माता-पिता तय करेंगे कौन से ऐप देखें बच्चे, Google प्ले स्टोर में आ रहा एज वैरिफिकेशन सिस्टम

यह एक ऐसा सिस्टम है जो डेवलपर को उसकी निजता भंग किए बिना उम्र का पता लगाता है।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 31 जुलाई 2026 18:33 IST
ख़ास बातें
  • Play Store के ऐप्स में एज वैरिफिकेशन अब ग्लोबल लेवल पर लागू होगा।
  • ऐप स्टोर्स पर रेगुलेटरी दबाव के चलते कंपनियां इस सिस्टम को लागू करेंगी।
  • यूजर्स को ऐप एक्सेस के लिए एज वैरिफिकेशन से गुजरना पड़ेगा।

Google के प्ले स्टोर में ऐप्स के लिए एज वैरिफिकेशन सिस्टम जल्द ही लागू होने वाला है

Photo Credit: freepnglogo

Google अब एज वैरिफिकेशन सिस्टम को ग्लोबल करने जा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि Play Store के ऐप्स में एज वैरिफिकेशन अब ग्लोबल लेवल पर लागू होगा। ऐप स्टोर्स पर रेगुलेटरी दबाव के चलते कंपनियां इस सिस्टम को लागू करने जा रही हैं। इससे पहले Apple ने इस सिस्टम को लागू किया था। अब गूगल भी इसे प्ले स्टोर में ग्लोबल लेवल पर रोलआउट करने जा रही है। यानी सभी देशों में प्ले स्टोर पर ऐप के अंदर अब एज वैरिफिकेशन सिस्टम देखने को मिलेगा जिसमें यूजर्स को ऐप एक्सेस के लिए एज वैरिफिकेशन से गुजरना पड़ेगा। 

Google के प्ले स्टोर में ऐप्स के लिए एज वैरिफिकेशन सिस्टम जल्द ही लागू होने वाला है जो कि ग्लोबल लेवल पर होगा। रेगुलेटर्स लगातार प्ले स्टोर्स पर इसके लिए दबाव बना रहे हैं कि ऐप एक्सेस के समय यूजर की उम्र का पता किया जाएगा। गूगल इसके लिए Play Age Signal API का रोलआउट कर रही है। ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, यह एक ऐसा सिस्टम है जो डेवलपर को उसकी निजता भंग किए बिना उम्र का पता लगाता है। 2026 के अंत तक कंपनी इसे सभी देशों में रोल आउट कर चुकी होगी जिसमें अमेरिकी मार्केट भी शामिल होगी। 

Play Age Signal API को कंपनी दुनियाभर में रोलआउट करने जा रही है।
Photo Credit: Google

Play Age Signal API को कंपनी ने पिछले साल बीटा वर्जन में लॉन्च किया था। यह एक ऐसा सिस्टम है जिसमें यूजर की ID या सेल्फी वैरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ती है। यह गूगल के मौजूदा Family Link ऐप से कनेक्ट होता है जिसकी मदद से माता-पिता बच्चों के लिए एक उम्र का दायरा (age range) सेट कर सकते हैं। कहा गया है कि अगस्त के मध्य तक API को ऑस्ट्रेलिया और कनाडा़ में रोलआउट किया जा चुका होगा। वहीं, साल के अंत तक यह दुनिया के सभी देशों में पहुंच चुका होगा। 

दुनिया भर में रेगुलेटर्स अब ऐप स्टोर पर नाबालिगों की बेहतर सुरक्षा के लिए दबाव डाल रहे हैं। उदाहरण के लिए, एज वैरिफिकेशन मांगने वाले बढ़ते कानूनों का पालन करने के लिए Apple ने फरवरी में दुनिया भर में अपने एज-वैरिफिकेशन टूल लॉन्च किए। अब Google की टेक्नोलॉजी डेवलपर्स को यूजर की निजी जानकारी (जैसे जन्म तारीख) लिए बिना उनकी उम्र का दायरा जानने की सुविधा देती है। यह माता-पिता को सीधे ऐप्स के साथ अपने बच्चे की उम्र का दायरा शेयर करने की सुविधा देती है।

 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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