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Cyber - ख़बरें

  • AI को Gym की क्लास बुक करने को कहा, उसने वेबसाइट हैक कर वेटिंग लिस्ट ही बदल डाली!
    ऑस्ट्रेलिया में एक AI Agent द्वारा जिम की वेबसाइट में मौजूद सुरक्षा खामी का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। ABC News की रिपोर्ट के मुताबिक, एक यूजर ने AI एजेंट को जिम की क्लास बुक करने का काम दिया था। Agent ने बुकिंग सिस्टम की जांच के दौरान API में ऑथोराइजेशन की कमजोरी खोज ली। इसके बाद उसने वेटिंग लिस्ट में यूजर से आगे मौजूद एक व्यक्ति की बुकिंग कैंसल कर दी और अपने यूजर की स्थिति ऊपर कर दी। यूजर ने AI को सीधे किसी की बुकिंग हटाने या वेबसाइट हैक करने का निर्देश नहीं दिया था। मामले ने AI Agents के बढ़ते साइबर सिक्योरिटी रिस्क को लेकर चिंता बढ़ाई है।
  • Hotel का Free WiFi अच्छा लगता है? चुटकी में हैकर्स के हाथ लग सकता है आपका पासवर्ड और प्राइवेट डेटा
    Microsoft ने CaptiveCrunch नाम के साइबर अटैक कैंपेन का खुलासा किया है, जिसमें Hotel, Airport और Conference Center जैसे स्थानों के Public WiFi नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है। Microsoft के मुताबिक, Storm-2945 नाम का अटैकिंग ग्रुप DNS और HTTP ट्रैफिक में बदलाव करके यूजर्स को अपने कंट्रोल वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिडायरेक्ट कर सकता है। इसके बाद Windows या Browser Update जैसी दिखने वाली फर्जी स्क्रीन के जरिए Malware डाउनलोड करवाया जाता है। कंपनी ने यात्रियों को Guest WiFi को Untrusted Network मानने और WiFi कनेक्ट करने के बाद दिखने वाले संदिग्ध Software Updates को इंस्टॉल न करने की सलाह दी है।
  • Vivo India के X अकाउंट पर हैकर्स का कब्जा! अचानक दिखने लगे Crypto के Scam पोस्ट
    Vivo India के आधिकारिक X अकाउंट के संभावित रूप से हैक होने की खबर सामने आई है। अकाउंट पर Vivo के सामान्य टेक और स्मार्टफोन से जुड़े पोस्ट की जगह लगातार Firelight FXRP Rewards से संबंधित संदिग्ध पोस्ट दिखाई दे रहे हैं। इन पोस्ट में Early Contributor Rewards और Firelight Points का जिक्र किया गया है। अलग-अलग पोस्ट में यूजर्स को रिवॉर्ड चेक करने के लिए अलग-अलग कोड और हैशटैग भी दिखाए गए हैं। फिलहाल Vivo ने अकाउंट के हैक होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में यूजर्स को इन Crypto से जुड़े पोस्ट और किसी भी संदिग्ध लिंक से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
  • इन चाइनीज ब्रांड्स का Wi-Fi Router यूज करते हो तो सावधान! रिसर्च में हुआ खतरनाक खुलासा
    साइबर सिक्योरिटी कंपनी VulnCheck ने दावा किया है कि Zbtlink के कई Wi-Fi राउटर्स में फैक्ट्री से ही ENDLESSDOORS नाम का बैकडोर मौजूद है। रिसर्च के अनुसार, यह बैकडोर राउटर के बूट होते ही एक रिमोट सर्वर से संपर्क करता है और वहां से आने वाले कमांड्स को Root Privileges के साथ चला सकता है। प्रभावित डिवाइस में करीब 20 मॉडल्स शामिल बताए गए हैं। फिलहाल इसके लिए कोई आधिकारिक फर्मवेयर अपडेट उपलब्ध नहीं है। रिसर्चर्स ने यूजर्स को प्रभावित मॉडल्स की पहचान करने, संदिग्ध नेटवर्क ट्रैफिक पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर डिवाइस बदलने की सलाह दी है।
  • PM Modi का AI वीडियो पड़ा भारी, Meta इंडिया के हेड पर केस दर्ज
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित AI मॉर्फ्ड वीडियो को लेकर हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने Meta India के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर AI की मदद से एडिट किए गए वीडियो शेयर कर कथित तौर पर भ्रामक जानकारी फैलाई गई। मामला Facebook और Instagram पर पोस्ट किए गए कंटेंट से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो किसने बनाए, कैसे फैलाए गए और क्या प्लेटफॉर्म के सुरक्षा उपाय ऐसे कंटेंट को रोकने के लिए पर्याप्त थे।
  • Bank of Baroda ग्राहकों का डेटा लीक, बैंक ने जारी किया बयान; क्या आपका पैसा सुरक्षित?
    Bank of Baroda ने हाल ही में सामने आए कथित डेटा लीक मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि यह घटना एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट के हैक होने से जुड़ी थी। बैंक के अनुसार, उसके कोर बैंकिंग सिस्टम तक किसी तरह की अनधिकृत पहुंच नहीं बनाई गई और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर 1TB डेटा और ग्राहकों के Aadhaar विवरण लीक होने के दावों के बाद बैंक ने फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक ने अपनी साइबर इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत भी क्लेम दर्ज कराया है।
  • बैंक, UPI और सोशल मीडिया... कुछ भी नहीं रहेगा सुरक्षित? एक्सपर्ट बोले - सेकंडों में तोड़ दूंगा Password
    इजरायल के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट प्रोफेसर आइजैक बेन-इजरायल का कहना है कि भविष्य के Quantum Computer मौजूदा Encryption तकनीक और Password सुरक्षा को बेहद कम समय में तोड़ सकते हैं। उनके अनुसार, बैंकिंग, सरकारी सिस्टम और ऑनलाइन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले मौजूदा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को Quantum Computing चुनौती दे सकती है। इससे निपटने के लिए Post-Quantum Cryptography और Quantum Communication जैसी नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। एक्सपर्ट का अनुमान है कि इस टेक्नोलॉजी को व्यावहारिक रूप से डेवलप होने में अभी लगभग 10 साल लग सकते हैं, जबकि आम लोगों तक इसका एक्सेस बनने में इससे भी अधिक समय लग सकता है।
  • वॉलेट में एल्यूमिनियम फॉयल लपेटकर चोरी होने से बच जाएंगे पैसे? जानें कैसे काम करती है यह वायरल ट्रिक
    सोशल मीडिया पर वॉलेट को एल्यूमिनियम फॉयल में लपेटने की ट्रिक कई बार वायरल होती हैं। दावा किया जाता है कि इससे RFID और NFC कार्ड का डेटा चोरी होने का खतरा कम हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एल्यूमिनियम फॉयल कुछ हद तक रेडियो सिग्नल को ब्लॉक कर सकता है और अस्थायी Faraday Cage की तरह काम करता है। हालांकि यह सिर्फ RFID आधारित सिग्नल को प्रभावित करता है और फिशिंग, UPI फ्रॉड, कार्ड स्किमिंग, डेटा ब्रीच या अन्य साइबर हमलों से सुरक्षा नहीं देता। ऐसे में इसे पूरी डिजिटल सुरक्षा का विकल्प नहीं माना जा सकता।
  • भारत के सबसे बड़े परमाणु प्लांट से जुड़ा डेटा लीक? हजारों डॉक्यूमेंट्स पहुंचे डार्क वेब पर!
    भारत के सबसे बड़े कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़े कथित संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स डार्क वेब पर लीक होने का दावा किया गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रैनसमवेयर ग्रुप World Leaks ने करीब 19 हजार फाइलें अपलोड की हैं, जिनमें कथित तौर पर ब्लूप्रिंट, सप्लायर डिटेल्स और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच Reliance Group ने थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर Yotta के सर्वर पर अपने डेटा में Partial Breach की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जानकारी सरकार को दे दी गई है।
  • UMANG App में यूजर्स का डेटा खतरे में? सरकारी ऐप की सिक्योरिटी को लेकर बड़ा दावा
    एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार के UMANG पोर्टल में कई सुरक्षा खामियां मौजूद थीं, जिनकी वजह से EPFO, LPG बुकिंग और Aadhaar से जुड़ी जानकारी जोखिम में पड़ सकती थी। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, ये कमजोरियां लंबे समय से मौजूद हो सकती हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इन खामियों की पुष्टि करते हुए कहा है कि जरूरी सुधार और सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, संबंधित APIs में मौजूद प्लेन टेक्स्ट डेटा को एन्क्रिप्ट किया गया है और सिस्टम की लगातार निगरानी की जा रही है।
  • Spam कॉल्स और मैसेज पर कसने वाली है लगाम! TRAI का Meta और Google के साथ बड़ा प्लान
    रिपोर्ट के मुताबिक, TRAI Meta और Google के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि WhatsApp और Google के इनबिल्ट फोन डायलर पर दर्ज स्पैम शिकायतों को टेलीकॉम ऑपरेटर्स के सिस्टम और DND पोर्टल से जोड़ा जा सके। प्रस्तावित सिस्टम के जरिए स्पैम कॉल और मैसेज भेजने वाले नंबरों की पहचान तेजी से हो सकेगी और उनके खिलाफ जल्दी कार्रवाई की जा सकेगी। फिलहाल इस योजना पर चर्चा जारी है और Meta, Google या TRAI की ओर से इसके लागू होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
  • ChatGPT बना ठगो का नया हथियार! AI से सरकारी वेबसाइट बनाकर लाखों की ठगी
    बिजनौर पुलिस ने HSRP बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गैंग 15 राज्यों में दर्ज 29 साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़ा है। आरोपियों ने GoDaddy के जरिए डोमेन लेकर सरकारी HSRP पोर्टल जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें तैयार की थीं। पुलिस का कहना है कि वेबसाइट के डिजाइन और तकनीकी काम में ChatGPT समेत अन्य AI टूल्स का भी इस्तेमाल किया गया। मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है।
  • ChatGPT ने भेजा जेल में!, 15 साल के बच्चे ने बनाया ऐसा प्रोग्राम, स्ट्रीमिंग कंपनी को बंद करना बड़ा काम
    जापान में एक 15 वर्षीय छात्र ने ChatGPT के जरिए एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया, जिसका इस्तेमाल Bandai Namco Filmworks की Bandai Channel स्ट्रीमिंग सर्विस पर साइबर अटैक के लिए किया। कंपनी को इस अटैक के बाद नवंबर से लेकर दिसंबर तक अपना कामकाज रोकना पड़ा और इसके चलते 46 हजार से ज्यादा यूजर अकाउंट्स कैंसल करने पड़े। मामला सामने आने के बाद बच्चे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
  • TRAI से क्यों भिड़ गया Truecaller? स्पैम कॉल्स को लेकर छिड़ी नई बहस
    Truecaller ने भारत के टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI की एंटी-स्पैम नीतियों पर सवाल उठाए हैं। कंपनी का कहना है कि 1400 और 1600 नंबर सीरीज पर लागू नियमों के कारण वह कम्युनिटी-रिपोर्टेड स्पैम जानकारी नहीं दिखा पा रही है, जिससे यूजर्स का भरोसा कम हो रहा है। Truecaller के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में इन नंबरों से आने वाली बड़ी संख्या में कॉल्स को यूजर्स ने नजरअंदाज या ब्लॉक किया है। वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक TRAI कॉलर आईडी ऐप्स पर निगरानी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त अधिकार भी चाहता है।
  • Digital Arrest में ₹4 हजार करोड़ से ज्यादा गंवा चुके हैं भारतीय, आप भी भूलकर न करें ये गलतियां
    भारत में Digital Arrest Scam तेजी से बढ़ता साइबर अपराध बन गया है। सरकार के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, 2022 से मई 2026 के बीच इस तरह की ठगी से जुड़े 2.97 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए और लोगों को 4,057.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ठग खुद को पुलिस, CBI, ED या दूसरी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं और उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। साइबर क्राइम एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि भारत में Digital Arrest जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल पर सतर्क रहना जरूरी है।

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