सांसदों ने WhatsApp को कह दिया 'देश के लिए खतरा', जल्द लग सकता है बैन!

एक सांसद Anton Nemkin ने एक कदम आगे बढ़ते हुए WhatsApp को कथित तौर पर "स्कैमऔर जासूसी टूल" तक कह डाला।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 18 जुलाई 2025 18:47 IST
ख़ास बातें
  • रूसी सांसद बोले - WhatsApp को देश छोड़ने की तैयारी करनी चाहिए
  • Meta पहले से रूस में 'Extremist' संगठन घोषित, अब बारी WhatsApp की
  • घरेलू MAX ऐप को प्रमोट कर रही सरकार, WhatsApp को बताया 'सिक्योरिटी रिस्क'

इस पूरे मुद्दे के बीच, रूस ने अपने घरेलू चैट प्लेटफॉर्म MAX का ऐलान कर दिया है

Photo Credit: Pexels

रूस में Meta के स्वामित्व वाला चैट ऐप WhatsApp अब खतरे में है। रूसी सांसदों ने साफ कहा है कि WhatsApp को देश छोड़ने की तैयारी कर लेनी चाहिए, क्योंकि इसे अब एक "राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा" माना जा रहा है। ये बयान ऐसे समय आया है जब रूस अपने खुद के मैसेजिंग ऐप MAX को बढ़ावा दे रहा है और विदेशी ऐप्स पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।

रॉयटर्स की एक लेटेस्ट रिपोर्ट बताती है कि रूस के सांसद Anton Gorelkin ने Meta को पहले ही “एक्सट्रीमिस्ट ऑर्गेनाइजेशन” घोषित किए जाने की बात दोहराई और कहा कि जिस तरह Facebook और Instagram को पहले ब्लॉक किया गया था, उसी रास्ते पर अब WhatsApp भी है। उन्होंने Telegram पर लिखा कि Meta के सभी प्लेटफॉर्म्स पर एक जैसा रवैया अपनाया जाना चाहिए। उनकी मानें तो WhatsApp को अब "प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर" की लिस्ट में डालने की जरूरत है।

दूसरे सांसद Anton Nemkin ने एक कदम आगे बढ़ते हुए WhatsApp को कथित तौर पर "स्कैमऔर जासूसी टूल" तक कह डाला। उन्होंने कहा कि इस ऐप के जरिए रूस विरोधी ताकतों को एक्सेस मिल सकता है और ये देश की डिजिटल संप्रभुता के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे ऐप्स को रूस के डिजिटल सिस्टम से हटाना जरूरी है।

रिपोर्ट आगे बताती है कि इस पूरे मुद्दे के बीच, रूस ने अपने घरेलू चैट प्लेटफॉर्म MAX का ऐलान कर दिया है। ये ऐप सरकार द्वारा डिवेलप किया जा रहा है और इसका मकसद WhatsApp जैसे विदेशी प्लेटफॉर्म्स को रिप्लेस करना है। MAX के जरिए नागरिक न सिर्फ मैसेज कर पाएंगे, बल्कि सरकारी सर्विस को भी एक्सेस कर सकेंगे।

Telegram की बात करें, तो अभी के लिए उसे खतरा नहीं बताया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Telegram अब एक रूसी लीगल एंटिटी के तौर पर रजिस्टर होने की प्रक्रिया में है और सरकार के साथ सहयोग कर रहा है। इसी वजह से WhatsApp के मुकाबले Telegram फिलहाल सेफ जोन में है।
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हालांकि, Meta की तरफ से अब तक इस पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन जिस तरह से रूस की सरकार विदेशी टेक्नोलॉजी पर पाबंदियां लगा रही है, ये साफ है कि आने वाले महीनों में WhatsApp को रूस में ऑपरेट करना और मुश्किल हो सकता है।
 

रूस WhatsApp को क्यों बैन करना चाहता है?

रूसी सांसदों ने WhatsApp को 'सिक्योरिटी थ्रेट' बताया है और विदेशी सॉफ्टवेयर पर प्रतिबंध की मांग की है।

क्या पहले भी Meta के ऐप्स पर बैन लगा है?

हां, रूस में Facebook और Instagram को पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है।

MAX ऐप क्या है?

MAX रूस सरकार का खुद का मैसेजिंग ऐप है, जिसे WhatsApp का विकल्प बनाया जा रहा है।

Telegram पर बैन क्यों नहीं?

Telegram रूस के कानूनों का पालन कर रहा है और वहां लीगल एंटिटी बनने की तैयारी में है।

Meta या WhatsApp की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है क्या?

अब तक इस मुद्दे पर Meta की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है।

 

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ये भी पढ़े: Russia, WhatsApp, MAX App
Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
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