Telegram हो रहा इस देश में बैन, जानें क्या है वजह

रूस ने देश के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप Telegram को बैन कर दिया है।

Telegram हो रहा इस देश में बैन, जानें क्या है वजह

Photo Credit: Unsplash

Telegram रूस में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है।

ख़ास बातें
  • रूस ने सोशल मीडिया ऐप Telegram को बैन कर दिया है।
  • रूस नागरिकों की सुरक्षा के लिए टेलीग्राम को प्रतिबंधित कर रहा है।
  • रोसकोम्नाडजोर का कहना है कि Telegram पर निजी डाटा सुरक्षित नहीं है।
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रूस ने देश के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप Telegram को बैन कर दिया है। सरकार ने कहा कि वह रूस के नागरिकों की सुरक्षा के लिए टेलीग्राम को प्रतिबंधित कर रहा है। ऐप पर आरोप लगाया कि वह उन कंटेंट को ब्लॉक करने से इनकार कर रहा है जिन्हें आपराधिक और आतंकवादी माना जाता है। रूस के टेलीकम्युनिकेशन रेगुलटर रोस्कोम्नाडजोर ने एक बयान में कहा कि वह टेलीग्राम मैसेंजर के उपयोग को तब तक बैन रखेगा जब तक यह रूस के कानून का उल्लंघन करना बंद नहीं करेगा।

रोसकोम्नाडजोर का कहना है कि निजी डाटा सुरक्षित नहीं है और फ्रॉड या आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों के लिए मैसेजिंग सर्विस के उपयोग को रोकने के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं हैं। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने बताया कि टेलीग्राम पर मैसेंजर प्लेटफॉर्म से बैन कंटेंट को हटाने से इनकार करने और सेल्फ रेगुलेट में विफल रहने के लिए 64 मिलियन रूबल (लगभग 7,50,14,730 रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। टेलीग्राम के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद रूस में यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि मैसेजिंग ऐप काम नहीं कर रहा है या पहले से काफी स्लो चल रहा है। डिजिटल सर्विस ट्रैकिंग साइट डाउनडिटेक्टर के अनुसार, बीते 24 घंटों में 11 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। रूस में लाखों लोग टेलीग्राम का उपयोग करते हैं, जिनमें सेना, टॉप लेवल सरकारी अधिकारी, राज्य मीडिया सर्विस और क्रेमलिन और खुद रोसकोम्नाडजोर समेत सरकारी एजेंसी शामिल हैं।

रूस में एक सरकारी समर्थन वाला अन्य इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Max है। इस ऐप को रूस की सरकार ने देश में बेचे जाने वाले सभी नए स्मार्टफोन और टैबलेट में प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य किया हुआ है। इस पर यूजर्स एक दूसरे को मैसेज भेज सकते हैं, पैसे भेज सकते हैं और ऑडियो और वीडियो कॉल कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि इस ऐप को वीकॉन्टेक्ट (VK) ने तैयार किया था, जिसके को-फाउंडर दुरोव थे। दूरोव ने 2014 में अपने शेयर बेचने और रूस छोड़ने से पहले इसकी स्थापना की थी। दुरोव का कहना था कि क्रेमलिन ने वीके से यूक्रेनी यूजर्स का डेटा सौंपने को कहा था। वीके अब सरकारे के स्वामित्व वाली कंपनी है। रूस अपने नागरिकों को बाहरी ऐप्स से अलग करने के लिए करीबन एक दशक से प्रयास कर रहा है। रूसी सरकार ने पहले भी टेलीग्राम को ब्लॉक करने की कोशिश की है।

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ये भी पढ़े: Telegram, Telegram Ban, Russia
साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

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