नासा की डराने वाली खबर! खो जाएगा धरती का इकलौता चांद, न होगी चांदनी, न दिखेगा सूर्य ग्रहण ...

5 करोड़ साल बाद फोबोस मंगल की सतह से टकरा कर चूर-चूर हो जाएगा। इसके उलट इसका दूसरा चांद डीमोस इससे दूर चला जाएगा।  

विज्ञापन
हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 1 मई 2022 18:21 IST
ख़ास बातें
  • फोबोस चंद्रमा एक दिन मंगल की सतह से टकराकर बिखर जाएगा।
  • मंगल के दो चंद्रमा हैं- फोबोस और डीमोस।
  • 60 करोड़ साल बाद धरती से नहीं दिखेगा कोई सूर्य ग्रहण-नासा

फोबोस हर 100 साल में 6 फीट यानि 1.8 मीटर से मंगल के करीब सरकता जा रहा है।

NASA ने एक डराने वाली खबर दी है। मंगल ग्रह का चंद्रमा एक दिन इसके करीब आते-आते इसकी सतह से टकरा जाएगा और धरती का चंद्रमा हमेशा के लिए धरती से दूर हो जाएगा। नासा ने कहा है कि मंगल ग्रह का चंद्रमा धीरे-धीरे इसकी सतह के करीब आ रहा है। इसी तरह से धरती का चंद्रमा इसकी सतह से धीरे-धीरे दूर होता जा रहा है। इस गति का अंत ये होगा कि मंगल का चंद्रमा इसकी सतह से टकरा कर टुकडों में बिखर जाएगा और धरती की रातें एक समय बाद हमेशा के लिए अंधेरी हो जाएंगी। 

हाल ही में नासा के पर्सवेरेंस रोवर ने मंगल के चंद्रमा फोबोस की शानदार तस्वीरे ली हैं। नासा ने इन्हें शेयर करने के साथ-साथ एक और तथ्य से पर्दा उठाया है। मंगल के दो चंद्रमा हैं- फोबोस और डीमोस। इसका फोबोस मून धीरे-धीरे लाल ग्रह की सतह के करीब आ रहा है। नासा ने अपनी वेबसाइट पर एक पोस्ट में इसकी मंगल के करीब आने की चाल के बारे में भी बताया है। जिसके मुताबिक, फोबोस हर 100 साल में 6 फीट यानि 1.8 मीटर से मंगल के करीब सरकता जा रहा है। इस हिसाब से 5 करोड़ साल बाद यह मंगल की सतह से टकरा कर चूर चूर हो जाएगा। इसके उलट इसका दूसरा चांद डीमोस इससे दूर चला जाएगा।  

इससे भी अधिक चौंकाने वाली एक और भविष्यवाणी नासा ने ये की है कि धरती का चांद इससे दूर सरकता जा रहा है। यानि कि जिस चांद की ठंडी चांदनी का आनंद हम वर्तमान में ले रहे हैं, एक दिन यह चांद धरती से गायब हो जाने वाला है। नासा ने कहा है कि नीले ग्रह का एकलौता चांद हर साल इससे दूर होता जा रहा है। इसके सरकने की गति भी नासा ने बताई है। चंद्रमा पृथ्वी से 3.78 सेंटीमीटर (1.5 इंच) की दूरी से हर साल दूर होता जा रहा है। चंद्रमा अगर धरती से हमेशा के लिए दूर हो गया तो इसके कई बुरे परिणाम होंगे। 

सबसे पहले तो, रात में चांद की जो सफेद चांदनी ठंडक बिखेरती है, वह धरती को मिलनी बंद हो जाएगी। यानि कि चंद्रमा के खो जाने के बाद धरती पर रातें घोर अंधेरी हो जाएंगी। दूसरा परिणाम ये होगा कि धरती पर सूर्य ग्रहणों की संख्या कम हो जाएगी और एक दिन ऐसा आएगा जब धरती से कभी सूर्य ग्रहण नहीं देखा जा सकेगा। नासा ने भविष्यवाणी की है कि 60 करोड़ साल बाद धरती अपना आखिरी सूर्य ग्रहण देखेगी। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: NASA, Phobos, Mars, Moon

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus N6 Launched in India: 8,000mAh बैटरी वाला सबसे सस्ता वनप्लस फोन
  2. Nothing Phone 4b में होगा Snapdragon चिपसेट, अगले सप्ताह लॉन्च
#ताज़ा ख़बरें
  1. mAadhaar ऐप का आज आखिरी दिन! नए ऐप में मिलेंगी सभी सर्विस, ऐसे करें डाउनलोड
  2. Vivo X Fold 6 जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च
  3. दुनिया में पहली बार! न्यूक्लियर रिएक्टर की गर्मी से बनाई ग्रीन हाइड्रोजन, भारत ने रचा इतिहास
  4. Nothing Phone 4b में मिल सकती है 6,000mAh की बैटरी, भारत में अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  5. Acer ने भारत में लॉन्च किया TravelLite TL24-54M लैपटॉप, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  6. Amazon Prime Day Sale 2026: OnePlus 13 सिर्फ ₹49,999 में, OnePlus 15 और Nord सीरीज पर भी तगड़े ऑफर्स!
  7. OnePlus N6 Launched in India: 8,000mAh बैटरी वाला सबसे सस्ता वनप्लस फोन
  8. Amazon Prime Day Sale 2026: ₹85 हजार से कम में Galaxy S25 Ultra, साल की सबसे बड़ी डील
  9. Delhi EV Policy 2026: ₹1 लाख तक का फायदा, पेट्रोल-CNG टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन होगा बंद, जानें सब कुछ
  10. WhatsApp Username Booking: बिना नंबर के शुरू होगी चैट, ऐेसे रिजर्व होगा आपका यूजरनेम
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.