वैज्ञानिकों ने बेन्नू (Bennu) नाम के एस्टरॉयड में ऐसे अणुओं का पता लगाया है, जो जीवन के लिए जरूरी होते हैं। यह स्टडी नेचर जर्नल में पब्लिश हुई है, जो संकेत देती है कि जिस रसायन ने बेन्नू एस्टरॉयड का निर्माण किया, वह आज बृहस्पति और शनि के बर्फीले चंद्रमाओं पर हो सकता है।
खगोलविदों ने यूनिवर्स के एक कोने में पानी के विशाल भंडार का पता लगाया है। यह 12 अरब प्रकाश वर्ष दूर है और एक क्वासर (quasar) व उसके ब्लैक होल के चारों ओर घूम रहा है। यह पानी हमसे इतना दूर है कि शायद ही उस तक पहुंचा जा सके। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पानी की मात्रा बहुत अधिक है। अनुमान है कि पृथ्वी पर जितने भी महासागर हैं, उनसे 140 ट्रिलियन गुना ज्यादा पानी यह है।
हैरानी की बात यह है कि मछली साइज में बहुत ज्यादा छोटी है, फिर भी इतनी आवाज पैदा कर पा रही है। हालांकि अभी वैज्ञानिकों ने इस बात को साफ नहीं किया है कि ये मछलियां ऐसी आवाज क्यों पैदा करती हैं।
इस खोज से एंटी-माइक्रोबियल दवाओं के विकास में मदद मिल सकती है और उन नुकसानदेह कवक (fungi) और परजीवियों (parasites) से बचाव हो सकता है, जो कृषि के लिए हानिकारक हैं।
वैज्ञानिकों ने यहां 13 वायरस को खोजा है और उन्हें फिर से जीवित कर दिया है। ये वायरस 5 अलग जीव समूहों से ताल्लुक रखते हैं। इनमें से एक वायरस 48,500 साल पुराना है।