WhatsApp और iMessage में यूजर की प्राइवेसी कितनी सेफ, जानिए नई रिपोर्ट में क्‍या है

यह जानकारी FBI (फेडरल ब्‍यूरो ऑफ इन्‍वेस्टिगेशन) के एक लीक डॉक्‍युमेंट से आई है।

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प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 2 दिसंबर 2021 13:14 IST
ख़ास बातें
  • दोनों ऐप ने FBI को "लिमिटेड" मेसेज कंटेंट की पेशकश की : रिपोर्ट
  • इन प्लैटफॉर्म्‍स ने स्वेच्छा से 'कुछ' डेटा की भी पेशकश की
  • Signal, Telegram जैसे ऐप्‍स ने मेसेज कंटेंट का खुलासा नहीं किया

आसान शब्‍दों में इसका मतलब है कि FBI अपने 'टारगेट' और उनके कॉन्‍टैक्‍ट्स दोनों से अड्रेस बुक डेटा हासिल करने में सक्षम है।

सोशल मीडिया से लबरेज जिंदगी में लोग किसी एक प्‍लैटफॉर्म तक सिमटे हुए नहीं हैं। हर कोई तीन-चार सोशल मीडिया प्‍लैटफॉर्म्‍स पर रोजाना एक्टिव होता ही है, जहां वो अपनों का हाल जानता है। दूसरों की एक्टिविटी टटोलता है और थोड़ा-बहुत मनोरंजन कर लेता है। इन सोशल मीडिया प्‍लैटफॉर्म्‍स में से कुछ ऐप सिर्फ मेसेजिंग के लिए हैं। जहां चैट्स होती हैं। फोटो-विडियो शेयर होते हैं। लेकिन इन ऐप्‍स में कई बार यूजर्स की संवेदनशील जानकारी होती है, जिसे वो प्राइवेट रखना चाहते हैं। लीक हुए एक डॉक्‍युमेंट से पता चला है कि दो प्रमुख चैटिंग ऐप, वॉट्सऐप WhatsApp और आईमेसेज iMessage- अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसी FBI के साथ काफी डेटा शेयर करते हैं।     

Rolling Stone की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी FBI (फेडरल ब्‍यूरो ऑफ इन्‍वेस्टिगेशन) के एक लीक डॉक्‍युमेंट से आई है। डॉक्‍युमेंट से पता चला है कि फेसबुक के स्‍वामित्‍व वाला वॉट्सऐप और ऐपल का आईमेसेज एफबीआई को सबसे अधिक जानकारी देता है, जिसे FBI कानूनी रूप से किसी भी मेसेजिंग ऐप से हासिल कर सकती है। 

डॉक्‍युमेंट में बताया गया है कि वॉट्सऐप, आईमेसेज और लाइन ऐप, इन सभी ने FBI की कानूनी रिक्‍वेस्‍ट पर "लिमिटेड" मेसेज कंटेंट की पेशकश की। इसके अलावा इन प्लैटफॉर्म्‍स ने स्वेच्छा से 'कुछ' डेटा की भी पेशकश की। वहीं, Signal, Telegram, Threema, Viber, WeChat और Wickr जैसे ऐप्‍स ने मेसेज कंटेंट का खुलासा नहीं किया। जानकारी के मुताबिक, पॉपुलर एंड्रॉयड मेसेजिंग ऐप यानी वॉट्सऐप सिर्फ बेसिक सब्‍सक्राइबर रिकॉर्ड को शेयर करता है।  

आसान शब्‍दों में इसका मतलब है कि FBI अपने 'टारगेट' और उनके कॉन्‍टैक्‍ट्स दोनों से अड्रेस बुक डेटा हासिल करने में सक्षम है। FBI ऐप से भेजे गए मेसेज के सोर्स और उसकी डेस्टिनेशन को भी ट्रैक कर सकती है। मतलब, अगर आपने FBI के टारगेट की कॉन्‍टैक्‍ट इन्‍फर्मेशन सेव कर ली है, तो आपकी अड्रेस बुक भी FBI के पास जासूसी करने के लिए उपलब्ध है। iMessage सर्विस के मामले में तो स्थिति और भी बदतर है। अगर iMessage यूजर्स iCloud पर अपने मेसेजेस का बैकअप लेते हैं, तो FBI के पास उनका मेसेज कंटेंट पहुंच जाता है। 
 
 

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