रिसर्चर्स का दावा, भूकंप के लिहाज से पहले से ज्‍यादा एक्टिव है मंगल ग्रह

अब से पहले वैज्ञानिकों को लगता था कि कमजोर चुंबकीय क्षेत्र वाले मंगल ग्रह के अंदर बहुत कुछ नहीं घटित हो रहा है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 6 अप्रैल 2022 17:17 IST
ख़ास बातें
  • वैज्ञानिकों ने सोचा था कि मार्सक्वेक, टेक्टोनिक फोर्स के कारण होते हैं
  • अब पता चला है कि मंगल ग्रह के मेंटल में अभी भी मैग्मा एक्टिव है
  • ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह रिसर्च की है

मंगल ग्रह पर चुंबकीय क्षेत्र सिर्फ पैच में मौजूद है। यह सौर हवा के मंगल ग्रह के वातावरण के साथ इंटरेक्‍शन से बनता है।

जितना सोचा गया है, मंगल ग्रह (Mars) उससे भी ज्‍यादा पृथ्‍वी के समान है। रिसर्चर्स को पता चला है कि यह ग्रह अपनी धूल भरी बंजर सतह के नीचे ज्वालामुखी गतिविधियों के कारण 'मार्सक्‍वेक' का अनुभव कर रहा है। यह वैसा ही है, जैसा पृथ्‍वी पर भूकंप होता है। रिसर्चर्स ने एक विशिष्ट क्षेत्र में मार्टिन क्रस्ट के नीचे 47 मार्सक्वेक की खोज की है, जिसे सेर्बरस फॉसे कहा जाता है। यह 20 मिलियन वर्ष से कम पुराना है। ये 47 मार्सक्वेक एक नई खोज के रूप में सामने आए हैं। अब से पहले वैज्ञानिकों को लगता था कि कमजोर चुंबकीय क्षेत्र वाले मंगल ग्रह के अंदर बहुत कुछ नहीं घटित हो रहा है। नई खोज यह तथ्‍य कमजोर साबित हुआ है।  

आमतौर पर ग्रहों के चुंबकीय क्षेत्र उनके अंदर पैदा होते हैं। उदाहरण के लिए- पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र उसके बाहरी कोर में उत्पन्न होता है यह अंतरिक्ष में कई किलोमीटर तक फैला होता है। दरअसल यह ब्रह्मांड से आने वाले रेडिएशन के खिलाफ एक ढाल की तरह काम करता है। 

दूसरी ओर मंगल ग्रह पर चुंबकीय क्षेत्र सिर्फ पैच में मौजूद है। यह सौर हवा के मंगल ग्रह के वातावरण के साथ इंटरेक्‍शन से बनता है। पूरे ग्रह पर चुंबकीय क्षेत्र नहीं बनने की वजह से मंगल ग्रह पर बहुत अधिक रेडिएशन होता है। 

ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स को उम्मीद है कि उनकी खोज इस बात पर रोशनी डाल सकती है कि मंगल ग्रह में अब चुंबकीय क्षेत्र क्यों नहीं है। उन्होंने नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में अपने निष्कर्ष प्रकाशित किए हैं।
Advertisement

स्‍टडी के सह लेखक ह्र्वोजे टकालिक ने कहा कि मंगल पर भूकंप हमें यह समझने में मदद कर सकते हैं कि क्या इस ग्रह के अंदरुनी हिस्‍से में संवहन (convention) हो रहा है। संवहन ऊष्मा के एक जगह से दूसरी जगह पर जाने का एक तरीका है। ह्र्वोजे टकालिक कहते हैं कि अगर ऐसा हो रहा है तो ऐसा मैकेनिज्‍म भी होगा, जो इसके चुंबकीय क्षेत्र को रोक रहा है। 
Advertisement

वैज्ञानिकों ने पहले भी यह सोचा था कि मार्सक्वेक, टेक्टोनिक फोर्स के कारण हो सकते हैं, लेकिन इन फाइंडिंग्‍स से पता चलता है कि मंगल ग्रह के मेंटल में अभी भी मैग्मा एक्टिव है। ह्र्वोजे टकालिक ने कहा, फैक्‍ट यह है कि मंगल ग्रह पर सभी भूकंप एक ही क्षेत्र में पाए गए हैं। यह बताता है कि ग्रह के बारे में जितना सोचा गया था, यह भूकंप के नजरिए से उससे भी ज्‍यादा एक्टिव है।

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iPhone 18 के लॉन्च से पहले ₹7945 सस्ती कीमत में मिल रहा ये आईफोन
  2. iQOO 16, iQOO Neo 12 में मिल सकता है 185Hz तक के रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले 
#ताज़ा ख़बरें
  1. Vivo Y31T 5G के भारत में लॉन्च की तैयारी, लीक हुआ प्राइस
  2. Infinix Hot 70 Pro 5G अगले महीने होगा भारत में लॉन्च, 4 कलर्स के होंगे ऑप्शन
  3. iQOO 16, iQOO Neo 12 में मिल सकता है 185Hz तक के रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले 
  4. iPhone 17 Pro के जैसा हो सकता है iPhone 18 Pro का डिजाइन
  5. Lava Bold N4 Lite जल्द होगा भारत में लॉन्च, स्क्वेयर-शेप कैमरा मॉड्यूल
  6. Moto G Max की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स 
  7. SIM कार्ड के नियम 24 अगस्त से बदल रहे, पार की लिमिट तो कनेक्शन हो जाएगा बंद
  8. AI अब सिर्फ Chatbot नहीं! ChatGPT से परे ये 4 भारतीय AI टेक्नोलॉजी बदल रही हैं डिजिटल एक्सपीरिएंस
  9. 82% भारतीयों के हाथ से गिरा मोबाइल, प्रोटेक्शन फिर भी नहीं लिया!
  10. Best 4G Feature Phones: ₹1,500 से कम के 6 धांसू फीचर फोन, 4G से लेकर UPI सपोर्ट तक, मिलेगा बहुत कुछ
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.