पर बिटकॉइन का प्राइस 79,900 डॉलर पर था। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी तेजी थी। Ethereum का प्राइस लगभग 2,486 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। प्रॉफिट वाली अन्य क्रिप्टोकरेंसीज में Cardano, Solana, Monero और XRP शामिल थे। पिछले एक सप्ताह में बिटकॉइन के प्राइस में लगभग 26 प्रतिशत और Ethereum में 32 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump ने पार्लियामेंट से क्रिप्टो से जुड़े एक्ट को जल्द पारित करने को कहा है। इससे इस मार्केट को लेकर रेगुलेटरी स्थिति को स्पष्ट किया सकेगा। इससे क्रिप्टो मार्केट में इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की हिस्सेदारी भी बढ़ सकती है।
क्रिप्टो मार्केट में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) के जरिए इंस्टीट्यूशनल डिमांड भी बढ़ी है। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से भी इस मार्केट को फायदा मिला है। पिछले सप्ताह अमेरिकी ट्रेजरी ने लॉन्ग-टर्म यील्ड में प्रॉफिट को सीमित करने में मदद के लिए बॉन्ड्स के बायबैक की योजना की जानकारी दी थी। इससे अमेरिकी डॉलर को नुकसान हआ है। भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का मानना है कि बैंकों और अन्य फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस को क्रिप्टोकरेंसीज या प्राइवेट एंटिटीज के स्टेबलकॉइन्स को होल्ड करने, ट्रेडिंग या इनमें फंड लगाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। इसके साथ ही RBI का सुझाव है कि क्रिप्टोकरेंसीज को रेगुलेटेड फाइनेंशियल सिस्टम के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए।
पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो सेगमेंट से जुड़े फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी क्रिप्टोकरेंसीज में ट्रेडिंग को लेकर आशंका जताई है। हाल ही में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने क्रिप्टो एक्सचेंजों और अन्य इंटरमीडियरीज के लिए मौजूदा टैक्स कानूनों के तहत ट्रांजैक्शंस की रिपोर्टिंग के लिए एक विस्तृत गाइडेंस जारी किया था। CBDT ने इस गाइडेंस में कहा है कि टैक्स की चोरी से लड़ने और रेवेन्यू बेस की सुरक्षा करने की देश की प्रतिबद्धता मजबूत है।
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