अमेरिका के Portsmouth शहर में Bitcoin से की जा सकेगी बिल की पेमेंट

New Hampshire राज्य के Portsmouth शहर में निवासियों को बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसीज के जरिए इलेक्ट्रिसिटी बिल्स का भुगतान करने की अनुमति दी गई है

अमेरिका के Portsmouth शहर में Bitcoin से की जा सकेगी बिल की पेमेंट

अमेरिका में हाल ही में क्रिप्टो से जुड़ा एग्जिक्यूटिव ऑर्डर जारी हुआ है

ख़ास बातें
  • सामान्य करेंसी के साथ पेमेंट करने का विकल्प भी बरकरार रहेगा
  • Portsmouth में क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस की सुविधा PayPal के जरिए मिलेगी
  • रेगुलेटर्स क्रिप्टो से जुड़ी ट्रांजैक्शंस के बढ़ने से चिंतित हैं
विज्ञापन
क्रिप्टोकरेंसीज को अमेरिका में अभी तक पेमेंट के एक विकल्प के तौर पर कानूनी दर्जा नहीं मिला है। हालांकि, इसके New Hampshire राज्य के Portsmouth शहर में निवासियों को बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसीज के जरिए इलेक्ट्रिसिटी बिल्स का भुगतान करने की अनुमति दी गई है। सामान्य करेंसी के साथ पेमेंट करने का विकल्प भी बरकरार रहेगा। क्रिप्टोकरेंसीज रखने वाले Portsmouth के निवासी बिल की पेमेंट के लिए इनका इस्तेमाल कर सकेंगे। 

Portsmouth के मेयर Deaglan McEachern का मानना है कि इससे लोगों को पेमेंट के अधिक विकल्प मिल सकेंगे। Seacoast Online की रिपोर्ट में McEachern के हवाले से कहा गया है, "मैं यह पक्का करना चाहता हूं कि Portsmouth यह देखने का इंतजार न करे कि यह कैसा प्रभाव डालने वाला है क्योंकि इसका प्रभाव पहले ही दिख रहा है।" Portsmouth में क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस की सुविधा PayPal के जरिए मिलेगी। Portsmouth की रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेटर Nancy Bates ने बताया, "PayPal एकाउंट में क्रिप्टोकरेंसी रखने वाले उपभोक्ता पेमेंट के लिए उस क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर सकेंगे।" 

अमेरिका में न्यूयॉर्क और मियामी सहित कुछ अन्य शहरों में भी बिल की पेमेंट के लिए क्रिप्टोकरेंसीज के इस्तेमाल की अनुमति है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस महीने की शुरुआत में डिजिटल एसेट्स से जुड़े एक एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें फेडरल रिजर्व से इस पर विचार करने को कहा गया है कि उसे अपनी डिजिटल करेंसी जारी करनी चाहिए या नहीं। इसमें ट्रेजरी डिपार्टमेंट और अन्य एजेंसियों को क्रिप्टोकरेंसीज के फाइनेंशियल सिस्टम और सिक्योरिटी पर असर की स्टडी करने का निर्देश भी दिया गया है।

हालांकि, यूरोपियन यूनियन के रेगुलेटर्स ने हाल ही में चेतावनी दी थी क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट करने वाले अपनी पूरी रकम गंवाने के लिए तैयार रहें। इससे संकेत मिलता है कि क्रिप्टो में इनवेस्टमेंट करने वालों के पास EU के फाइनेंशियल सर्विसेज कानून के तहत कोई सुरक्षा या मुआवजे का प्रावधान नहीं है। रेगुलेटर्स इससे चिंतित हैं कि Bitcoin और Ether सहित क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट करने वालों की संख्या बढ़ रही है। क्रिप्टो के कुल मार्केट में Bitcoin और Ether की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत की है। रेगुलेटर्स का कहना है कि लोगों को क्रिप्टोकरेंसीज से जुड़े रिस्क की पूरी जानकारी नहीं है। हाल के महीनों में क्रिप्टो से जुड़े स्कैम के मामले बढ़े हैं। इस वजह से रेगुलेटर्स इस सेगमेंट की स्क्रूटनी बढ़ाना चाहते हैं। 

 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Payments, Bitcoin, Federal Reserve, America, Regulators, EU, Option

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Maruti Suzuki की e Vitara हुई महंगी
  2. Honor की 14,000mAh की पावरफुल बैटरी वाला स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी
  3. WhatsApp में बदल गया मैसेज एडिटिंग का अंदाज! अब ज्यादा आसानी से कर सकेंगे सुधार
  4. Elon Musk से छिना ट्रिलिनेयर का खिताब, SpaceX का शेयर प्राइस गिरने का असर
  5. GTA 6 खरीदना पड़ेगा महंगा? शुरू हुई प्री-बुकिंग, सामने आया ऑफिशियल प्राइस
  6. Vivo X500 Pro में हो सकता है 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, 7,500mAh की बैटरी
  7. Redmi K90 Ultra में मिलेगा Snapdragon 8 Elite चिपसेट, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  8. बोरिंग Resume बनाना छोड़ो! ChatGPT से चंद मिनटों में ऐसे तैयार करें प्रोफेशनल CV
  9. Airtel का जबरदस्त ऑफर, ग्राहकों को फ्री मिल रहे 3800 रुपये के बेनिफिट्स, ऐसे करें क्लैम
  10. अब WhatsApp खुद बताएगा नंबर भरोसेमंद है या नहीं, आ रहा नया फीचर
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »