• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • रात में जागने वाले सावधान! इन आदतों के कारण जल्दी हो सकते हैं मौत का शिकार!

रात में जागने वाले सावधान! इन आदतों के कारण जल्दी हो सकते हैं मौत का शिकार!

37 साल की यह रिसर्च 2018 में पूरी हुई बताई जा रही है।

रात में जागने वाले सावधान! इन आदतों के कारण जल्दी हो सकते हैं मौत का शिकार!

Photo Credit: The Guardian

रात में जागने वाले लोगों के लिए एक नई स्टडी सामने आई है।

ख़ास बातें
  • 37 साल की यह रिसर्च 2018 में पूरी हुई बताई जा रही है
  • इस दौरान रिसर्च में शामिल 8700 लोगों की मौत भी हो गई
  • रात में जागना मौत का उतना बड़ा कारण नहीं है, जितना कि लोगों का लाइफस्टाइल
विज्ञापन
रात का मानव जीवन ही नहीं, बल्कि हर जीव के जीवन में बहुत महत्व है। रात ही वह समय होता है, जब हमारा शरीर अपने आपको दुरुस्त करता है। अगली सुबह के लिए नई ताकत संजोता है। लेकिन आजकल के समय में लोगों ने रात को दिन की तरह ही इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। रात में देर तक घंटों जागते रहने से कितना बड़ा खतरा हो सकता है, ये जानकर शायद आपको झटका लग सकता है। एक नई स्टडी इस बारे में चौंकाने वाला खुलासा कर रही है। 

रात में जागने वाले लोगों के लिए एक नई स्टडी सामने आई है। जिसमें कहा गया है कि जो लोग रात में देर तक जागते हैं वो अपनी इस एक आदत के कारण जल्दी नहीं मरते हैं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की आदतों का इसमें ज्यादा हाथ होता है। इसका मतलब देर तक जागने की आदत को जल्दी मौत होने से इतना लेना-देना नहीं है, जितना कि लाइफस्टाइल से है। फिनलैंड में यह शोध किया गया है। जिसमें 23 हजार लोगों के 37 साल के डेटा को लेकर स्टडी की गई।

इसमें पता लगाया गया कि रात में जागने के कारण क्या कुछ दशकों में ही इन्सान की मौत हो सकती है? इससे पहले इस विषय पर जो स्टडी सामने आईं थीं, उनमें कहा गया था कि रात में जागने से आदमी की मौत जल्दी नजदीक आ जाती है और उसका व्यवहार भी ठीक नहीं रहता है। Chronobiology International में अब यह नई स्टडी प्रकाशित हुई है। 

37 साल की यह रिसर्च 2018 में पूरी हुई बताई जा रही है। इस दौरान रिसर्च में शामिल 8700 लोगों की मौत भी हो गई। भागीदारों से सवाल किया गया था कि क्या वे सुबह जल्दी उठने वाले इन्सान हैं, या थोड़ा लेट उठते हैं, या फिर पूरी रात ही जागते रहते हैं। सवाल के जवाब में जिन्होंने कहा कि वे पूरी रात जागते रहते हैं, उनमें जल्दी मौत का रिस्क 21% अधिक पाया गया, उन लोगों की अपेक्षा जो रात में अच्छी तरह सोकर सुबह जल्दी उठ जाते हैं। 

लेकिन कहानी में नया मोड़ तब आया, जब शोधकर्ताओँ ने इसमें बॉडी मास इंडेक्स (BMI), स्लीप ड्यूरेशन, एजुकेशन लेवल, पुराने रोग, शराब का सेवन, धूम्रपान जैसे कारकों को शामिल किया। इसके बाद पाया गया कि सिर्फ रात में जागने से होने वाली मौतों का प्रतिशत केवल 9 ही रह गया। कुल मिलाकर शोधकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि रात में जागना मौत का उतना बड़ा कारण नहीं है, जितना कि लोगों का लाइफस्टाइल इसके लिए जिम्मेदार होता है। इसलिए लम्बे, स्वस्थ जीवन के लिए सेहत का ध्यान रखना सबसे जरूरी माना गया है और लाभकारी आदतों को अपनाने की ही सलाह दी जाती है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Poco X8 Pro और Poco X8 Pro Max में मिल सकती है 1.5K OLED स्क्रीन
  2. Tata Punch EV फेसलिफ्ट हुई लॉन्च: 468km रेंज, वेंटिलेटेड सीट्स और सनरूफ भी! जानें सभी वेरिएंट्स की कीमत
  3. 6 ग्रहों की परेड का दिखेगा नजारा! सबसे बड़ा ग्रह जुपिटर भी होगा शामिल, नोट कर लें दिन और समय
  4. Realme P4 Lite 4G भारत में लॉन्च: जानें 6300mAh बैटरी और Pulse Light डिजाइन वाले बजट फोन की कीमत
  5. Amazfit T Rex Ultra 2: टाइटेनियम बॉडी और 6 सैटेलाइट GPS वाली नई स्मार्टवॉच हुई लॉन्च, जानें कीमत
  6. Lava Bold N2 vs Samsung Galaxy F07 vs Moto G06 Power: Rs 8 हजार के अंदर कौन बेहतर?
  7. QR Code की क्रांति! दुनिया का सबसे छोटा क्यूआर कोड, हजारों सालों तक डेटा करेगा स्टोर, जानें कैसे
  8. WhatsApp के इस फीचर से खत्म हो गई नए ग्रुप मेंबर्स की सबसे बड़ी टेंशन!
  9. PhonePe पर अब बिना PIN डाले होगी UPI पेमेंट, फीचर को ऐसे करें एक्टिवेट
  10. AI के कारण कम हो रही हैं जॉब्स, इस देश से हुई शुरुआत!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »