Nasa को अंतरिक्ष में मिली ‘स्‍पेशल चीज’, बना सकती है ढेर सारी पृथ्‍वी

NASA : IRAS 2A और IRAS 23385 नाम के दो प्रोटोस्‍टार के आसपास रासायनिक तत्‍व मिले हैं। इनमें पृथ्‍वी पर पाए जाने वाले मार्गरिट्स (margaritas), सिरका (vinegar) और stings जैसे कंपाउंड्स की मौजूदगी है।

Nasa को अंतरिक्ष में मिली ‘स्‍पेशल चीज’, बना सकती है ढेर सारी पृथ्‍वी

वैज्ञानिकों की टीम ने इन रासायनिक तत्‍वों का पता लगाने के लिए जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप के एमआईआरआई (मिड-इन्फ्रारेड इंस्ट्रूमेंट) का इस्‍तेमाल किया।

ख़ास बातें
  • दो प्रोटोस्‍टार के आसपास मिला मटीरियल
  • उनमें मिले ऐसे कंंपाउंड्स जो पृथ्‍वी पर मौजूद चीजों में मिलते हैं
  • यह जीवन की संभावनाओं का संकेत हो सकता है
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पृथ्‍वी से बाहर जीवन की तलाश में वैज्ञानिक पूरे ब्रह्मांड को टटोल रहे हैं। इस काम में मददगार साबित हो रहा है नासा का जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलीस्‍कोप (James Webb Space Telescope)। टेलीस्‍कोप को साल 2021 में लॉन्‍च किया गया था। 2022 के जुलाई महीने से उसने तस्‍वीरें भेजना शुरू किया। जेम्‍स वेब की मदद से वैज्ञानिकों को  स्‍पेस में दो प्रोटोस्‍टार के चारों तरफ कुछ मटीरियल का पता चला है। यह जीवन की संभावनाओं का संकेत हो सकते हैं।  

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के अनुसार, IRAS 2A और IRAS 23385 नाम के दो प्रोटोस्‍टार के आसपास कुछ रासायनिक तत्‍व मिले हैं। इनमें पृथ्‍वी पर पाए जाने वाले मार्गरिट्स (margaritas), सिरका (vinegar) और stings में मौजूद कंपाउंड्स हैं। 

वैज्ञानिकों की टीम ने इन रासायनिक तत्‍वों का पता लगाने के लिए जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप के एमआईआरआई (मिड-इन्फ्रारेड इंस्ट्रूमेंट) का इस्‍तेमाल किया। हालांकि नासा का कहना है कि इन तत्‍वों के कारण तारों के आसपास अभी ग्रहों का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। लेकिन जो मॉलिक्‍यूल्‍स मिले हैं, वह जीवन के लिए जरूरी तत्‍वों का प्रतिनिधित्‍व करते हैं। 

नासा का कहना है कि ये मॉलिक्‍यूल्‍स, धूमकेतु (comets) और एस्‍टरॉयड्स से जुड़ सकते हैं या भविष्‍य में किसी ग्रह का हिस्‍सा बन सकते हैं। वैज्ञानिकों ने कुछ अन्‍य मॉलिक्‍यूल्‍स जैसे- फॉर्मिक एसिड, मीथेन, फॉर्मेल्डिहाइड और सल्‍फर डाइ ऑक्‍साइड को भी स्‍पेस में पाया है। रिसर्च बताती है कि सल्फर डाइऑक्साइड ने अरबों साल पहले पृथ्‍वी पर जीवन पनपने में भी भूमिका निभाई थी। 

वेब टेलीस्‍कोप की मदद से मिले डेटा को वैज्ञानिक अभी परख रहे हैं। वह यह तो नहीं जानते कि इन मॉलिक्‍यूल्‍स से जीवन पनपेगा या नहीं, लेकिन किसी नए ग्रह के निर्माण में ये मॉलिक्‍यूल्‍स शामिल हुए, तो चमत्‍कार हो सकता है!
 
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