• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 2035 तक खत्‍म हो जाएगा लीप सेकंड, अब नहीं बढ़ेगा टाइम 1 सेकंड आगे, जानें पूरा मामला

2035 तक खत्‍म हो जाएगा लीप सेकंड, अब नहीं बढ़ेगा टाइम 1 सेकंड आगे, जानें पूरा मामला

Leap Second : 18 नवंबर को पेरिस में जनरल कॉन्‍फ्रेंस ऑन वेट एंड मेश़र्ज़ (CGPM) में लीप सेकंड को स्‍क्रैप करने पर फैसला लिया गया।

2035 तक खत्‍म हो जाएगा लीप सेकंड, अब नहीं बढ़ेगा टाइम 1 सेकंड आगे, जानें पूरा मामला

Leap Second : पहली नजर में यह फैसला भले मामूली नजर आए, लेकिन टेक्‍नॉलजी फ्रेंडली होती दुनिया के सामने आने वाली बड़ी मुश्किलों को समाधान मिल गया है।

ख़ास बातें
  • 18 नवंबर को हुई मीटिंग में लिया गया फैसला
  • दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों को मिलेगी राहत
  • एक लीप सेकंड UTC के लिए सेकंड का समायोजन है
विज्ञापन
लीप सेकंड (leap seconds) जिसके तहत धरती के समय को 1 सेकंड आगे बढ़ाया जाता है, यह प्रैक्टिस अब खत्‍म हो जाएगी। दुनिया भर के वैज्ञानिकों और सरकारों के प्रति‍निधियों ने फैसला किया है कि साल 2035 तक ऑफ‍िशियल घड़‍ियों में लीप सेकंड का सिस्‍टम खत्‍म कर दिया जाएगा। 18 नवंबर को पेरिस में जनरल कॉन्‍फ्रेंस ऑन वेट एंड मेश़र्ज़ (CGPM) में लीप सेकंड को स्‍क्रैप करने पर फैसला लिया गया। पहली नजर में यह फैसला भले मामूली नजर आए, लेकिन टेक्‍नॉलजी फ्रेंडली होती दुनिया के सामने आने वाली बड़ी मुश्किलों को समाधान मिल गया है।  
 

क्‍या होता है लीप सेकंड 

एक लीप सेकंड UTC (Universal Time Coordinated) के लिए एक सेकंड का समायोजन है। आसान भाषा में समझें, तो इंटरनेशनल एटॉमिक टाइम घड़ी के जरिए समय को मापने और पृथ्वी के चक्कर लगाने के आधार पर समय मापने के दौरान आने वाले फर्क को खत्‍म करने के लिए जोड़ा या घटाया जाने वाला सेकंड ही लीप सेकंड कहलाता है। पहली बार यह थ्‍योरी साल 1972 में सामने आई। तब से ही लीप सेकंड को जोड़ा जा रहा है। जून या दिसंबर में सेकंड को जोड़ा जाता है। 

वैज्ञानिकों का तर्क रहा है कि लीप ईयर के नियम के तहत हर 4 साल पर कैलेंडर में एक अतिरिक्त दिन जोड़ा जाता है, लेकिन लीप सेकंड के मामले में ऐसी गणना नहीं की जा सकती। यह तय नहीं किया जा सकता कि किस अवधि के बाद लीप सेकंड को जोड़ा जाए। 
 

इस प्रैक्टिस को क्‍यों किया जा रहा खत्‍म? 

इसकी सबसे बड़ी वजह है कि पृथ्वी की कक्षा का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। साल 2020 के बाद से कथित तौर पर पृथ्वी का घूर्णन तेज हो रहा है। इस वजह से भविष्य में लीप सेकेंड को जोड़ने के बजाए हटाना पड़ सकता है।

तमाम टेक कंपनियां भी इसे हटाने की मांग कर रही थीं। इनमें फेसबुक की पैरंट कंपनी मेटा (Meta) भी शामिल है। ए‍क ब्‍लॉग में मेटा ने बताया था कि नए लीप सेकंड के दखल से उसके सर्वर साल 2012 में 40 मिनट तक डाउन रहे थे। मेटा के अलावा क्‍लाउडफेर ने भी इस परेशानी को झेला था, जब नए लीप सेकंड की वजह साल 2017 में उसकी DNS सर्विस डाउन हो गई थी। यह सब हुआ क्‍योंकि कंप्‍यूटर नेटवर्क को लीप सेकंड के हिसाब से तैयार करना पड़ता है। बहरहाल, अब यह मुश्किल खत्‍म हो जाएगी।
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Android 17 आ गया! Beta 1 का रोलआउट शुरू, इन स्मार्टफोन्स को मिलेगा पहला अपडेट, ऐसे करें इंस्टॉल
  2. Xiaomi Watch 5 का ग्लोबल लॉन्च जल्द! कलर वेरिएंट्स, प्राइस का खुलासा
  3. Google Chrome में Android के लिए आया बड़े काम का फीचर!
  4. फोन में नहीं आ रहा फास्ट इंटरनेट? 3 स्टेप्स से चुटकी में समाधान
  5. 2000 फुट चौड़ा, 2026 का सबसे बड़ा एस्टरॉयड आज धरती के सामने!
  6. 300W चार्जिंग, 24000mAh बैटरी वाला पारदर्शी पावर बैंक! Sharge 300 लॉन्च, जानें कीमत
  7. 6000mAh बैटरी वाला Motorola फोन 10500 रुपये सस्ता! Amazon का धमाका
  8. Infinix Note 60 Ultra में मिल सकता है MediaTek Dimensity 8400 Ultra चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  9. भारत के रिटेल मार्केट में बढ़ेगी Apple की मौजूदगी, मुंबई में जल्द खुलेगा दूसरा स्टोर
  10. 144Hz डिस्प्ले के साथ भारत में लॉन्च हुए BenQ के लेटेस्ट मॉनिटर, शुरुआती कीमत Rs 10 हजार से कम!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »