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AI के जवाबों से उठ रहा ग्राहकों का विश्वास, चाहिए भरोसेमंद सोर्स!

सर्वे में शामिल चार में से तीन लोगों का कहना है कि 10 साल पहले के मुकाबले अब इंटरनेट 'कम मानवीय' लगता है।

AI के जवाबों से उठ रहा ग्राहकों का विश्वास, चाहिए भरोसेमंद सोर्स!

Photo Credit: Magnific

60% ग्राहकों को नहीं पसंद आ रहे ब्रांड्स के AI मैसेज

ख़ास बातें
  • नई रिपोर्ट कहती है कि ग्राहकों का भरोसा जीतना अब आसान नहीं रह गया है
  • जो ब्रांड अपने मैसेज में AI का इस्तेमाल करते हैं, वे उन्हें पसंद नहीं आते
  • बिना साफ़ जानकारी वाले AI-जनरेटेड जवाबों पर भरोसा करना हुआ मुश्किल
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AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। यह हर क्षेत्र में इस्तेमाल हो रहा है जिसमें अब विज्ञापन भी शामिल हो चुके हैं। ग्राहक को विज्ञापन देखते हैं उनमें भी AI इस्तेमाल हो रहा है। यहां तक कि सर्च इंजन जो रिजल्ट दिखाता है उसमें भी कंपनियां अब कोशिशों में लगी हैं कि AI के जवाबों में ब्रांड का लिंक डाला जा सके। इसी के चलते अब ग्राहक AI के जवाबों में अब ज्यादा भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। नई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है कि ग्राहकों का रुझान AI जवाबों में कम हो रहा है। आइए जानते हैं विस्तार से AI और ग्राहकों के बीच के इन नए ट्रेंड के बारे में। 

WordPress VIP की ओर से जारी नई रिपोर्ट  (via) कहती है कि ग्राहकों का भरोसा जीतना अब आसान नहीं रह गया है। AI में किसी ब्रांड का लिंक डालना बहुत आसान है लेकिन ग्राहक उस पर भरोसा करे, यह जरूरी नहीं। WordPress VIP, Automattic की एक कंपनी है जो WordPress पब्लिशिंग प्लेटफ़ॉर्म का एंटरप्राइज़ वर्जन देती है। जैसे-जैसे ब्रांड AI सर्च रिज़ल्ट में अपने लिंक दिखाने की होड़ में लगे हैं, ग्राहक इस बात को लेकर ज़्यादा शक करने लगे हैं कि क्या वे सच में उन जवाबों पर भरोसा कर सकते हैं जो उन्हें मिल रहे हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में 60% ग्राहकों का कहना है कि जो ब्रांड अपने मैसेज में AI का इस्तेमाल करते हैं, वे उन्हें पसंद नहीं आते। साथ ही, 86% ग्राहक AI पर पूरी तरह भरोसा नहीं करते और असली सोर्स के बारे में जानना चाहते हैं। रिपोर्ट बताती है कि 42% ग्राहकों ने कहा कि बिना साफ़ जानकारी वाले AI-जनरेटेड जवाबों पर भरोसा करना बहुत मुश्किल है। यह वैसा ही है जैसे एयरलाइन की फीस, उलझाने वाली प्राइवेसी पॉलिसी और इंश्योरेंस या मेडिकल पॉलिसी पर भरोसा करना हो। 

सर्वे में शामिल चार में से तीन लोगों का कहना है कि 10 साल पहले के मुकाबले अब इंटरनेट 'कम मानवीय' लगता है। जैसे-जैसे कंपनियाँ AI सर्च इंजन पर अपने ब्रांड की मौजूदगी बढ़ाने के लिए ज़्यादा निवेश कर रही हैं, वैसे-वैसे ग्राहक पारदर्शिता और क्रेडिट को ज़्यादा अहमियत दे रहे हैं। रिपोर्ट अप्रैल में 2000 लोगों पर किए गए एक सर्वे पर आधारित है। जिसमें 800 एंटरप्राइज़ फ़ैसले लेने वाले अधिकारी और CMO, तथा 1,200 अमेरिकी वयस्क शामिल थे।
 

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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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