• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • एस्‍टरॉयड्स से अब पृथ्‍वी को कोई खतरा नहीं! Nasa के DART मिशन ने रचा इतिहास, जानें पूरा मामला

एस्‍टरॉयड्स से अब पृथ्‍वी को कोई खतरा नहीं! Nasa के DART मिशन ने रचा इतिहास, जानें पूरा मामला

DART की टक्‍कर ने डिमोर्फोस की कक्षा को 11 घंटे 55 मिनट से 11 घंटे और 23 मिनट तक छोटा कर दिया।

एस्‍टरॉयड्स से अब पृथ्‍वी को कोई खतरा नहीं! Nasa के DART मिशन ने रचा इतिहास, जानें पूरा मामला

नासा के प्रमुख बिल नेल्सन ने कहा हमने दुनिया को दिखाया है कि नासा पृथ्‍वी के रक्षक के रूप में गंभीर है।

ख़ास बातें
  • नासा ने कहा, एस्‍टरॉयड की दिशा बदलने में मिली कामयाबी
  • 26 सितंबर को नासा का स्‍पेसक्राफ्ट टकराया था एस्‍टरॉयड से
  • यह टक्‍कर जानबूझकर कराई गई थी
विज्ञापन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) का DART मिशन सफल रहा है। पिछले महीने 26 सितंबर को नासा का डबल एस्‍टरॉयड रीडायरेक्‍शन टेस्‍ट (DART) स्‍पेसक्राफ्ट जानबूझकर डिमोर्फोस (Dimorphos) नाम के एक एस्‍टरॉयड से टकराया था। टक्‍कर करके नासा यह जानना चाहती थी कि इससे एस्‍टरॉयड की कक्षा में बदलाव होता है या नहीं। मिशन की सफलता का सीधा मतलब है कि भविष्‍य में भी ऐसा करके एस्‍टरॉयड की दिशा को बदला जा सकेगा और पृथ्‍वी के लिए खतरा बनने वाले  एस्‍टरॉयड्स को ‘रास्‍ते से हटाया' जा सकेगा। 

मंगलवार को नासा ने कहा कि वह एस्‍टरॉयड को विक्षेपित (deflecting) करने में सफल रही है। नासा के प्रमुख बिल नेल्सन ने कहा कि फ्रिज के आकार का DART इम्‍पैक्‍टर जानबूझकर डिमोर्फोस एस्‍टरॉयड में घुस गया था। इस टक्‍कर के असर से वह डिडिमोस (Didymos) के चारों ओर एक छोटी व तेज कक्षा में चला गया। ध्‍यान रहे कि डिमोर्फोस, डिडिमोस की परिक्रमा करता है। 
 

DART की टक्‍कर ने डिमोर्फोस की कक्षा को 11 घंटे 55 मिनट से 11 घंटे और 23 मिनट तक छोटा कर दिया। नासा ने उम्‍मीद लगाई थी कि इस टक्‍कर से डिमोर्फोस की गति में 10 मिनट तक का बदलाव हो सकता है, लेकिन परिणाम उम्‍मीद से बेहतर रहे हैं और डिमोर्फोस की कक्षीय अवधि 32 मिनट तक तेज हुई है। नेल्सन ने कहा कि हमने दुनिया को दिखाया है कि नासा पृथ्‍वी के रक्षक के रूप में गंभीर है।

डिमोर्फोस और डिडिमोस की जोड़ी सूर्य के चारों ओर हर 2.1 साल में एकसाथ घूमती है और अब यह हमारे ग्रह के लिए कोई खतरा नहीं है। गौरतलब है कि इस टक्‍कर के बाद डिमोर्फोस से निकला मलबा अंतरिक्ष में 10 हजार किलोमीटर तक एक पूंछ के रूप में फैल गया था। SOAR टेलिस्‍कोप से ली गई इमेज में यह जानकारी सामने आई थी। 

डिमोर्फोस एक छोटा एस्‍टरॉयड उपग्रह है जिसे साल 2003 में खोजा गया था। यह एस्‍टरॉयड डिडिमोस का एक चंद्रमा है। इस पर गतिज प्रभाव तकनीक (kinetic impact technique) का परीक्षण दुनिया में पहली बार किया गया। ऐसा करके वैज्ञानिक यह परखना चाहते थे कि भविष्‍य में जब कोई एस्‍टरॉयड पृथ्‍वी की ओर आएगा तो इस तकनीक की मदद से क्‍या उसकी दिशा बदली जा सकेगी। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

प्रेम त्रिपाठी

प्रेम त्रिपाठी Gadgets 360 में चीफ सब एडिटर हैं। 10 साल प्रिंट मीडिया ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में BMW के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स में तीन गुना की बढ़ोतरी
  2. Ola Electric ने शुरू की हायपर डिलीवरी, कस्टमर्स को कुछ घंटे में मिलेगा इलेक्ट्रिक स्कूटर
  3. CMF Phone 2 भारत में जल्द होगा लॉन्च? Flipkart पर लाइव हुआ टीजर पेज
  4. स्पैम कॉल,साइबर फ्रॉड पर DoT की बड़ी कार्रवाई, 1.75 लाख टेलीफोन नंबरों को किया बंद
  5. BSNL के Reliance Jio को बिल न देने से सरकार को हुआ 1,758 करोड़ रुपये का नुकसान
  6. Alcatel की भारत में वापसी! प्रीमियम स्मार्टफोन रेंज करेगी लॉन्च, Make in India के तहत भारत में बनेंगे डिवाइस
  7. 1399 रुपये में itel King Signal फोन लॉन्च, 3 सिम के साथ फास्ट नेटवर्क सपोर्ट और गजब फीचर्स
  8. WhatsApp ने फरवरी में 97 लाख से अधिक भारतीय अकाउंट्स किए बैन
  9. दुनिया का पहला डबल स्क्रीन वाला रग्ड फोन Ulefone Armor 30 Pro होगा 14 अप्रैल को लॉन्च
  10. अंतरिक्ष में रचा इतिहास! Elon Musk की SpaceX ने दिखाया पृथ्वी का अनदेखा हिस्सा, देखें वीडियो
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »