वैज्ञानिकों ने लैब में बना डाला Black Hole, जानें फ‍िर क्‍या हुआ

Black Hole : अंतरिक्ष में मौजूद अदृश्य जगह है ब्‍लैक होल। इनमें इतना अधिक गुरुत्वाकर्षण होता है कि उसके असर से कोई भी नहीं बच पाता, सूर्य से निकलने वाली रोशनी भी नहीं।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 21 नवंबर 2022 14:09 IST
ख़ास बातें
  • स्टीफन हॉकिंग सिद्धांत को किया गया टेस्‍ट
  • उन मैटर्स का पता चल सकता है, जो ब्‍लैक होल में गुम हो जाते हैं
  • भविष्‍य में काम आएगी यह रिसर्च

Black Hole : स्‍टडी के तहत ब्‍लैक होल को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने परमाणुओं की सिंगल-फाइल चेन का इस्‍तेमाल किया।

ब्‍लैक होल (Black hole) ऐसा विषय है, जो हमेशा से वैज्ञानिकों को रोमांचित करता आया है। इसके रहस्‍य को सुलझाने में जुटे साइंटिस्‍टों ने एक लैब में ब्‍लैक होल बनाया है। एक नई स्‍टडी में कहा गया है कि करीब एक दशक पुराने स्टीफन हॉकिंग सिद्धांत (Stephen Hawking theory) को टेस्‍ट करने के लिए रिसर्चर्स ने लैब में ब्‍लैक होल की‍ स्थितियों को डेवलप किया। अंतरिक्ष में मौजूद अदृश्य जगह है ब्‍लैक होल। इनमें इतना अधिक गुरुत्वाकर्षण होता है कि उसके असर से कोई भी नहीं बच पाता, सूर्य से निकलने वाली रोशनी भी नहीं। स्‍टडी के तहत ब्‍लैक होल को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने परमाणुओं की सिंगल-फाइल चेन का इस्‍तेमाल किया।   

इसके बाद जो हुआ उसे 'हॉकिंग रेडिएशन' के नाम से जाना जाता है। यही वह थ्‍योरी है, जिसे भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग ने प्रस्‍तावित किया था। द सन की रिपोर्ट के अनुसार, हॉकिंग रेडिएशन उन काल्पनिक (hypothetical) कणों के बारे में बताता है जो क्वांटम प्रभावों के कारण ब्लैक होल की सीमाओं के बाहर पैदा होते हैं।

वर्तमान में दो सिद्धांत हैं जिनका मकसद हमारे ब्रह्मांड के इनर वर्किंग की व्याख्या करना है। पहला है, सापेक्षता का सामान्य सिद्धांत (general theory of relativity) और दूसरा, क्वांटम यांत्रिकी (quataum mechanics)। लेकिन वैज्ञानिकों ने ब्लैक होल का जो नया सिम्‍युलेशन किया और हॉकिंग रेडिएशन की थ्‍योरी, इन दोनों फ्रेमवर्क को एकजुट करने में मदद कर सकती है।

आप पूछेंगे कैसे? वर्तमान में हमारे पास यह जानने का कोई तरीका नहीं है कि ब्लैक होल को पार करने के बाद किसी चीज का क्या होता है। लेकिन 1974 में स्टीफन हॉकिंग ने कहा था कि क्वांटम उतार-चढ़ाव (fluctuations) में इससे जुड़ी जानकारी छिपी हो सकती है। नई स्‍टडी में ब्‍लैक होल को रेडिएशन की वजह से 'चमकते' हुए दिखाया गया है। 

स्‍टडी से जुड़ी वैज्ञानिकों की टीम का कहना है कि इससे उन मैटर्स की खोज का रास्‍ता खुल सकता है, जो ब्‍लैक होल में जाने के बाद ‘लापता' हो जाते हैं। नई स्‍टडी भविष्‍य के लिए मददगार हो सकती है। ध्‍यान देने वाली बात है कि वैज्ञानिकों ने हाल ही में पृथ्‍वी से सिर्फ 1,560 प्रकाश वर्ष दूर एक ब्‍लैक होल की खोज की है, जो पृथ्‍वी सबसे नजदीक मिला ब्‍लैक होल है।  
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. KitKat का ये रैपर ब्लॉक करता है सिग्नल! इसमें फोन डालो और ऑफलाइन हो जाओ
  2. iQOO Neo 10 नए कलर वेरिएंट में हो रहा 30 अप्रैल को लॉन्च, जानें सबकुछ
  3. स्मार्ट ईयररिंग्स Lumia 2 हुईं लॉन्च, दुनिया का सबसे छोटा हेल्थ ट्रैकिंग वियरेबल, जानें कीमत और फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. स्मार्ट ईयररिंग्स Lumia 2 हुईं लॉन्च, दुनिया का सबसे छोटा हेल्थ ट्रैकिंग वियरेबल, जानें कीमत और फीचर्स
  2. OnePlus Buds Ace 3 ईयरबड्स लॉन्च, 54 घंटे चलेगी बैटरी, जानें क्या हैं खासियतें
  3. Poco C81 vs Redmi A7 vs Realme Narzo 70x 5G: खरीदने से पहले देखें कौन सा है बेस्ट
  4. Motorola Razr 70 सीरीज में मिल सकते हैं 2 कलर्स के ऑप्शन, टेक्सचर्ड फिनिश
  5. GoBoult ने भारत में लॉन्च किए 5 पोर्टेबल ब्लूटूथ स्पीकर मॉडल्स, कीमत ₹699 से शुरू
  6. Hyundai ने भारत में लॉन्च की नई Ioniq 5, सिंगल चार्ज में 690 किलोमीटर की रेंज
  7. OnePlus Ace 6 Ultra हुआ लॉन्च, 8,600mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  8. Apple का इस वर्ष फोल्डेबल आईफोन के साथ टचस्क्रीन MacBook लॉन्च करने का प्लान
  9. Upcoming Smartphones In India (May 2026): OnePlus से Vivo तक, मई में आ रहे हैं ये 6 स्मार्टफोन
  10. Elon Musk ला रहे हैं X Money सुपर ऐप! GPay, Apple Pay, Amazon Pay के लिए खतरे की घंटी?
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.