सुपरसोनिक जेट नहीं करेंगे ‘शोर’, NASA ने विंड टनल में किया टेस्‍ट

यह टेस्‍ट 8x6 फीट की ‘सुपरसोनिक विंड टनल’ के अंदर किया गया। इस साल के आखिर तक कई और टेस्‍ट किए जाएंगे।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 27 जनवरी 2022 19:47 IST
ख़ास बातें
  • नासा बूम-रिड्यूसिंग तकनीक पर काम कर रही है
  • इसके सफल होने पर भविष्‍य में उड़ानें तेज होंगी
  • यह टेस्‍ट अमेरिका के ओहियो में ग्लेन रिसर्च सेंटर में हुआ

इसके सफल होने पर भविष्‍य में उड़ानें तेज होंगी और लोगों को एक जगह से दूसरी जगह तक विमान यात्रा में कम समय लगेगा।

भविष्‍य में सुपरसोनिक फ्लाइट्स लोगों के उपर से गुजर सकें, इसे हकीकत बनाने के लिए नासा (NASA) ने अपने ‘शांत' सुपरसोनिक जेट के स्केल-डाउन मॉडल को विंड टनल में टेस्‍ट किया है। मौजूदा वक्‍त में कम्‍युनिटीज के उपर से सुपरसोनिक उड़ानों पर बैन है। इसकी वजह है इन विमानों से निकलने वाली बहुत तेज आवाज। सोनिक बूम लगभग 110 डेसिबल के आसपास साउंड एनर्जी पैदा करते हैं। सुपरसोनिक उड़ानों को कम शोर करने वाला बनाने के लिए नासा बूम-रिड्यूसिंग तकनीक पर काम कर रही है। इसके सफल होने पर भविष्‍य में उड़ानें तेज होंगी और लोगों को एक जगह से दूसरी जगह तक विमान यात्रा में कम समय लगेगा। यह टेस्‍ट 8x6 फीट की ‘सुपरसोनिक विंड टनल' के अंदर किया गया। इस साल के आखिर तक कई और टेस्‍ट किए जाएंगे। 

इंस्टाग्राम अपडेट में नासा ने स्केल-डाउन X-59 क्‍वाइड सुपरसोनिक टेक्‍नॉलजी (QueSST) नाम के एक्‍सपेरिमेंटल एयरक्राफ्ट की दो इमेजेस शेयर की हैं। 

नासा ने कहा, ‘शांत सुपरसोनिक उड़ान? हम इस पर काम कर रहे हैं।' इस फुल-स्‍केल एयरक्राफ्ट का निर्माण नासा और लॉकहीड मार्टिन द्वारा किया जा रहा है। नासा की तैयारी इस साल फुल-स्केल X-59 की टेस्‍ट की भी है। 
शेयर की गईं तस्‍वीरों के बारे में नासा ने बताया है कि पहली इमेज विंड टनल के अंदर सोनिक बूम टेस्‍ट के दौरान विमान के मॉडल को दिखाती है। इसकी लंबाई लगभग डेढ़ फुट है। इसे ‘स्लिरेन' नाम की फोटोग्राफिक प्रक्रिया से कैमरे में कैद किया गया। यह टेस्‍ट अमेरिका के ओहियो में ग्लेन रिसर्च सेंटर में हुआ। 

X-59 सोनिक बूम विंड टनल टेस्ट के प्रमुख रिसर्चर जॉन वोल्टर ने कहा, टेस्‍ट से पता चलता है कि हमारे पास एयरक्राफ्ट के शांत डिजाइन हैं साथ भविष्‍य के इन विमानों में शोर का अंदाजा लगाने के लिए सही तकनीकें भी हैं। मार्च में यह एयरक्राफ्ट जापान की यात्रा करेगा। वहां जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी और बोइंग इसमें आगे के टेस्‍ट करेंगी। 
Advertisement

नासा कई प्रोजेक्‍ट पर काम कर रही है। इनमें उसका मून मिशन आर्टेमिस 1 (Artemis 1) भी शामिल है। हाल में इसके लॉन्‍च को एक महीने आगे बढ़ाया गया है। आर्टेमिस प्रोग्राम का मकसद इस दशक के अंत तक अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर वापस उतारना है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. हाई-स्पीड इंटरनेट का दायरा बढ़ाने के लिए Starlink के साथ टाई-अप कर सकती है BSNL
  2. Realme 16T 5G vs OnePlus Nord CE 6 vs Vivo T5 Pro 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO 16 में मिल सकता है 2K 'अल्ट्रा-हाई' रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले
  2. Xiaomi 17T Pro में  मिलेगा MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट, इस सप्ताह होगा लॉन्च
  3. Vivo X500 Pro में मिल सकती है ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, MediaTek Dimensity 9600 चिपसेट
  4. Redmi Turbo 5 जल्द होगा भारत में लॉन्च, डुअल रियर कैमरा यूनिट
  5. हाई-स्पीड इंटरनेट का दायरा बढ़ाने के लिए Starlink के साथ टाई-अप कर सकती है BSNL
  6. Realme P4s 5G में मिल सकते हैं 4 स्टोरेज वेरिएंट्स, भारत में जल्द लॉन्च की तैयारी
  7. 6000mAh बैटरी, 13MP कैमरा के साथ Lava Shark 2 5G लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  8. Oppo ने बदली फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स की सेल डेट, आज से ही खरीद सकेंगे Find X9 Ultra और Find X9s
  9. Xiaomi लेकर आया गजब डिवाइस, 3 सेकेंड में देगा गर्म पानी और मिनटों में जमाएगा बर्फ
  10. कम बिजली में करेगा फास्ट कूलिंग! ₹16,999 में लॉन्च हुआ Oakter का नया AC
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.