BSNL की बढ़ी मुश्किल, सब्सक्राइबर्स की संख्या जल्द हो सकती है 10 करोड़ से कम

कंपनी के पास इस वर्ष जनवरी में लगभग 10.41 करोड़ मोबाइल सब्सक्राइबर्स थे। यह संख्या अप्रैल में घटकर लगभग 10.28 करोड़ सब्सक्राइबर्स की रह गई

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 7 जुलाई 2023 15:56 IST
ख़ास बातें
  • इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या लगातार घट रही है
  • देश में पिछले वर्ष 5G सर्विसेज शुरू की गई थी
  • प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां तेजी से अपने 5G नेटवर्क का दायरा बढ़ा रही हैं

पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का लॉस बढ़कर 8,161 करोड़ रुपये हो गया था

पिछले कई वर्षों से घाटे से जूझ रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की मुश्किलें बढ़ रही हैं। इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या लगातार घट रही है। कंपनी के पास इस वर्ष जनवरी में लगभग 10.41 करोड़ मोबाइल सब्सक्राइबर्स थे और यह संख्या अप्रैल में घटकर लगभग 10.28 करोड़ सब्सक्राइबर्स की रह गई। 

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के डेटा के अनुसार, BSNL के पास तमिलनाडु में सबसे अधिक 98,99,833 सब्सक्राइबर्स हैं। इसके बाद केरल (97,67,943 सब्सक्राइबर्स) और उत्तर प्रदेश पूर्व (86,52,063 सब्सक्राइबर्स) हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कभी BSNL का दबदबा होता था लेकिन इन क्षेत्रों में भी इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या में कमी हो रही है। इसके पास जनवरी में ग्रामीण क्षेत्रों में 33,26,909 सब्सक्राइबर्स थे, जो अप्रैल में घटकर 32,16,139 रह गए। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio के साथ ही Bharti Airtel ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में अपना नेटवर्क बढ़ाया है। इससे इन क्षेत्रों में इन कंपनियों के सब्सक्राइबर्स बढ़े हैं। 

हाल ही में केंद्र सरकार ने BSNL को 4G और 5G सर्विसेज शुरू करने के लिए 89,000 करोड़ रुपये के रिवाइवल पैकेज की स्वीकृति दी थी। मंत्रिमंडल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था, "इस पैकेज के साथ BSNL एक मजबूत टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर आगे बढ़ेगी और देश के दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर फोकस करेगी।" यह पिछले 12 वर्षों से घाटे में है। देश में पिछले वर्ष 5G सर्विसेज शुरू की गई थी। प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां तेजी से अपने 5G नेटवर्क का दायरा बढ़ा रही हैं। इन कंपनियों से BSNL को कड़ी चुनौती मिल रही है। 

BSNL का पिछले वित्त वर्ष में लॉस बढ़कर 8,161 करोड़ रुपये हो गया था। यह इससे पिछले वित्त वर्ष में 6,982 करोड़ रुपये का था। कंपनी का लॉस बढ़ने का बड़ा कारण सरकार को चुकाए जाने वाले एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) के लिए प्रोविजन करना था पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने AGR की बकाया रकम के लिए 17,688 करोड़ रुपये का प्रोविजन किया और इसे 16,189 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग मिली है। इस वजह से कंपनी ने 1,499 करोड़ रुपये का असाधारण लॉस दिखाया है और इससे इसके कुल लॉस में बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने लगभग 1.23 लाख साइट्स पर 4G नेटवर्क शुरू करने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और ITI लिमिटेड को 19,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर दिया है। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Redmi Note 15 Pro सीरीज कल होगी भारत में लॉन्च, तीन कलर्स के मिलेंगे ऑप्शन
  2. Hyundai की Creta Electric की बढ़ी चार्जिंग स्पीड, 100Kw फास्ट चार्जिंग को करेगी सपोर्ट
  3. Vivo X200T vs iQOO 13 vs Realme GT 7 Pro: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  4. Samsung Galaxy S26 सीरीज में मिल सकती है सैटेलाइट कनेक्टिविटी, US FCC पर हुई लिस्टिंग
#ताज़ा ख़बरें
  1. Hyundai की Creta Electric की बढ़ी चार्जिंग स्पीड, 100Kw फास्ट चार्जिंग को करेगी सपोर्ट
  2. Samsung Galaxy A57 में मिल सकती है ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, 6.6 इंच डिस्प्ले
  3. Redmi Note 15 Pro सीरीज कल होगी भारत में लॉन्च, तीन कलर्स के मिलेंगे ऑप्शन
  4. IIT जाने की तैयारी मुफ्त में कराएगा Google Gemini AI, ऐसे शुरू करें JEE एग्जाम प्रेप
  5. Samsung Galaxy S26 सीरीज में मिल सकती है सैटेलाइट कनेक्टिविटी, US FCC पर हुई लिस्टिंग
  6. आपकी फोटो सेफ नहीं? App Store में खुलेआम मौजूद हैं AI से कपड़े ‘हटाने’ वाले ऐप्स!
  7. धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
  8. सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाया क्रिप्टो का रिजर्व, 26 करोड़ डॉलर में खरीदे 2,932 बिटकॉइन 
  9. नया Aadhaar ऐप लॉन्च, अब घर बैठे मोबाइल नंबर और एड्रेस कर पाएंगे अपडेट, जानें कैसे
  10. 1.2 करोड़ यूजर्स, टारगेट से दोगुना कमाई! चीन का ये AI टूल अब Google और OpenAI की सबसे बड़ी टेंशन?
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.