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भारत में Google Pixel में आया धांसू AI फीचर, चुटकी में पकड़ेगा स्कैम और फ्रॉड कॉल

बढ़ते स्कैम खतरे को देखते हुए कंपनी ने यह नया फीचर शुरू किया है जो डिवाइस के अंदर ही रियल टाइम में कॉल्स और मैसेजेस को स्कैन करेगा

भारत में Google Pixel में आया धांसू AI फीचर, चुटकी में पकड़ेगा स्कैम और फ्रॉड कॉल

Photo Credit: iStock/ArtMarie

Google Pixel फोन अब भारत में स्पैम का पता भी लगाएंगे

ख़ास बातें
  • AI रियल टाइम स्कैन को कंडक्ट करेगा जो पिक्सल फोन पर स्पैम का पता करेगा
  • Safe and Trusted AI इवेंट के दौरान नए फीचर की घोषणा
  • यूजर चाहे तो इसे एक्टिवेट कर सकता है और चाहे तो डिसेबल कर सकता है।
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Google Pixel फोन अब भारत में स्पैम का पता भी लगाएंगे। कंपनी ने भारत में अपने पिक्सल स्मार्टफोन्स में AI संचालित स्कैम-स्पैम डिटेक्शन फीचर का रोलआउट करना शुरू कर दिया है जिसकी मदद से यूजर्स को साइबर फ्रॉड से सुरक्षा मिलेगी। गूगल पिक्सल फोन में स्पैम डिटेक्शन फीचर यूजर्स को संभावित स्कैम कॉल और मैसेज के बारे में अलर्ट भेजेगा। स्पैम डिटेक्शन डिवाइस पर होने वाले कॉल्स का विश्लेषण करेगा और उसी आधार पर यह चयन करेगा कि कोई कॉल स्पैम कॉल है या एक साधारण कॉल है। 

Google Pixel में स्पैम पर शिकंजा
Google ने अपने पिक्सल स्मार्टफोन्स में भारत के अंदर स्पैम डिटेक्शन फीचर की घोषणा की है। यह कंपनी के Gemini Nano की मदद से काम करेगा। बढ़ते स्कैम खतरे को देखते हुए कंपनी ने यह नया फीचर शुरू किया है जो डिवाइस के अंदर ही रियल टाइम में कॉल्स और मैसेजेस को स्कैन करेगा कि वह कहीं कोई स्पैम तो नहीं! कंपनी ने Safe and Trusted AI इवेंट के दौरान इस नए फीचर की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि उसका मकसद भारत में लोगों को फोन के माध्यम से होने वाले फ्रॉड से बचाना है। 

Gemini Nano AI करेगा रियल-टाइम स्कैन
Gemini Nano AI रियल टाइम स्कैन को कंडक्ट करेगा जो पिक्सल फोन पर आने वाले कॉल्स का ऑन-डिवाइस ही विश्लेषण करेगा। यह नया टूल अनजान नम्बरों से आने वाले इनकमिंग कॉल्स को एनेलाइज करेगा और पता लगाएगा कि कॉल किस प्रकार है। अगर एआई टूल को लगा कि यह कॉल एक फ्रॉड हो सकता है तो वह उस विशेष नम्बर के लिए यूजर के पास अलर्ट भेजेगा। 

यूजर्स की प्राइवेसी भी सुनिश्चित
यूजर्स को कंपनी ने पूरा कंट्रोल दिया है। यूजर चाहे तो इसे एक्टिवेट कर सकता है और चाहे तो डिसेबल कर सकता है। कंपनी की तरफ से यह ऑफ मोड में पेश किया जाएगा। जिसके बाद यूजर अपनी इच्छा अनुसार इसे ऑन कर सकता है। इसके लिए दोनों ही पार्टियों को एक सूक्ष्म बीप भेजा जाएगा जिससे पता लग सकेगा कि फीचर एक्टिवेट किया गया है या नहीं। साथ ही यूजर्स के डेटा की प्राइवेसी भी सुनिश्चित रखने की बात कंपनी ने कही है। यह फीचर न तो ऑडियो रिकॉर्ड करेगा और न ही गूगल के पास किसी तरह का ट्रांसक्रिप्ट भेजेगा जिससे डेटा प्राइवेट रहेगा। 
 

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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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