31 हजार साल पहले धरती पर रहती थी यह महिला, कहां से आई इसकी फोटो? जानें

140 से अधिक साल बाद रिसर्चर्स ने उस गलती को ठीक किया है। बताया है कि वह खोपड़ी 17 साल की एक महिला की थी।

31 हजार साल पहले धरती पर रहती थी यह महिला, कहां से आई इसकी फोटो? जानें

वैज्ञानिकों की टीम ने तकनीक की मदद से खोपड़ी का पुनर्निर्माण किया है।

ख़ास बातें
  • वैज्ञानिकों ने एक खोपड़ी का पुनर्निर्माण किया है
  • 140 साल पहले गुफा में दफन मिली थी यह खोपड़ी
  • 31 हजार साल पहले पाषाण काल की महिला की खोपड़ी थी
विज्ञापन
अगर मैं कहूं कि इस खबर में आप जिस तस्‍वीर को देख रहे हैं, वह महिला आज से 31 हजार साल पहले पृथ्‍वी पर रहती थी। क्‍या इस बात पर यकीन किया जा सकता है? आपके मन में यह खयाल नहीं आ रहा कि 31 हजार साल पहले धरती पर रहने वाली किसी महिला की तस्‍वीर कैसे ली जा सकती है? यह सब मुमकिन हुआ है विज्ञान से। आइए जानते हैं इस तस्‍वीर की कहानी और समझते हैं कि हजारों साल पहले धरती पर रहने वाली महिला के बारे में कैसे पता चला।   

बात साल 1881 की है। पुरातत्वविदों ने एक गुफा में दफन एक मानव की खोपड़ी का पता लगाया। यह जगह अब चेक गणराज्य में एक गांव है। उस समय रिसर्चर्स ने खोपड़ी को लगभग 31,000 साल पहले का बताया और कहा कि यह एक पुरुष था। हालांकि नई स्‍टडी बताती है कि रिसर्चर्स पाषाण युग के उस शख्‍स के बारे में गलत थे।

140 से अधिक साल बाद रिसर्चर्स ने उस गलती को ठीक किया है। बताया है कि वह खोपड़ी 17 साल की एक महिला की थी। यह महिला अपर पुरापाषाण काल (लगभग 43,000 से 26,000 वर्ष) के बीच धरती पर रहती थी। टीम ने ‘द फॉरेंसिक फेशियल अप्रोच टू द स्कल म्लादेस 1' नाम की एक नई ऑनलाइन किताब के रूप में अपने निष्कर्ष प्रकाशित किए हैं। इसमें बताया गया है कि वैज्ञानिकों ने ‘यूरोप में पाए जाने वाले सबसे पुराने होमो सेपियन्स में से एक' के लिंग को कैसे पुनर्वर्गीकृत किया। 

ब्राजील के ग्राफिक्स विशेषज्ञ और पुस्तक के सह-लेखकों में से एक सिसेरो मोरेस ने लाइव साइंस को बताया कि जब खोपड़ी का विश्लेषण किया गया था, तो उसने एक पुरुष की ओर इशारा किया था। बाद के अध्ययनों में और अन्य लोगों के साथ खोपड़ी की तुलना की गई, तो पता चला कि खोपड़ी एक महिला की है। 

मोरेस और उनकी टीम ने खोपड़ी का पुनर्निर्माण किया। टीम ने आधुनिक मनुष्यों के लगभग 200 सीटी स्कैन और यूरोपीय, अफ्रीकी और एशियाई समेत विभिन्न जनसंख्या समूहों से संबंधित सांख्यिकीय डेटा का उपयोग किया। तकनीक की मदद से उस खोपड़ी को एक शक्‍ल के रूप में तैयार किया गया। इस तरह खोपड़ी की डिजिटल इमेज बनकर तैयार हुई। ध्‍यान रहे कि चेहरे को आधुनिक मनुष्‍यों के डेटा के हिसाब से तैयार किया गया। ऐसे में खोपड़ी की कई चीजें एकदम समान नहीं हो सकती हैं। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO TWS 5i सस्ते ईयरबड्स 50 घंटे की बैटरी, खास गेमिंग फीचर्स के साथ हुए लॉन्च, जानें कीमत
  2. 6K डिस्प्ले, 330Hz रिफ्रेश रेट के साथ Samsung के नए Odyssey OLED गेमिंग मॉनिटर लॉन्च, जानें कीमत
  3. Oppo आज भारत में लॉन्च करेगा 2 कैमरा फोकस्ड फ्लैगशिप फोन, जानें कितनी होगी कीमत!
  4. 7600mAh बैटरी, Snapdragon 6s 4G के साथ POCO Pad C1 लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  5. Lenovo Legion Y960 गेमिंग हेडसेट लॉन्च, दमदार साउंड के साथ गजब के फीचर्स, जानें कीमत
  6. 30 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Motorola का तीन 50MP कैमरा वाला फ्लिप स्मार्टफोन
  7. Moto G37 Power vs Realme P4x 5G vs Redmi 15 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  8. Oppo Enco Air 5 ईयबड्स लॉन्च, 54 घंटे की बैटरी, धांसू ANC फीचर से लैस, जानें कीमत
  9. Ola Electric का लॉस हुआ कम, रेवेन्यू में 50 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट
  10. ईरान ने होर्मुज से निकलने वाले जहाजों के लिए शुरू की बिटकॉइन में पेमेंट वाली सर्विस
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »