कंपनियों को लगा था कि इंसानों की जगह AI से काम लिया जा सकता है। लेकिन अब यह बात उल्टी पड़ती दिख रही है।
AI को सबकुछ मानकर कंपनियों ने बीते कुछ महीनों में जमकर छंटनी की थी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या, AI को सबकुछ मानकर कंपनियों ने बीते कुछ महीनों में जमकर छंटनी की। एक साल के भीतर लाखों कर्मचारी अपनी नौकरियां गंवा बैठे। AI बूम के चलते कंपनियों को लगा था कि इंसानों की जगह AI से काम लिया जा सकता है तो फिर कर्मचारियों की क्या जरूरत? लेकिन अब यह बात उल्टी पड़ती दिख रही है। हालिया रिपोर्ट्स की मानें तो कई नामी कंपनियां फिर से कर्मचारियों की भर्तियां शुरू कर चुकी हैं। कईयों का तो कहना है कि AI एक लिमिट तक ही इंसानों की जगह ले सकता है, लेकिन कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां इंसानों के बिना काम नहीं चल सकता!
AI के कारण नौकरियां गंवाने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। टेक कंपनियां फिर से कर्मचारियों की भर्ती करने लगी हैं। CNBC की रिपोर्ट में कहा गया है 'सबकुछ' करने वाले AI के भरोसे कर्मचारियों को निकाल कर कंपनियां अब पछता रही हैं। कंपनियों को अहसास हुआ है कि मानव कर्मचारियों के बिना बिजनेस को आगे ले जाना बहुत मुश्किल है। कंपनियाँ अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए कर्मचारियों को फिर से काम पर रख रही हैं। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि फाइनेंशियल मार्केट में चल रहा AI का यह उछाल कितने समय तक चलेगा, इसका कोई भरोसा नहीं है।
ऑटोमोबाइल बनाने वाली दिग्गज Ford उन लेटेस्ट कंपनियों में से है जो पुन: भर्तियां शुरू कर चुकी हैं। कंपनी सैकड़ों अनुभवी मानव इंजीनियरों को फिर से काम पर रख रही है। कंपनी का कहना है कि क्वालिटी से जुड़ी समस्याओं को ऑटोमेटेड सिस्टम हल नहीं कर पा रहे थे। इसके लिए इंसानों की ही जरूरत है। फोर्ड के व्हीकल हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट चार्ल्स पून ने मीडिया से कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक शानदार टूल है, लेकिन यह तभी अच्छा काम करता है जितनी अच्छी जानकारी का इस्तेमाल इसे ट्रेन करने के लिए किया जाता है।
सिर्फ Ford ही नहीं, कई नामी कंपनियां अब फिर से कर्मचारियों को हायर करना शुरू कर चुकी हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया की Commonwealth Bank और सॉफ्टवेयर दिग्गज IBM भी शामिल है। पिछले साल, CBA ने 40 से ज़्यादा कस्टमर सर्विस कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया और उनकी जगह AI वॉइस बॉट लगा दिया। हालाँकि, AI सिस्टम काम का बोझ नहीं संभाल पाया, जिससे कॉल्स की संख्या बढ़ गई और CBA को कर्मचारियों की छंटनी का फ़ैसला वापस लेना पड़ा। कुल मिलाकर अब कंपनियों को अहसास होने लगा है कि कई जगहों पर इंसानों की जगह AI नहीं ले सकता है, खासकर क्वालिटी और कस्टमर सर्विस जैसे क्षेत्रों में!
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