50 किलोमीटर की ऊंचाई पर काले आसमान में वैज्ञानिकों ने सुनीं रहस्य भरी आवाजें! सन्नाटे में आ रही किसकी फुसफुसाहट!

समतापमंडल धरती की सतह से 10 से 50 किलोमीटर की रेंज में फैला है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 13 मई 2023 20:03 IST
ख़ास बातें
  • वैज्ञानिकों ने समतापमंडल में भेजा सोलर पावर वाला गुब्बारा।
  • सुनाईं दीं रहस्यमयी आवाजें।
  • इससे पहले समतापमंडल को सन्नाटे से भरा माना जाता था।

इन गुब्बारों के बारे में कहा गया है कि ये सेंसरों को किसी जेट प्लेन की अधिकतम ऊंचाई के दोगुने तक लेकर जा सकते हैं।

Photo Credit: sandia.gov

पृथ्वी की सतह से जैसे जैसे ऊंचाई की ओर जाते हैं, इसके वायुमंडल की कई परतें सामने आती हैं। इनमें से एक परत समतापमंडल है जिसे अंग्रेजी में स्ट्रैटोस्फियर (stratosphere) कहा जाता है। अब तक माना जाता रहा था कि वायुमंडल की यह परत बेहद शांत है और यहां किसी प्रकार की कोई आवाज नहीं सुनाई देती है। लेकिन नई खोज बहुत हैरान करने वाले नतीजे लेकर आई है। वैज्ञानिकों ने इस परत में सोलर पावर से चलने वाला एक गुब्बारा भेजा और यहां की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया। यहां जो नतीजे मिले हैं, वे चौंकाने वाले हैं। 

समतापमंडल धरती की सतह से 10 से 50 किलोमीटर की रेंज में फैला है। वैज्ञानिकों ने यहां एक सोलर पावर वाला गुब्बारा भेजा जिसमें पता चला कि यहां कुछ रहस्यमयी आवाजें हो रही हैं। हैरानी की बात ये कही गई है कि इन आवाजों का कुछ पता नहीं कि ये कहां से आ रही हैं। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ये आवाजें इंफ्रा साउंड हैं। यानि कि ऐसी आवाजें जो मनुष्य की सुनने की शक्ति से परे हैं। जिस तरह से इंफ्रारेड लाइट को हम नहीं देख पाते हैं, उसी तरह इन ध्वनियों को भी नहीं सुना जा सकता है। ये कुछ ऐसी आवाजें हैं जैसे कोई दबी हुई फुसफसाहट कर रहा हो। ये काफी रहस्यमयी हैं। 

रिपोर्ट के अनुसार, कैलिफोर्निया के पासाडेना में NASA की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी में रिसर्च टेक्नोलॉजिस्ट सिद्धार्थ कृष्णामुर्ति ने बताया कि उन लोगों ने इन रहस्य भरी आवाजों के बारे में वाद विवाद करने में बहुत समय लगाया है। एक अन्य शोधकर्ता मिस्टर बॉमेन ने बताया कि वह ये काम पिछले 10 सालों से कर रहे हैं लेकिन उनको इन आवाजों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने और उनके दोस्तों इससे पहले भी धरती के ऊपर मौजूद काले आसमान की फोटो लेने के लिए इस तरह के बलून भेजे थे।

लेकिन अभी तक किसी ने भी यहां की आवाजों को जानने की कोशिश नहीं की थी। इसी दौरान उनको यह ख्याल आया कि स्ट्रैटोस्फेरिक गुब्बारों में माइक्रोफोन लगाकर आधी सदी से भी ज्यादा समय में किसी ने यहां की ध्वनियों को सुनने की कोशिश नहीं की है। इन गुब्बारों के बारे में कहा गया है कि ये सेंसरों को किसी जेट प्लेन की अधिकतम ऊंचाई के दोगुने तक लेकर जा सकते हैं। बहरहाल, वैज्ञानिक इन आवाजों के बारे में पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर ये आवाजें कहां से पैदा हो रही हैं। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. भारत के रिटेल मार्केट में बढ़ेगी Apple की मौजूदगी, मुंबई में जल्द खुलेगा दूसरा स्टोर
  2. Tecno Pova Curve 2 5G vs Poco F7 5G vs Samsung Galaxy A55: 30 हजार की रेंज में कौन बेहतर?
#ताज़ा ख़बरें
  1. Android 17 आ गया! Beta 1 का रोलआउट शुरू, इन स्मार्टफोन्स को मिलेगा पहला अपडेट, ऐसे करें इंस्टॉल
  2. Xiaomi Watch 5 का ग्लोबल लॉन्च जल्द! कलर वेरिएंट्स, प्राइस का खुलासा
  3. Google Chrome में Android के लिए आया बड़े काम का फीचर!
  4. फोन में नहीं आ रहा फास्ट इंटरनेट? 3 स्टेप्स से चुटकी में समाधान
  5. 2000 फुट चौड़ा, 2026 का सबसे बड़ा एस्टरॉयड आज धरती के सामने!
  6. 300W चार्जिंग, 24000mAh बैटरी वाला पारदर्शी पावर बैंक! Sharge 300 लॉन्च, जानें कीमत
  7. 6000mAh बैटरी वाला Motorola फोन 10500 रुपये सस्ता! Amazon का धमाका
  8. Infinix Note 60 Ultra में मिल सकता है MediaTek Dimensity 8400 Ultra चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  9. भारत के रिटेल मार्केट में बढ़ेगी Apple की मौजूदगी, मुंबई में जल्द खुलेगा दूसरा स्टोर
  10. 144Hz डिस्प्ले के साथ भारत में लॉन्च हुए BenQ के लेटेस्ट मॉनिटर, शुरुआती कीमत Rs 10 हजार से कम!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.