Bitcoin माइनर CleanSpark का रेवेन्यू 400 प्रतिशत बढ़ा, Bitcoin का प्राइस बढ़ने से हुआ फायदा

CleanSpark को चौथे क्वार्टर में सबसे अधिक 2.7 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू मिला और इसका बड़ा कारण बिटकॉइन के प्राइस में आई तेजी है

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आकाश आनंद, अपडेटेड: 16 दिसंबर 2021 14:04 IST
ख़ास बातें
  • CleanSpark का रेवेन्यू 4.94 करोड़ डॉलर रहा
  • पिछले आठ महीनों के दौरान कंपनी ने तेजी से बिजनेस बढ़ाया है
  • इसके पास अभी 1.3 एक्सहैश प्रति सेकेंड की कंप्यूटिंग पावर है

पिछले आठ महीनों के दौरान कंपनी ने तेजी से बिजनेस बढ़ाया है

दुनिया की सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरंसी Bitcoin की माइनिंग करने वाली और एनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनी CleanSpark का रेवेन्यू फाइनेंशियल ईयर 2021 में 400 प्रतिशत बढ़ा है। हालांकि, कंपनी को 2.18 करोड़ डॉलर या 0.75 डॉलर प्रतिशत शेयर का लॉस भी हुआ है। अक्टूबर से सितंबर के फाइनेंशियल ईयर पर चलने वाली CleanSpark का रेवेन्यू 4.94 करोड़ डॉलर रहा, जो इससे पिछले फाइनेंशियल ईयर में लगभग 10 लाख डॉलर का था। 

कॉइनडेस्क की रिपोर्ट के अनुसार, CleanSpark को चौथे क्वार्टर में सबसे अधिक 2.7 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू मिला और इसका बड़ा कारण बिटकॉइन के प्राइस में आई तेजी है। हालांकि, इससे पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का नेट लॉस लगभग 2.33 करोड़ डॉलर या 1.07 डॉलर प्रति शेयर का था। फाइनेंशियल ईयर 2021 में कंपनी का एडजस्टेड EBITDA 90 लाख डॉलर या 0.31 डॉलर प्रति शेयर का रहा। पिछले आठ महीनों के दौरान कंपनी ने तेजी से बिजनेस बढ़ाया है। अप्रैल में इसने 22,680 बिटकॉइन माइनिंग मशीनें खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट किया था। 

CleanSpark ने अगस्त में अमेरिका में कैलिफोर्निया के नॉरक्रॉस में दूसरा डेटा सेंटर 65 लाख डॉलर में खरीदा था। पिछले दो महीनों में इसने अतिरिक्त माइनिंग मशीनें भी खरीदी हैं। कंपनी ने हाल ही में नॉरक्रॉस के माइनिंग सेंटर के लिए 20 मेगावॉट का कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिया था। इसके पास अभी 1.3 एक्सहैश प्रति सेकेंड की कंप्यूटिंग पावर है। इसे अतिरिक्त माइनिंग पावर के साथ बढ़ाने की योजना है। CleanSpark के CEO, Zach Bradford ने बताया, "कंपनी अपने कामकाज को अधिक एफिशिएंट बनाने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी से चलने वाली मशीनों और इमर्शन कूलिंग का इस्तेमाल कर रही है। इससे कंपनी के माइनिंग सेंटर्स में प्रोडक्शन बढ़ने और कॉस्ट में कमी आने की उम्मीद है।"

हालांकि, बिटकॉइन माइनिंग में एनर्जी की अधिक खपत होने की वजह से अमेरिका में इसका विरोध भी किया जा रहा है। चीन में क्रिप्टो से जुड़ी सभी एक्टिविटीज पर रोक लगाने के बाद टेक्सस Bitcoin माइनिंग के एक हब के तौर पर उभरा है। चीन के क्रिप्टो माइनिंग पर प्रतिबंध लगाने का एक बड़ा कारण इसमें होने वाली इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत था। टेक्सस में क्रिप्टो की माइनिंग करने वालों को 10 वर्ष तक टैक्स में छूट और सेल्स टैक्स क्रेडिट जैसे इंसेंटिव दिए जा रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो माइंस में से दो टेक्सस में बन रही हैं। हालांकि, टेक्सस के निवासी इससे खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि टेक्सस में इलेक्ट्रिसिटी की कमी हो रही है और इसकी वजह Bitcoin माइनिंग है। इस वर्ष फरवरी में टेक्सस के इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई में कमी के चलते कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था।
 

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