Cybersecurity Warning

Cybersecurity Warning - ख़बरें

  • Facebook और WhatsApp पर अब AI से पकड़े जाएंगे ऑनलाइन स्कैमर्स, जानें क्या है नया अलर्ट सिस्टम
    Meta ने ऑनलाइन स्कैम से यूजर्स को बचाने के लिए नए AI आधारित टूल्स और सुरक्षा फीचर्स पेश किए हैं। कंपनी के मुताबिक Facebook, WhatsApp और Messenger पर अब ऐसे सिस्टम जोड़े जा रहे हैं जो संदिग्ध गतिविधियों और फर्जी अकाउंट को पहचान सकते हैं। नए फीचर्स में संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट के लिए Facebook अलर्ट, WhatsApp पर संदिग्ध डिवाइस लिंकिंग चेतावनी और Messenger में एडवांस्ड स्कैम डिटेक्शन शामिल हैं। Meta का कहना है कि AI तकनीक की मदद से नकली वेबसाइट, ब्रांड इम्पर्सोनेशन और दूसरे स्कैम पैटर्न को पहचानने की क्षमता बेहतर बनाई जा रही है।
  • यूजर्स का पर्सनल डेटा खतरे में, करोड़ों डिवाइस हैक होने डर! तुरंत करें ये काम
    भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Android यूजर्स के लिए एक नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। एजेंसी के मुताबिक Android सिस्टम में मौजूद कुछ सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स डिवाइस तक अनधिकृत पहुंच बना सकते हैं। इन कमजोरियों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि Android 13, Android 14, Android 15 और Android 16 के शुरुआती वर्जन पर चलने वाले डिवाइस प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपने स्मार्टफोन में लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी पैच जल्द इंस्टॉल करें।
  • ChatGPT बनाने वाली कंपनी को चाहिए AI रिस्क एक्सपर्ट, सैलेरी में मिलेंगे Rs 5 करोड़!
    AI की तेजी से बढ़ती ताकत अब सिर्फ बेहतर फीचर्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके जोखिम और गलत इस्तेमाल भी बड़ी चिंता बन चुके हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए OpenAI ने Head of Preparedness नाम के एक अहम सीनियर पद के लिए हायरिंग शुरू की है। CEO Sam Altman के मुताबिक, AI मॉडल्स अब मेंटल हेल्थ और साइबरसिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में नए खतरे पैदा कर रहे हैं और कुछ मामलों में क्रिटिकल सिक्योरिटी कमजोरियां तक खोजने लगे हैं। यह रोल AI के संभावित दुरुपयोग को समझने, सेफ्टी सॉल्यूशंस तैयार करने और हाई-रिस्क टेक्नोलॉजी को सुरक्षित तरीके से रिलीज करने पर फोकस करेगा।
  • विंडोज डिवाइसेज के यूजर्स के लिए खतरा, जाली वेरिफिकेशन पेज से चुराई जा रही इनफॉर्मेशन
    विंडोज डिवाइसेज के यूजर्स को जाली ह्युमन वेरिफिकेशन पेज के जरिए निशाना बनाकर उनके डिवाइसेज में इनफॉर्मेशन की चोरी करने वाला मैलवेयर पहुंचाया जा रहा है। इस मैलवेय की पहचान Lumma Stealer के तौर पर की गई है। सायबरसिक्योरिटी फर्म ने ऐसी कई फिशिंग वेबसाइट्स को खोजा गया है जो जाली वेरिफिकेशन पेज का इस्तेमाल कर यूजर्स को मैलवेयर के डाउनलोड में फंसा रही हैं।

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