दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान AI आधारित Facial Recognition System का वीडियो वायरल होने के बाद नई बहस शुरू हो गई है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि यह सिस्टम Aadhaar डेटाबेस से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जंतर-मंतर पर AI आधारित Facial Recognition System को लेकर वीडियो वायरल
Photo Credit: AI Generated
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन के बीच अब AI आधारित Facial Recognition System को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद Delhi Police की निगरानी गाड़ियों में ऐसा सिस्टम इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कैमरे में दिखने वाले लोगों की पहचान कर उनकी जानकारी स्क्रीन पर दिखा देता है। इन वीडियो के सामने आने के बाद कई यूजर्स ने सवाल उठाए हैं कि क्या यह सिस्टम Aadhaar डेटाबेस से जुड़ा हुआ है। हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण या पुष्टि सामने नहीं आई है।
वायरल वीडियो में एक मोबाइल सर्विलांस वाहन दिखाई देता है, जिसमें 360-डिग्री कैमरों से मिलने वाली लाइव CCTV फुटेज देखी जा सकती है। स्क्रीन पर कुछ लोगों की तस्वीरें, नाम और अन्य जानकारी भी दिखाई देती है। हालांकि वीडियो में कहीं भी Aadhaar का जिक्र नहीं है और न ही दिल्ली पुलिस ने यह कहा है कि यह सिस्टम Aadhaar डेटाबेस से जुड़ा है।
Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, जंतर-मंतर के पास दिल्ली पुलिस ने दो सर्विलांस वाहन तैनात किए हैं। पहला वाहन इलाके में लगे CCTV कैमरों से लाइव वीडियो फीड इकट्ठा करता है, जबकि दूसरा वाहन AI की मदद से इन फुटेज का विश्लेषण करता है। इसमें दिखाई देने वाले चेहरों का मिलान पुलिस के पास मौजूद आपराधिक रिकॉर्ड वाले डेटाबेस से किया जाता है।
🚨 JANTAR MANTAR IS A PROTEST SITE, NOT A DIGITAL OPEN-AIR PRISON! 🛑
Delhi Police has stationed Facial Recognition Vans to live-scan peaceful protesters. They are harvesting biometrics and extracting personal data on the spot—and we have three direct questions for the… pic.twitter.com/zCcLg3uxOE
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक का उद्देश्य हर प्रदर्शनकारी की पहचान करना नहीं है। इसका इस्तेमाल केवल यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि भीड़ में कोई वांछित या आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति मौजूद है या नहीं।
चेहरा पहचानने का यह सिस्टम 'Ikshana' नाम के सर्विलांस वाहन का हिस्सा है, जिसे दिल्ली पुलिस ने 2023 के G20 Summit से पहले अपने सर्विलांस सिस्टम में शामिल किया था।
सोशल मीडिया पर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर सिस्टम Aadhaar का इस्तेमाल नहीं कर रहा, तो स्क्रीन पर दिखाई देने वाली व्यक्तिगत जानकारी आखिर किस डेटाबेस से आ रही है। फिलहाल इस बारे में दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक रूप से कोई जानकारी शेयर नहीं की है। वायरल वीडियो भी इस दावे की पुष्टि नहीं करते कि Aadhaar रिकॉर्ड एक्सेस किए जा रहे हैं।
बता दें कि फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि दिल्ली पुलिस का यह फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम Aadhaar डेटाबेस से जुड़ा है। वायरल वीडियो भी इस दावे की पुष्टि नहीं करते।
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