• होम
  • ऐप्स
  • ख़बरें
  • रिलायंस जियो विदेशी कंपनियों के साथ यूज़र डेटा कर रही है साझा: रिपोर्ट

रिलायंस जियो विदेशी कंपनियों के साथ यूज़र डेटा कर रही है साझा: रिपोर्ट

रिलायंस जियो विदेशी कंपनियों के साथ यूज़र डेटा कर रही है साझा: रिपोर्ट
ख़ास बातें
  • रिलायंस जियो यूज़र डेटा को विदेशी कंपनियों से साथ साझा कर रही है: रिपोर्ट
  • माय जियो और जियो डायलर ऐप द्वारा डेटा साझा करने की खबरें हैं
  • एनॉनिमस हैकर ग्रुप ने एक स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किया है
विज्ञापन
रिलायंस जियो लगातार खबरों में बनी हुई है और कंपनी से जुड़ी खबरें थमने का नाम नहीं ले रहीं। अब, रिलायंस जियो एक अलग कारण से सुर्खियों में छाई हुई है। हैकिंग समूह एनॉनिमस के हैकरों ने दावा किया है कि रिलायंस जियो ऐप से यूज़र कॉल डेटा को विदेशों में में लीक किया जा रहा है।

एनॉनिमस इंडिया (@redteamin) का दावा है कि रिलायंस जियो यूज़र का डेटा अमेरिका और सिंगापुर की कंपनियों की कुछ कंपनियों के साथ साझा रही है। और इस प्रक्रिया को यूज़र द्वारा वेरिफाई करने के लिए विस्तृत गाइड भी जारी की है।

हालांकि हम इस डेटा को वेरिफाई करने में असफल रहे, लेकिन इस समूह ने कुछ मीडिया घरानों को सूचना दी है कि माय जियो और जियो डायलर ऐप उन ऐप में शामिल हैं जिनसे मैड-मी नाम के एक नेटवर्क को जानकारी भेजी जा रही है। इस समूह ने आगे बताया कि इन कंपनियों को भेजा गया डेटा इनक्रिप्टेड है जिसका मतलब है कि इस डेटा को रोकने का मौका किसी के पास बहुत कम हैं।
 

इस हैकर समूह द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट से कथित तौर पर यह साबित होता है कि यूज़र डेटा को विदेशी कंपनियों के साथ साझा किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, ''इस स्क्रीनशॉट से साफ होता है कि जियो ऐप में थर्ड पार्टी एसडीके का इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि एसडीके द्वारा डेटा जुटाने की ना तो वेरिफिकेशन की जा रही है और ना ही यह पता है कि यह डेटा कहां जा रहा है। इससे यूज़र प्राइवेसी (एसआईसी) का उल्लंघन होता है।''

इन आरोपों के जवाब में जियो इन्फोकॉम (आरजेआईएल) ने गैज़ेट्स 360 को ईमेल के जरिए एक बयान में बताया कि, ''जियो अपने ग्राहकों की सुरक्षा और निज़ता को बेहद गंभीरता से लेती है। काम करने के उच्च स्तरीय मापदंड को ध्यान में रखते हुए रिलायंस जियो किसी भी कंपनी के साथ अपने उपभोक्ता के डेटा साझा नहीं करती। जियो द्वारा इकट्ठा की गई कोई भी जानकारी आंतरिक विश्लेषण के लिए होती है ताकि जियो के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बेहतर सेवा और ऑफर दे सकें।''

करीब एक साल पहले, एनॉनिम्स ने आरजेआईएल पर जियो चैट ऐप ऐप से चीन के सर्वर पर डेटा भेजने का आरोप लगाया था। तब कंपनी ने इन आरोपों को नकार दिया था और इसे 'जियो चैट ऐप के खिलाफ निराधार और दुर्भावनापूर्ण' करार दिया था।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Maruti Suzuki की e Vitara हुई महंगी
  2. Honor की 14,000mAh की पावरफुल बैटरी वाला स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी
  3. WhatsApp में बदल गया मैसेज एडिटिंग का अंदाज! अब ज्यादा आसानी से कर सकेंगे सुधार
  4. Elon Musk से छिना ट्रिलिनेयर का खिताब, SpaceX का शेयर प्राइस गिरने का असर
  5. GTA 6 खरीदना पड़ेगा महंगा? शुरू हुई प्री-बुकिंग, सामने आया ऑफिशियल प्राइस
  6. Vivo X500 Pro में हो सकता है 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, 7,500mAh की बैटरी
  7. Redmi K90 Ultra में मिलेगा Snapdragon 8 Elite चिपसेट, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  8. बोरिंग Resume बनाना छोड़ो! ChatGPT से चंद मिनटों में ऐसे तैयार करें प्रोफेशनल CV
  9. Airtel का जबरदस्त ऑफर, ग्राहकों को फ्री मिल रहे 3800 रुपये के बेनिफिट्स, ऐसे करें क्लैम
  10. अब WhatsApp खुद बताएगा नंबर भरोसेमंद है या नहीं, आ रहा नया फीचर
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »